कांग्रेस विधायकों की धड़ाधड़ गिर रही विकटें, एक दिन में 2 विधायकों ने ‘हाथ’ छोड़ा!


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  • माणवदर से जवाहर चावड़ा के बाद धांगध्रा से परशोत्तम साबरिया ने भी दिया त्यागपत्र
  • चावड़ा पहले ही भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल हो गये हैं

अहमदाबाद। पिछले कई दिनों से गुजरात के राजनीतिक हलकों में चर्चा जोरों पर थी कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने चक्र गतिमान कर लिये हैं और गुजरात कांग्रेस पर ‘राजनीतिक सर्जिकल स्ट्राइक’ होने को है। यह आशंका अब सही प्रतीत हो रही है, क्योंकि शुक्रवार को एक ही दिन में 2 कांग्रेसी विधायकों ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है।

शुक्रवार को इस्तीफा देने वाले कांग्रेसी विधायक हैं राज्य की माणवदर विधानसभा सीट से जवाहर चावड़ा और धांगध्रा विधानसभा सीट से परशोत्तम साबरिया।

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ज्ञातव्य है कि इससे पहले महेसाणा के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता जीवाभाई पटेल, विधायक कुंवरजी बावड़िया और फिर ऊंझा से विधायक आशाबेन पटेल ‘हाथ’ से पल्ला झाड़ लिया था।

इस प्रकार लोकसभा चुनाव 2019 से एन पहले गुजरात में कांग्रेस विधायकों की विकटें धड़ाधड़ गिर रही हैं और उधर प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज एक-दूसरों का मुंह ताकने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अग्रणी अमित चावड़ा और परेश धानाणी के राजनीतिक क्रियाकलापों और क्षमताओं पर भी प्रश्न-चिन्ह लग रहा है।

बता दें कि पिछले कई दिनों से कांग्रेस के युवा विधायक अल्पेश ठाकोर को लेकर अटकलों का बाजार गर्म था कि वे भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं। 2 वर्षों की अल्पावधि में प्रदेश के राजनीतिक मानचित्र पर अपना स्थान मजबूत करने वाले अल्पेश एन लोकसभा चुनाव से पूर्व नाता न तोड़ लें इसीलिये गुरूवार को कांग्रेस के केंद्रीय आलाकमान ने उन्हें आनन-फानन में दिल्ली बुलाया था। दिल्ली में उनकी राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के संकटमोचक अहमद पटेल से मुलाकात भी हुई थी। कहा जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान ने फिलहाल अल्पेश ठाकोर को मना लिया है और संभवतया आगामी लोकसभा चुनाव में उनकी पत्नी को लोकसभा का टिकट भी दिया जाए।

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हालांकि यह भी उल्लेखनीय है कि आज कांगेस का दामन छोड़ने वाले परशोत्तम साबरिया का सिंचाई घोटाले में नाम आया था और उनके खिलाफ जांच की संभावना है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था। उन पर 60 लाख रुपये के घोटाले का आरोप है।

खैर, जो भी हो, जिस आक्रामक रूप से गुजरात प्रदेश पर राजनीतिक सर्जिकल स्ट्राइक हो रही है यदि कांग्रेस आलाकमान समय पर सक्रिय नहीं हुआ, तो पार्टी का सारा राजनीतिक गणित गड़बड़ा जायेगा। कांग्रेसी विधायक टूट कर बिखरते रहेंगे और भाजपा में शामिल होकर फिर विधानसभा में पहुंच जायेंगे। वैसे भी विधानसभा में कांग्रेसी ‌विधायकों की संख्या 72 हो गई है। देखते हैं, कांग्रेस के विकेट गिरने का सिलसिला कब थमता है।