गुजरात बोर्ड की कक्षा 10 के रिजल्ट से साफ है कि अच्छे नतीजे ट्यूशन के मोहताज नहीं होते!


प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credit : http://theconversation.com)

गुजरात बोर्ड की कक्षा 10 के परिणाम घोषित, सूरत जिले का परिणाम सर्वाधिक 79.63% रहा

गुजरात बोर्ड के कक्षा १० के परिणाम घोषित हो चुके हैं। मार्च २०१९ में ली गई कक्षा १० के परिणाम WWW.GSEB.ORG वेबसाईट पर देखे जा सकते हैं। सुबह ८ बजे घोषित हुए परिणाम का राज्य का औसत ६६.९७ प्रतिशत रहा। पिछले साल यह औसत ६७.५० प्रतिशत था। यानि पिछले साल की तुलना में पास होने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम है। नतीजे घोषित होते ही उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में खुशी की लहर है।

अहमदाबाद की छात्रा बिन्द्रा शाह ने ९९.११ पर्सेन्टाईल अंक प्राप्त ‌किये हैं। बिन्द्रा के पिता टू-व्हीलर गैरेज चलाकर अपने परिवार का गुजारा करते हैं। एक सामान्य परिवार की इस छात्रा ने यह उपलब्धि बगैर ट्यूशन के हासिल की है। आज उसके माता-पिता काफी खुश हैं। यद्यपि बिन्द्रा के संबंध में सबसे रोचक बात यह है कि वह पहले दीक्षा लेकर संसार की मोह-माया से दूर चली जाना चाहती थी। लेकिन उसे समझाने पर उसने अभ्यास जारी रखा और आज परिवार का नाम रोशन किया है।

उधर अहमदाबाद की ही निशा गोस्वाती ने ९९.७३ पर्सेन्टाईल अंक हासिल किये हैं। उसके पिता मोबाईल रिपेरिंग का काम करते हैं। ट्यूशन के बगैर निशा ने भी कक्षा दस में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। एक छोटे से कमरे में रहकर यह उपलब्धि हासिल करने वाली निशा ने बता दिया है कि अच्छे नतीजे ट्यूशन क्लास के मोहताज नहीं होते।

सूरत के देव सुतरिया ने भी ९९.९९ पर्सेन्टाईल हासिल किये है।

बता दें कि अंग्रेजी माध्यम का परिणाम सर्वाधिक ८८.११ प्रतिशत रहा है, जबकि हिंदी माध्यम का परिणाम ७२.६६ प्रतिशत रहा है। राज्य में सूरत जिले का परिणाम सर्वाधिक ७९.६३ प्रतिशत रहा। जबकि छोटा उदेपुर जिले का परिणाम सबसे कम ४६.३८ प्रतिशत रहा।

यदि किसी केंद्र विशेष की बात करें तो गीर सोमनाथ जिले का सुपासी केंद्र ९५.५६ प्रतिशत के साथ प्रथम क्रम पर रहा, जबकि सबसे कम परिणाम भी उसी जिले के तड केंद्र का १७.६३ प्रतिशत रहा।

इस बार ६१४२ दिव्यांग विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी जिसमें से ८७२ उम्मीदवार २० प्रतिशत पासिंग स्टान्डर्ड से उत्तीर्ण हुए हैं।