जामनगर में पानी की कमी कैसे दूर कर रही है सरकार


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मानसून में अल्प वर्षा के कारण गुजारत के किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान पानी के अभाव के कारण खेती भी सही ढंग से करने में सक्षम नहीं थे। कई क्षेत्रों में तो पीने के पानी की भी तंगी हो गई। सर्दी का समय तो जैसे-तैसे निकल गया परंतु पानी के अभाव में गर्मीयों का समय निकाल पाना असंभव है। ऐसे में सरकार ने सूखे की आपूर्ती के लिए लिया एक निर्णय।

अब गुजरात सरकार की सौनी योजना के तहत जामनगर के रंजीत सागर बांध में नर्मदा का पानी आने से आसपास के गांवों के निवासियों में आनंद की झलक देखने को मिली है। कम वर्षा के कारण जामनगर में सूखे जैसी स्थिति है और पानी की कमी के कारण किसान रबी की फसल भी नहीं लगा सके हैं। तब गुजरात सरकार ने गुजरात के कुछ क्षेत्रों में सर्वेक्षण कर कई जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों को सूखा घोषित किया। उसके पश्चात गुजरात के गांवों के लोगों के लिए पीने के पानी का अभाव हो रहा है इसके लिए सौनी योजना के तहत पीने के पानी का प्रबंधन करने का फैसला किया है। इसी के चलते सरकार ने जामनगर के रंजीत सागर बांध में नर्मदा से पानी छोड़ा है।

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रणजीत सागर बांध से यह भी जानकारी मिल रही है कि पानी की मौजूदगी के कारण मानसून तक पेयजल बनाए रखा जाएगा। जामनगर के लोगों ने इस संबंध में मीडिया से बात करते हुए कहा कि गांवों के लोगों को बारिश में कमी के कारण कठोर स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में राज्य सरकार ने बांध में पानी भरने का फैसला किया और इस बांध में पानी छोड़ दिया, जिसके लिए हम सरकार को धन्यवाद देते हैं।

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सरकार द्वारा रंजीत सागर बांध से पानी छोड़े जाने पर जामनगर महानगरपालिका के अधिकारियों द्वारा मां नर्मदा की पूजा की गई।