तीन दशकों बाद गुजरात में दिखा बाघ फिर हो गया लुप्त!


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पीएम रिपोर्ट में नहीं मिली बाघ के मौत की वजह

अहमदाबाद (ईएमएस)| तीन दशक के बाद गुजरात में दिखाई दिए बाघ का बीते दिन महीसागर जिले के जंगल से शव बरामद हुआ था| वन विभाग ने बाघ का पोस्टमार्टम करवाने के बाद आज उसका अंतिम संस्कार कर दिया| पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बाघ की मौत के कारण का पता नहीं चला|

करीब तीन दशक से भी ज्यादा समय बाद गुजरात में बाघ होने की पुष्टि के बाद गुजरात एक ऐसा राज्य बन गया था, जहां शेर, बाघ और तेंदुआ तीनों की मौजूदगी हो| लेकिन बीते दिन बाघ की मौत से गुजरात फिर एक बार शेर और तेदुए का राज्य रह गया है|

बाघ की मौत का उस समय पता चला जब वन विभाग के कर्मचारी महीसागर के जंगल में गश्त कर रहे थे| उस वक्त बाघ का शव देख कर्मचारियों ने वरिष्ठ अधिकारी जानकारी दी| खबर मिलते ही वडोदरा वन विभाग के सीसीएफ समेत अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए और मौके पर पशु चिकित्सकों से बाघ के शव पोस्टमार्टम करवाया| हांलाकि सडांध मार रहे शव की पीएम रिपोर्ट से बाघ की मौत की वजह सामने नहीं आई| आज सुबह सीसीएफ समेत अधिकारी और कर्मचारियों की मौजूदगी में बाघ का अंतिम संस्कार कर दिया गया है|

बता दें कि महिसागर जिले में बाघ की मौजूदगी की सर्वप्रथम जानकारी एक स्थानीय शिक्षक ने वन विभाग को दी थी। उसके बाद वन विभाग की ओर से संबंधित क्षेत्र में नाइट विजन कैमरे लगाये गये। उसी क्रम में विगत १२ फरवरी को ही बाघ वन विभाग के नाईट विजन कैमरे में कैद हुआ था। इससे इस बात की पुष्टि हुई की गुजरात में बाघ मौजूद है।

यद्यपि राज्य में वर्षों बाद बाघ के पाए जाने के पखवाड़े के भीतर ही उसकी मौत हो जाने से पशु-प्रेमियों में दुःख का भाव है।