सूरत अग्निकांड के बाद भी सुस्त गांधीनगर सिविल अस्पताल, VIP वॉर्ड में गीजर में लगी आग


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सूरत की घटना के बाद जगह-जगह अग्नी सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं, सभी जगह अग्नी विभाग आग को लेकर और सतर्क हो गए हैं तथा नियमों को पूर्ण रूप से पालन हो इसके लिए कदम बढ़ा रहे हैं। इस सब के बावजूद भी गांधीनगर सिविल तथा मेडिकल कॉलेज में आग के उपकरणों का परीक्षण नहीं किया गया है और एनओसी भी नहीं ली गई है। इस स्थिति में, गुरुवार सुबह वीआईपी वार्ड में, गीजर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इसके कारण अस्पताल में खलबली मच गई।

हालांकि सूरत में हुए हादसे के बाद सरकार सक्रिय हो गई है और अग्नि सुरक्षा की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, और इसके बावजूद गांधीनगर सिविल में सब सलामत है जांचने के‌ लिए  फायर सेफ्टी को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधिकांश लोग एक ही समय में सिविल अस्पताल में मौजूद होते हैं लेकिन यहां फायर सेफ्टी के बारे में अग्निशमन विभाग की कोई एनओसी नहीं है।

सिविल अस्पताल और मेडिकल कॉलेज सहित आठ मंजिला आवासीय भवनों में से तीन में अग्निशमन उपकरण किसी काम के नहीं हैं। इतना ही नहीं अस्पताल ने एनओसी भी नहीं ली है। अब इशी सिविल असेपतान में आज सुबह आग की घटना बन गई।

अस्पताल के वीआईपी वार्ड में एक कमरे में गीजर शुरू किया गया था। कुछ ही समय बाद, शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। इसे देख कर मरीज डर ​​गया और कमरे से बाहर भाग गया। जब नर्सिंग स्टाफ को आग लगने का अहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत एक एक्सटिंग्व‌िशर की मदद से आग बुझाई।

कुछ देर के लिए आग की घटना को देख अस्पताल में भागम भाग हो गई तथा तंत्र के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। गौरतलब है कि गांधीनगर महानगर पालिका के अग्निशमन विभाग ने पांच महीने पहले गांधीनगर सिविल अस्पताल को फायर सिस्टम पर नोटिस जारी किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसा लग रहा है कि अधिकारी बड़ी घटना बनने का इंतजार कर रहे हैं।