गुजरात में स्वास्थ्य के लिए उठाया एक नया कदम, लोग होंगे खुश


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देश में बढ़ रही बिमारियों के कारण लोगों को बहुत तकलीफ का सामना करना पड़ता है। ऐसे में जो लोग इलाज कराने में सक्षम है वे तो आसानी से रोग की चपेट से निकल जाते हैं परंतु कई लोग अस्पतालों के बिल की लंबी सूची के डर से ही अपने रोग का इलाज नहीं कराते है तथा रोग से जूझते रहते हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेगारी बनती है कि वह ऐसे लोगों की आर्थिक तौर पर किसी तरह सहायता करे तथा उनके लिए योजनाएं बनाए। इसीके चलते भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत के नागरिकों के स्वस्थ्य के लिए लागु की थी जिससे लोग बड़े स्तर की बिमारी का भी इलाज कराने में सक्षम हो सकें।

गुजरात राज्य के स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. जयंती रवि ने कहा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों के लिए लागु की गई आरोग्यलक्षी श्रेष्ठ योजना आयुष्मान भारत-प्राधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ अब गुजरात राज्य के ‘माँ’ और ‘माँ वात्सल्य’ योजनाओं के लाभार्थियों का भी मिलेगा। राज्य के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने इस वर्ष के बजट में मुख्यमंत्री अमृतम ‘माँ’ और ‘माँ वात्सल्य’ योजना के सभी लाभार्थियों को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ देने की घोषणा की थी। यह 1 मार्च, 2019 से लागू किया गया है।

‘माँ’ और ‘माँ वात्सल्य’ योजना के सभी 70 लाख लाभार्थी अर्थात 3.5 करोड़ नागरिकों को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत समान रूप से प्राथमिक, माध्यमिक और गंभीर बीमारियों के लिए लाभान्वित किया जाएगा। स्वास्थ्य आयुक्त डॉ. जयंती रवि ने योजना के लाभ के बारे में बताते हुए कहा कि योजना के तहत पंजीकृत परिवारों को पंजिकृत सरकारी और निजी अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक की देखभाल का क्लेम मिलेगा।

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इसके अलावा प्राथमिक, द्वितीयक और गंभीर बिमारियों में नेत्र रोग, कान, नाक और गले के रोग, महिला रोग, हृदय रोग, मानसिक रोग, गुर्दे के रोग, मस्तिष्क की बीमारियां, गंभीर चोटें, नवजात शिशुओं से संबंधित गंभीर बीमारियां, कैंसर, घुटने के प्रतिस्थापन और गुर्दे के प्रतिस्थापन के उपचार में लाभ मिलेगा। कुल 3110 संबंधित सरकारी और निजी अस्पतालों में उपचार उपलब्ध होगा।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि प्रत्येक लाभार्थी को यात्रा करने के लिए, छुट्टी के समय रु. 300 परिवहन शुल्क उपलब्ध होगा। इस योजना से जुड़े सभी अस्पतालों में प्रधानमंत्री आयुष्मान मित्र भी उपलब्ध होंगे। जो लाभार्थियों की सुविधा के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं और उपचार के समय सहायक होंगे।