गुजरात राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी तेज, भाजपा फिर करेगी जोर-आजमाईश


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गुजरात में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य में राज्यसभा की चार सीटें खाली हो रही हैं। इनमें से तीन सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के पास है। भाजपा के निवृत्त हो रहे राज्यसभा सांसद हैं शंभुप्रसाद टूंडिया, लालसिंह वाडोडिया और चुनीभाई गोहेल। जबकि कांग्रेस के सांसद हैं मधुसूदन मिस्त्री। दोनों ही पार्टियों ने अब तक अपने उम्मीदवरों की घोषणा नहीं की है। उम्मीदवारी भरने की आखिरी तिथि 13 मार्च है और चुनाव 26 मार्च को होंगे।

बता दें कि वर्तमान में राज्य विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर स्थिति यह है कि दोनों ही पार्टियां भाजपा और कांग्रेस दो-दो उम्मीदवारों को जीताकर राज्यसभा में भेज सकती हैं। ऐसे में यदि दोनों पार्टियां दो-दो उम्मीदवार ही खड़ा करती हैं तो मतदान नहीं होगा।

लेकिन यदि भाजपा ने तीसरा उम्मीदवार भी खड़ा कर दिया तो उसे कांग्रेस के विधायकों की ओर नजर करनी पड़ेगी। विधानसभा में कांग्रेस के कुल विधायकों की संख्या 73 है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भाजपा तीसरा उम्मीदवार खड़ा करती है तो उसे कांग्रेस के विधायकों से क्रॉस वोटिंग करानी पड़ सकती है या विधायक को मतदान से दूर रख सकती है। इसके लिये उन्हें नये सिरे से कांग्रेस खेमे में तोड़फोड़ करनी पड़ेगी।

कांग्रेसी हलकों से ऐसे स्वर सुनने को मिल रहे हैं कि यदि पार्टी आलाकमान पार्टी की ओर से उचित उम्मीदवारों को मैदान में उतारता है तो कोई मुश्किल नहीं होगी। लेकिन उम्मीदवारों के चयन में गलती हुई, तो फिर भाजपा की ओर से जोर-आजमाईश हो सकती है। कांग्रेस की हलकों की मानें तो वे यहां तक कह रहे हैं कि उम्मीवारों के नामों की घोषणा के साथ ही संभव है कि कांग्रेस के तमाम विधायकों को राजस्थान या किसी अन्य जगह पर रिसोर्ट में ठहराया जा सकता है।

देखना है गुजरात में राज्यसभा चुनाव क्या करवट लेते हैं।