क्या कोरोना की दहशत के बीच 12 मार्च से होगा कांग्रेस का दांडी मार्च?


(PC : thehindubusinessline.com)

राहुल-प्रियंका होने वाले हैं शामिल 

अहमदाबाद।  महात्मा गांधी की तर्ज कांग्रेस गुजरात से 12 मार्च को अब तक की सबसे बड़ी दांडी यात्रा का आयोजन करने जा रही है। हालांकि सवाल यह है कि दुनिया भर के साथ-साथ भारत में भी जहां कोरोना संक्रमण को लेकर दहशत है और केंद्र सरकार से लेकर विभिन्न राज्य सरकारें एतिहाती कदम उठा रही हैं, लोगों को बीमारी के रोकथाम के लिये जागरूक किया जा रहा है, ऐसे हालात में क्या यह मार्च होगा? एक ओर जहां आम लोगों से भीड़-भाड़ वाले इलकों से दूर रहने को कहा जा रहा है, वहीं ऐसे समय में इस प्रकार जनमेदनी लेकर सड़कों पर चलना उचित रहेगा। देखना होगा, गुजराज सरकार इस यात्रा को मंजूरी देती है या नहीं?

यद्यपि 12 मार्च से होने जा रहे इस आयोजन में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी भी हिस्सा लेने के लिए गुजरात पहुंचेंगे। यह यात्रा अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से शुरू होकर 6 अप्रैल तक चलेगी। 27 दिनों में यह 386 किलोमीटर का सफर तय करेगी। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी इस 27 दिन की पदयात्रा में शामिल होंगे। जानकारी के मुताबिक, जिस दिन दांडी यात्रा पूरी होगी, उस दिन सोनिया और राहुल गांधी एक सार्वजनिक सभा को संबोधित कर सकते हैं। इसमें सभी कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के चीफ मौजूद रहेंगे।

इस यात्रा का मकसद बापू की दांडी मार्च की भावना को याद करना और उसे दोहराना है। एक बयान में कांग्रेस ने कहा, ‘हम संविधान के मूल्यों की रक्षा और बढ़ावा देने व गांधीजी के विचारों खासकर सत्य, शांति, अहिंसा और सामाजिक सद्भाव से जुड़े संकल्प को फिर से स्थापित करेंगे।’ पार्टी ने यह भी कहा कि गांधी संदेश यात्रा हमारी युवा पीढ़ी को बताएगी कि राष्ट्रपिता से हमें क्या चीज विरासत में मिली है। पार्टी ने इस यात्रा को सफल बनाने के लिए सभी पीसीसी को अपने नेताओं के साथ शामिल होने का निर्देश दिया है।

ज्ञात हो कि 12 मार्च 1930 को ही महात्मा गांधी ने दांडी यात्रा की शुरुआत की थी, जो 6 अप्रैल 1930 को खत्म हुई थी। बापू के ऐतिहासिक दांडी मार्च को इस साल 90 वर्ष पूरे हो रहे हैं।

(ईएमएस और अन्य इनपूट सहित)