अंधविश्वास ने ली 1 साल के बच्चे की जान, गांव के हकीम ने मारा लोहे की छड़ी से घाव


(Photo Credit : imesofisrael.com)

लोहे की छड़ घुसने के चार दिन बाद एक साल के बच्चे ने अहमदाबाद के एक अस्पताल में दम तोड़ा। यह जानकारी खुद डॉक्टरों ने दी। विपुल नाम के बच्चे बुधवार को बनासकांठा जिले के वाव क्षेत्र वासेदा गांव में एक हकीम ने बुधवार को बच्चे पर लोहे की छड़ से हमला किया। डीसा की एक अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि गांवों में आज भी भुवा-भगत द्वारा छड़ी से मारकर बुखार तथा अन्य बीमारीयों के लिए पारंपरिक रूप से उपचार किया जाता है।

अहमदाबाद स्थित अस्पताल में आगे के उपचार के लिए स्थानांतरित किए जाने से पहले, उसका इलाज कुछ समय के लिए डीसा के इस अस्पताल में किया गया था। उन्होंने कहा कि विपुल को पिछले 10 दिनों से बुखार आ रहा था। गाँव के हकीम ने उसके बाएं हाथ पर लोहे की छड़ के साथ निशान मारा। चिकित्सक ने कहा कि बच्चे को निमोनिया था, लोहे की छड़ से मारने के बाद, उसकी हालत खराब हो गई थी। हमने इसे अहमदाबाद के राजस्थान अस्पताल में आगे के इलाज के लिए रिफर किया।

राजस्थान अस्पताल के डॉक्टर गौतम जैन ने पुष्टि की कि लाहे की छड़ से मारे गए ज़ख्म में संक्रमण के कारण बच्चे की मौत हो गई। डॉक्टर ने आगे कहा कि राज्य के कुछ ग्रामीण इलाकों में स्टिंग देने का अंध विश्वास अभी भी जारी है।