विशेष प्रकार के आलू की खेती करने वाले गुजरात के किसानों के खिलाफ पेप्सिको ने केस वापस लिया


गुजरात सरकार के किसानों के पक्ष में खड़े हो जाने के बाद, पेप्सिको कंपनी ने किसाने पर लादा केस वापस लेने का निर्णय कर लिया है।

अहमदाबाद। गुजरात के चार किसान जो एक विशेष प्रकार के आलू जिसे एफसी५ नाम से जाना जाता है, की खेती करते थे, उनके खिलाफ लेज़ आलू चिप्स बनाने वाली कंपनी पेप्सिको ने कर दिया था। पेप्सिको के पास वर्ष 2031 तक इस वेरायटी के आलू की खेती का विशेषाधिकार है। कंपनी के अनुसार उन्होंने चारों किसानों के खिलाफ अदालती कार्रवाई का निर्णय उनके साथ जुड़े उन हजारों किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया था जो इस विशेष प्रकार के आलू की ग्रुप-फार्मिंग में संलग्न हैँ।

चहुं ओर पेप्सिको के इस कृत्य की भर्त्सना और विरोध किये जाने तथा गुजरात सरकार के भी किसानों के पक्ष में खड़े हो जाने के बाद, आखिरी कंपनी ने किसाने पर लादा केस वापस लेने का निर्णय कर लिया है।

कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार सरकार की ओर से इस मामले में दीर्घकालीन समाधान के अवसर तलाशने के मिले आश्वासन के बाद कंपनी ने उक्त केस वापस लेने का निर्णय किया है।

बता दें कि पेप्सिको ने साबरकांठा जिले के वडाली तालुका के चार किसानों के खिलाफ पेप्सिको द्वारा पेटेन्ट किये गये विशेष प्रकार के आलू की खेती करने के चलते एक-एक करोड़ के मुआवजे का मामला अहमदाबाद की एक अदालत में ठोका था। अदालत में २६ अप्रेल को सुनवाई के दौरान यह पेशकश की थी कि यदि चारों किसान कंपनी के साथ आलू की खेती के ग्रुप-फार्मिंग योजना में शामिल हो जाते हैं तो उनके खिलाफ मामले को आगे नहीं बढ़ाया जायेगा। अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख १२ जून तय की थी।

याद रहे कि गुजरात के उप मुख्यमंत्री नीतिन पटेल ने कहा था कि राज्य सरकार इस मामले में एक वादी बनेगी और जरूरत पड़ेगी को हाईकोर्ट में भी जायेगी। सरकार किसानों का साथ देगी। गौरतलब है कि गुजरात के साबरकांठा, बनासकांठा और अरावली जिले आलू की खेती के बड़े केंद्र के रूप में उभरे हैं। बड़ी संख्या में किसान आलू की चिप्स बनाने वाली कंपनियों के लिये खेती कर रहे हैं।