अजीबोगरीब कपड़े पर्यटक पहनते हैं स्थानीय लोग नहींः मुख्यमंत्री


-बादल के बयान का पारसेकर ने दिया मावूâल जवाब
पणजी। समुद्री तटों पर बिकनी पहनकर घूमने वाली महिलाएं या `अजीबोगरीब’ कपड़े पहनकर टहलने वाले लोग पर्यटक होते हैं, न कि स्थानीय निवासी। यह कहना है राज्य के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर का। उन्होंने कहा कि राज्य के बारे में `गलत धारणा’ के लिए गोवा के लोगों पर दोष नहीं लगाया जा सकता। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ‘जो पर्यटक यहां आते हैं वे साथी पर्यटकों को देखते हैं और गलत धारणा लेकर लौटते हैं। आप गोवा के लोगों को सड़कों पर नशे की हालत में या किसी स्थानीय लड़की को बिकनी पहने हुए नहीं पाएंगे।’ मुख्यमंत्री ने यहां चल रही पेâडरेशन आफ पीटीआई एम्प्लाइज यूनियन की र्वािषक आम सभा की बैठक में सोमवार को इस आशय की बात कही। उन्होंने कहा कि ‘आप छोटे परिधानों में लोगों को देख सकते हैं, ये विदेशी हैं। जो बिकनी या अजीबोगरीब परिधान पहने दिखते हैं वे गोवा के लोग नहीं हैं। वे पर्यटक हैं।’ गौरतलब है कि पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर िंसह बादल ने हाल ही में अपने एक बयान में कहा था कि मादक पदार्थ हासिल करने के लिए गोवा सबसे आसान जगह है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पारसेकर ने कहा कि राज्य के तटों पर आने वाला मादक पदार्थ सरकार की िंचता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ‘लेकिन समस्या यह है कि गोवा की तस्वीर लोगों द्वारा अलग अलग कोण से पेश की जाती है। इस देश में ऐसे लोग भी हैं जो यह समझते हैं कि गोवा वासी सुबह होते ही शराब पीना शुरू करते हैं और रात को सोने तक शराब पीते रहते हैं।’ उन्होंने कहा कि ‘एक और गलत धारणा यह है कि राज्य में महिलाएं सबसे कम कपड़े पहनती हैं और ये भी कि तटों पर वे निर्वस्त्र रहती हैं।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि यही मामला बादल के साथ है जो महसूस करते हैं कि गोवा के तटों पर मादक पदार्थ आसानी से उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि गोवा की तस्वीर उससे अलग है जो बादल सोचते हैं। उन्होंने कहा कि गोवा सर्वाधिक सुसंस्कृत राज्य है जहां लोग र्धािमक समरसता के साथ रहते हैं। उन्होंने कहा कि ‘गोवा सबसे सुरक्षित जगह है। इसलिए आपको रात के ११ बजे भी एक अकेली लड़की राज्य की किसी भी सुनसान गली में स्वूâटर चलाती मिल जाएगी।’ यह अलग बात है कि राज्य के तटों पर कुछ सीमा तक वूâड़ा कचरा होने की बात वो स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि ‘आप किसी भी बीच पर चले जाएं। जल प्रदूषण नहीं है लेकिन पर्यटकों की बड़ी संख्या के कारण कचरे की समस्या देखी जा सकती है।’ उन्होंने साथ ही कहा कि राज्य के एकमात्र हवाई अड्डे डेबोलिम पर हर रोज ५० हजार लोग आते हैं। नारियल को वृक्ष की बजाय पाम की श्रेणी में लाए जाने को लेकर पैदा विवाद पर उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी सदस्यों ने मामले को उठाया है जो राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के चक्कर में मुद्दे खोज रहे हैं। मुख्यमंत्री इस बात पर गर्व महसूस करते हैं कि उनके एक भी मंत्री पर पिछले चार साल के शासनकाल में कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा है।