हार्दिक पटेल के लोकसभा चुनाव लड़ने में कानूनी पैंच


आगामी १२ मार्च को युवा पाटीदार नेता हार्दिक पटेल कांग्रेस में शामिल होंगे और फिर लोकसभा चुनाव में जामनगर की सीट से अपना भाग्य आजमायेंगे, ऐसी चर्चाओं के बीच एक खबर यह भी है कि हार्दिक शायद चाहकर भी चुनाव न लड़ पाएं।

बता दें कि जुलाई २०१५ में गुजरात के विसनगर के विधायक के कार्यालय में तोड़फोड़ के मामले में हार्दिक को २ वर्ष की सजा सुनाई गई थी। जन प्रतिनिधित्व की धारा ८(३) के अनुसार जिस किसी व्यक्ति को किसी अपराध में दो वर्ष या उससे अधिक की सजा हुई हो तो वह व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता। जिसे २ वर्ष की सजा हुई हो, वह ६ वर्ष बाद ही चुनाव लड़ सकता है।

यद्यपि हार्दिक पटेल ने इस मामले को चुनौती देने की तैयारी कर ली बताई गई है। उन्होंने हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने भी उनकी सजा पर स्थगनादेश दे दिया है। कानून के जानकारों का मानना है कि हार्दिक पटेल के लोकसभा चुनाव लड़ने में अभी कानूनी पैंच कायम है।