नमक पर टैक्स के विरोध में हुए दांडी सत्याग्रह के स्मारक पर एन्ट्री-फी क्यों?


(PC : facebook.com/DandiMarchMemorial)

गांधी सोल्ट मेमोरियल देखने आने वाले लोगों ने प्रवेश-शुल्क का विरोध किया

अंग्रेजों द्वारा नमक पर लिये जाने वाले कर को रद्द करने के लिये राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा अपने ८० अनुयायियों के साथ दांडी यात्रा की गई थी। दांडी पहुंचकर गांधीजी ने मुठ्ठी नमक ऊठाकर उस पर लगे कर का विरोध किया था। महात्मा गांधी की इसी एतिहासिक दांडी यात्रा की याद में गुजरात सरकार द्वारा दांडी स्मारक बनाया गया है। इस स्मारक को लोकार्पण पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था।

महात्मा गांधी ने जो नमक सत्याग्रह किया उसके संस्मरणों को देखने और ऐतिहासिक घटना से प्रेरणा लेने बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आने लगे हैं, लेकिन उन्हें यहां प्रवेश-शुल्क चुकाना पड़ा रहा है। जो सैलानी यहां आ रहे हैं, उनके पर्यटन विभाग २०, ३० और १०० रुपये टिकट के एवज में वसूल कर रहा है। इस बात को लेकर पर्यटकों में रोष देखा जा रहा है।

पर्यटकों ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि यहां वसूला जाने वाला शुल्क अनुचित है। इसका कारण देते हुए वे कहते हैं कि गांधीजी ने जिस नमक सत्याग्रह का प्रारंभ किया था और तब जो यात्रा की थी, उसी की यादों को ताजा करने के लिये यह सुंदर स्मारक बनाया गया है, लेकिन स्मारक पर जो ‘कर’ वसूला जा रहा है वह अनुचित है।

कुछ अन्य लोगों ने कहा कि जब वे यहां पहुंचे तो उन्हें लगा था कि यहां प्रवेश निःशुल्क होगा, लेकिन यहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि यहां तो स्मारक देखने के लिये शुल्क चुकाना पड़ रहा है।