गुजरात के इंजीनियरिंग काॅलेजों की मुश्किलों में होने वाली है बढ़ोतरी, जानें क्यों


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गुजरात में एक समय ऐसा था कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ने के लिए छात्रों को कॉलेजों में धक्के खाने पड़ते थे और कॉलेज में प्रवेश मिलना मुश्किल था। परिणामस्वरूप, गुजरात में इंजीनियरिंग कॉलेजों की कई नई शाखाएँ खोली गईं। लेकिन अब इंजीनियरिंग कॉलेजों की स्थिति एकदम विपरीत हो गई है। पहले छात्र कॉलेज में दाखिले के लिए धक्के खाते थे, लेकिन अब कॉलेज को छात्रों को ढूंढने जाना पड़े ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि गुजरात में इंजीनियरिंग कॉलेजों की कुल 61 हजार सीटें हैं और इन सीटों के मुकाबले साइंस स्ट्रीम में पास होने वाले छात्रों की संख्या केवल 39 हजार है।

आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष विज्ञान स्ट्रीम के कुल 1.46 लाख विद्यार्थीयों ने परीक्षा दी थी। इनमें से केवल 95 हजार छात्र पास हुए हैं और 95 हजार छात्रों में से A group के छात्रों की संख्या 39 हजार ही है। इन 39,000 छात्रों में से 45 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र ही इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए पात्र हैं। इसके अलावा, 39,000 छात्रों में से कुछ को बी.एससी में प्रवेश मिल रहा है। इस प्रकार, इंजीनियरिंग कॉलेजों में 61 हजार सीटों में से उत्तीर्ण होने वाले छात्रों की संख्या 39 हजार है। परिणामस्वरूप, यह उम्मीद है कि इस साल इंजीनियरिंग में 30 हजार सीटें खाली रहेंगी।

गौरतलब है कि पिछले साल इंजीनियरिंग की सीटों में केवल 35% सीटें भरी थीं और 29 हजार सीटें खाली थीं।