गुजरात में खंडहर-जर्जरित इमारतों का पुनःनिर्माण होगा आसान


प्रतिकात्मक तस्वीर (PC : hindustantimes.com)

२५ वर्ष पुरानी इमारतों को ७५% रिहायशियों की मंजूरी से रिडेवलप ‌किया जा सकेगा

अहमदाबाद। गुजरात में राज्य के गृह निर्माण बोर्ड के अंतर्गत आने वाले पुराने खंडहर और जर्जरित हो चुके मकानों के पुनःनिर्माण का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रपति ने जमीन मालिक मकान सुधार बिल को मंजूरी प्रदान की है।

इस विधेयक को मंजूरी मिल जाने से राज्य में रिडेवलपमेंट सरल हो जायेगा। बता दें कि विधानसभा सत्र के समय इस बिल को सर्वानुमति से पारित किया गया था। इस कानून के लागू होने और पुराने मकानों के पुनःनिर्माण की संभावना के चलते जर्जजित-खंडहर मकानों के गिरने की होने वाली वारदातें कम होंगी, और जान-माल का नुकसान कम किया जा सकेगा।

इस विधेयक में प्रस्ताव है कि ऐसा पुराना जर्जरित मकानों जिसके ७५ प्रतिशत मालिक या निवासी अपनी मंजूरी देते हैं, तो उसका रिडेवलपमेंट संभव हो सकेगा। निजी फ्लैट धारकों की सोसायटियों के रिडेवलपमेंट का मार्ग भी इस विधेयक पर राष्ट्रपति की मोहर लगने से प्रशस्त होगा। यानि २५ वर्ष पुरानी ऐसी इमारतों का रिडेवलपमेंट आसान हो पायेगा।

इस विधेयक के पास हो जाने के बाद अब प्रोपर्टी मार्केट से जुड़े लोगों का मानना है कि पुरानी इमारतें जिनका रिडेवलपमेंट संभव है, उनकी कीमतों में भी थोड़ा सुधार होगा क्योंकि बिल्डर समूह ऐसी इमारतों पर नजरें गड़ायेगा और अच्छे लोकेशन पर स्थित ऐसी सोसायटियों को रिडेवलपमेंट के लिये मालिकों से लेकर नये आवासीय प्रोजेक्ट्स को अंजाम दे सकेंगे।