गांधीनगर में भाषण देते हुए बोली प्रियंका, लगता था रो ही पड़ुंगी


गुजरात के गांधीनगर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी, प्रेम और अहिंसा की बात करते हुए सत्तारूढ़ पार्टी पर निशाना साधा।
Photo/Twitter

फिजूल के मुद्दे उठाए जाएंगे, इस कारण आपको जागरूक होना है

गांधीनगर । कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तरप्रदेश की प्रभारी बनने के बाद प्रियंका गांधी ने पहली बार मंगलवार को गुजरात के गांधीनगर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी, प्रेम और अहिंसा की बात करते हुए सत्तारूढ़ पार्टी पर निशाना साधा। बीजेपी पर हमला करते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यह देश आपका है, जो लोग बड़ी-बड़ी बातें करते हैं उनसे पूछे कि जो १५ लाख आपके खाते में आने थे, वे कहां हैं। २ करोड़ नौकरियों के वादे का क्या हुआ? उन्होंने कहा कि आने वाले दो महीनों में फिजूल के मुद्दे उठाए जाएंगे, इसकारण आपको जागरूक होना है क्योंकि इस चुनाव के जरिए आप अपना भविष्य चुनने जा रहे हैं। संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रियंका ने कहा, ‘मुझे मालूम था कि आज मीटिंग है लेकिन मन में सोचा था कि शायद भाषण देने की जरूरत न पड़े। मैं भाषण नहीं देती हूं आपसे दो शब्द कहती हूं जो मेरे दिल में है। प्रियंका गांधी ने कहा कि मैं पहली बार गुजरात आई हूं और पहली बार साबरमती के उस आश्रम में गई, जहां से महात्मा गांधी ने इस देश की आजादी का संघर्ष शुरू किया था।

उन्होंने कहा,वहां उन पेड़ों के नीचे बैठे हुए मेरे आंसू आ गए। मैंने उन देशभक्तों के बारे में सोचा, जिन्होंने इस देश के लिए अपनी जान दे दी। जिनके बलिदानों पर इस देश की नींव पड़ी है। वहां बैठे हुए मन में ये बात आई कि ये देश प्रेम, सद्भावना और आपसी प्यार के आधार पर बना है लेकिन आज जो कुछ देश में हो रहा है, उससे दुख होता है।’प्रियंका ने कहा, मैं दिल से आपसे कहना चाहती हूं कि इससे बड़ी कोई देशभक्ति नहीं है कि आप जागरूक बनें। आपकी जागरूकता एक हथियार है। आपका वोट एक हथियार है लेकिन यह ऐसा हथियार है जिससे किसी को चोट नहीं पहुंचानी, किसी को दुख नहीं देना, किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना। यह ऐसा हथियार है जो आपको मजबूत बनाएगा। आपको बहुत गहराई से सोचना पड़ेगा कि यह चुनाव क्या है?’

प्रियंका ने कहा कि इस चुनाव के जरिए आप अपना भविष्य चुनने जा रहे हैं। इसतहर के फिजूल के मुद्दे नहीं उठने चाहिए। आपके लिए मुद्दे वहीं उठने चाहिए जिसमें आपका हित है। नौजवानों को रोजगार कैसे मिलेगा, महिलाएं आगे कैसे बढ़ेंगी, वे सुरक्षित कैसे रहेंगी? किसानों के लिए क्या किया जाएगा? ये चुनावी मुद्दे हैं। आपकी जागरूकता ही इन मुद्दों को आगे ला सकती है। इस बार सोच-समझकर ही निर्णय लें। उन्होंने कहा कि जो आपके साथ बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, बड़े-बड़े वादे करते हैं।

प्रियंका ने कहा कि यहां जहां से आजादी की लड़ाई शुरू हुई थी। जहां से गांधी जी ने प्रेम, अहिंसा और सद्भावना की आवाज उठाई है। मैं सोचती हूं कि यहीं से आवाज उठनी चाहिए, जो अपनी फितरत की बात करते हैं उन्हें बताइए कि इस देश की फितरत क्या है? इस देश की फितरत है कि जर्रे-जर्रे से सच्चाई ढूंढकर निकालेगा। नफरत की हवाओं को प्रेम और करुणा में बदलेगी। उन्होंने कहा कि सही मुद्दे उठाइए, सही सवाल करिए क्योंकि यह देश आपका है। नौजवानों, किसानों और महिलाओं ने इस देश को बनाया है। आप सभी इस जिम्मेदारी को समझिए। इस देश को और किसी ने नहीं बनाया है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्थाएं नष्ट की जा रही हैं। नफरत फैलाई जा रही है। हमारे और आपके लिए इससे बड़ी कोई चीज नहीं हो सकती है कि देश की हिफाजत करें और विकास के लिए मिलकर आगे बढ़ें।

– ईएमएस