अब हवा में उड़ेंगे हार्दिक पटेल!


पटेल आरक्षण आंदोलन के हीरो हार्दिक पटेल को कांग्रेस ने बनाया अपना स्टार प्रचारक, चुनाव प्रचार के लिये दिया हेलीकोप्टर

सूरत। गुजरात में हुए पटेल आरक्षण आंदोलन के हीरो हार्दिक पटेल कांग्रेस पार्टी में शामिल होने के महीने भर में ही आधिकारिक रूप से पार्टी के स्टार प्रचारक बन गये हैं। पार्टी ने हार्दिक पटेल को गुजरात में २३ अप्रेल को लोकसभा चुनाव के मतदान के पूर्व अधिक से अधिक लोकसंपर्क करने के लिये बाकायदा हेलीकोप्टर दिया है। हार्दिक अगले ७ दिनों में राज्य भर में ५० सभाएं करेंगे।

हार्दिक पटेल को हेलीकोप्टर दिया जाना इस बात का भी द्योतक है कि पार्टी आलाकमान को लगता है कि उनके प्रचार करने से पार्टी को फायदा होगा। राजनीतिक भाषा में कहें तो इसका अर्थ यह होता है कि उनके बढ़ते राजनीतिक कद को पार्टी आलाकमान ने समझा है और उसे स्वीकार भी किया है। वर्तमान चुनाव में कांग्रेस के प्रचारकों को सौंपी गई जिम्मेदारी को देखते हुए देश में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के बाद वे तीसरे नंबर पर हैं।

जिस समय राज्य में पाटीदार आरक्षण आंदोलन चल रहा था, उस वक्त हार्दिक पटेल ने गुजरात के उपरांत अन्य राज्यों में भी सभाएं की थीं। वर्तमान चुनाव में भी राज्य के बाहर उन्होंने कई जगहों पर सभाएं की हैं। मुंबई में अभिनेत्री उर्मिला मांतोडकर के निर्वाचन क्षेत्र में भी उनकी सफल सभा हुई। इन्हीं सभाओं के आकलन के बाद पार्टी को लगा होगा कि उनकी बातों का लोगों के मानस पर असर हो रहा है, और इसीलिये राज्य में भाजपा पर प्रभुत्व कायम करने के लिये उन्हें हवाई मार्ग से अधिक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार के लिये उतारने की रणनीतिक कांग्रेस ने बनाई है। सौराष्ट्र में चुनाव प्रचार के लिये हेलीकोप्टर में सवार होकर जा रहे हार्दिक पटेल ने स्वयं सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें साझा कीं।

हार्दिक-अल्पेश‌-जिग्नेश की तिकड़ी में हार्दिक ने मारी बाजी

गुजरात के पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन अपेक्षाकृत अच्छा रहा था। इसके पीछे राज्य की तीन प्रभावी कौमों के प्रतिनिधिरूप हार्दिक पटेल, अल्पेश ठाकोर और जिग्नेश मेवाणी का भाजपा के विरोध में प्रचार करना एक प्रमुख कारण था। उक्त चुनाव में अल्पेश ठाकोर कांग्रेस की ओर से और जिग्नेश मेवाणी निर्दलीय के रूप में चुनाव जीतकर विधायक भी बने। हार्दिक पटेल तब चुनाव नहीं लड़े लेकिन प्रचार जोरों-शोरों से किया था। लोकसभा चुनाव के वक्त हार्दिक पटेल कांग्रेस का दामन थाम चुके हैं। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि तीनों नेता कांग्रेस का दामन थामे रहेंगे और राज्य में कांग्रेस को दीर्घकालीन सफलता के कारक बन सकते हैं।

जैसा कि कहा जाता है, राजनीतिक सफलता को पचा पाना, महत्वाकांक्षाओं को काबू में रखना बड़ा मुश्लिक होता है। अल्पेश मंत्री बनने के चक्कर में ऐसी गलतियां कर बैठे हैं कि फिलहाल तो ऐसा लगा रहा है कि वे न कोंगेस के हो पाए और न भाजपा के। उधर जिग्नेश मेवाणी भी विधानसभा चुनाव के वक्त गुजरात में जितना सक्रिय थे, उतना लोकसभा चुनाव में नजर नहीं आ रहे। यदि उनकी सक्रियता की मीडिया की नजरों से देखें तो वे बिहार के बेगुसराय में सीपीआई के उम्मीदवार कन्हैयाकुमार के प्रचार में सुर्खियां बटोरते दिखे। इन दोनों की तुलना में हार्दिक ने दूरंदेशी का परिचय देते हुए कांग्रेस का दामन थामने के बाद कानूनी अड़चन की वजह से चुनाव न लड़ पाने के बावजूद पार्टी के प्रचार में खासा समय दिया। उनको बार-बार यह कहते भी सुना जाता है कि उनकी उम्र काफी कम है और राजनीति में उन्हें बहुत लंबा सफर तय करना है। उनकी इस सक्रियता का ही नतीजा है कि वे स्टार प्रचारकों की श्रेणी में आग गये हैं। ऐसे में कहा जा सकता है कि हार्दिक-अल्पेश-जिग्नेश की तिकड़ी में हार्दिक ही हैं जो अब डटकर राजनीतिक बल्लेबाजी करते दिख रहे हैं।