गुजरात पुलिस द्वारा राजस्थान से शराब तस्करी मामले में राजस्थान CID DGP को सौंपेगी रिपोर्ट


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लोकसभा चुनाव के दौरान शराब का ट्रक घुसवाने वाले गांधीनगर के पुलिस निरीक्षक को राजस्थान पुलिस ने शराब के ट्रक के साथ पकड़ लिया था। हालाँकि, राजस्थान और गुजरात पुलिस के बातचीत के बाद 20 लाख रु. में समझौता हुआ, लेकिन यह मामला राजस्थान पुलिस की CID क्राइम ब्रांच ने जांच पूर्ण कर दिया और आज अपनी रिपोर्ट राजस्थान के DGP को सौंपेंगे।

चुनाव के दौरान राजस्थान पुलिस के कड़े नाकाबंदी के दौरान, राजस्थान पुलिस ने शराब के एक ट्रक को पकड़ा था, जिसमें गांधीनगर के पुलिस जवान भी थे, साथ ही एक बोलेरो कार में गांधीनगर के पुलिस निरीक्षक थे। गांधीनगर पुलिस इंस्पेक्टर के अपनी पहचान देने के बाद भी मामला निपटा नहीं जिसके कारण इंस्पेक्टर को अपने सीनियर्स के ध्यान पर इस घटना को रखने के लिए मजबूर होना पड़ा। अधिकारियों को पता चला कि एक पुलिस निरीक्षक शराब लेने राजस्थान जाता है तो वह हैरान हो गए। हालांकि, उन्होंने किसी भी मदद की पेशकश करने के बजाय किसी भी कीमत पर बचने की सलाह दी। पुलिस इंस्पेक्टर का दावा है कि वह राज्य के एक बहुत बड़े नेता के निर्देश पर यह काम कर रहा था।

हालांकि, सूत्रों का कहना है कि यह राजनेता पुलिस निरीक्षक अधिकारी को ऐसे काम नहीं सौंपता है। ज़रूर शराब एक अलग वजह से लाई गई थी। गुजरात पुलिस की बदनामी के कारण, गुजरात पुलिस ने इस पूरे मुद्दे पर पर्दा डाल दिया था, लेकिन दूसरी ओर घटना मीडिया में प्रकाशित होने के कारण राजस्थान के डीजीपी ने जांच का आदेश दिया। राजस्थान सीआईडी ​​अपराध शाखा नें राजस्थान पुलिस चौकी में घटना के समय कौन ड्यूटी पर था। साथ ही गुजरात पुलिस के कौन अधिकारी राजस्थान आए घटना किस प्रकार घटी इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की, जिसे राजस्थान के DGP को सौंप दिया जाएगा, इस रिपोर्ट से गुजरात और राजस्थान की समस्या एक बार फिर बढ़ सकती है।