गुजरात और महाराष्ट्र के व्यस्त मार्ग पर सेमी हाईस्पीड ट्रेन चलाने की तैयारी


Photo/Twitter

2 घंटे में पूरा होगा मुंबई से पुणे सफर, सेमी हाईस्‍पीड ट्रेन का जल्‍द शुरू होगा ट्रायल

नई दिल्ली (ईएमएस)। नई दिल्‍ली से वाराणसी के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्‍सप्रेस की तर्ज पर भारतीय रेलवे गुजरात और महाराष्‍ट्र के कुछ व्यस्त मार्ग पर सेमी हाईस्‍पीड ट्रेन परिचालित करने की तैयारी में है। अपनी इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए भारतीय रेलवे हाल में चेन्‍नई के इंट्रिगरल कोच फैक्‍टरी में तैयार हुई मेन लाइन इलेक्ट्रिकल मल्‍टीपल यूनिट (मेमू) ट्रेन को ट्रैक में उतारने की तैयारी में है।योजना के तहत, जल्‍द ही इन ट्रेनों का ट्रायल रन गुजरात और महाराष्‍ट्र की प्रमुख रेल लाइनों पर शुरू किया जाएगा। ट्रायल रन के दौरान सब कुछ ठीक रहने के बाद जल्‍द ही सेमी हाई स्‍पीड ट्रेन के जरिए यात्रा के समय को करीब 40 फीसदी तक कम किया जा सकेगा।

भारतीय रेलवे के वरिष्‍ठ अधिकारी के अनुसार, चेन्‍नई स्थिति इंट्रिगरल कोच फैक्‍टरी ने वंदे भारत एक्‍सप्रेस के बाद दो मेन लाइन इलेक्ट्रिकल मल्‍टीपल यूनिट (मेमू) ट्रेन तैयार की थी। ये दोनों मेमू ट्रेनों को मुंबई में चलने वाली लोकल ट्रेन से रिप्‍लेस करने के लिए तैयार किया गया था। आईसीएफ चेन्‍नई द्वारा तैयार इन दोनों ट्रेनों में वह सभी खूबिया मौजूद थी, जो खूबियां मौजूदा वंदे भारत ट्रेन में मौजूद हैं। आईसीएफ चेन्‍नई ने एक एयर कंडीशन्‍ड और दूसरी नॉन एयर कंडीशन्‍ड मेमू ट्रेन तैयार कर साल के शुरूआत में पश्चिम रेलवे को सौंप दी थी। अब इन्‍हीं ट्रेनों को सेमी हाई स्‍पीड ट्रेन के तौर पर मुंबई और गुजरात के कुछ मार्ग पर चलाने की तैयारी है।

भारतीय रेलवे के वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि मौजूदा योजना के तहत, इन दोनों ट्रेनों को फिलहाल मुंबई से पुणे और नासिक से वड़ोदरा के बीच में चलाने की तैयारी की जा रही है। जल्‍द ही इन दोनों मार्ग पर नई मेमू ट्रेन के ट्रायल रन को शुरू कर दिया जाएगा। ट्रायल रन सफल रहने पर मुंबई से पुणे के बीच की 192 किमी दूरी के सफर को महज दो घंटे में तय किया जा सकेगा। वर्तमान समय में इन दोनों शहरों के बीच सफर पूरा करने में करीब साढ़े तीन घंटे लगते हैं। इसी तरह, मुंबई से बडोदरा के बीच 393 किमी के सफर को महज चार घंटे में पूरा किया जा सकेगा। रेलवे के वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि आईसीएफ चेन्‍नई द्वारा तैयार की गई इन मेमो ट्रेन में वह सभी सुविधाएं उपलब्‍ध हैं जो किसी लंबी दूरी की ट्रेनों में उपलब्‍ध होती है। लिहाजा, इन दोनों ट्रेनों को बिना किसी परेशानी के लंबे रूट्स पर चलाया जा सकता है।