आमरण अनशन पर बैठे हार्दिक पटेल का वजन 20 किलो घटा


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अहमदाबाद। गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के आमरण अनशन का आज 11वां दिन है। अब तक इस मसले पर खामोश गुजरात सरकार की तरफ से पहली बार प्रतिक्रिया आई है। सरकार ने हार्दिक की सेहत पर चिंता जताते हुए उनके आंदोलन को कांग्रेस से प्रेरित करार दिया।

हार्दिक पटेल पाटीदारों को आरक्षण और किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हुए हैं। मंगलवार को उनके अनशन का 11वां दिन हो गया है। गर्मी के बीच अनशन कर रहे हार्दिक के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है। उनका वजह 78 किलो से घटकर 58 रह गया है। हार्दिक की बिगड़ती तबियत के मद्देनजर सरकार ने उनके घर के बाहर आईसीयू व्हीकल रखा है, जहां डॉक्टरों की एक टीम 24 घंटे तैनात की गई है।

सरकार में उर्जा मंत्री सौरव पटेल ने हार्दिक के अनशन पर कहा कि उनके स्वास्थ्य को लेकर सरकार चिंतित है। उन्होंने कहा, ‘हार्दिक डॉक्टर की सलाह लें और उनकी बात मानें।’ सौरभ पटेल ने आंदोलन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि ये कांग्रेस के जरिए शुरू किया गया आंदोलन है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हार्दिक को सलाह देती है और अब भी कांग्रेस के लोग ही उनसे मिलने पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग भाजपा, गुजरात और नरेन्द्र मोदी विरोधी हैं।

यशवंत सिंहा, शत्रुघ्न सिंहा उपवास स्थल पहुंचे

‪किसानों की क़र्ज़ा माफ़ी और आरक्षण को लेकर चल रहे अनिश्चितकालिन उपवास आंदोलन के ग्यारहवें दिन पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री यशवंतसिंहा जी,भाजपा के सांसद शत्रुघ्नसिंहा जी, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री सुरेशभाई महेता एवं भाजपा के पूर्व सांसद नाना पटोले जी की उपवास छावनी पर उपस्थित पर हार्दिक ने कहा कि इससे मेरा हौसला बढ़ा है। मुझ में शक्ति और आत्मविश्वास फूँका हैं।सभी ने कहाँ है की मोदी जैसी तानाशाही ताक़तों के ख़िलाफ़ जमकर और दमदार लड़ना होगा,आज का युवा देश की शान और भविष्य हैं।