गुजरात : अकेले पड़े अल्पेश ठाकोर; भाजपा लेने को तैयार नहीं, कांग्रेस में कोई पूछ नहीं रहा!


(Photo Credit : Jansatta.com)

‌विधानसभा चुनाव से पूर्व बड़े गाजे-बाजे के साथ कांग्रेस में शामिल हुए ठाकोर समाज के युवा नेता अल्पेश ठाकोर अपने राजनीतिक जीवन के संकटकाल से गुजर रहे हैं। वे एक ऐसे दोराहे पर खड़े हैं जहां राजनीतिक ख्वाब तो बड़े हैं, लेकिन राज्य की दोनों की प्रमुख घटक कांग्रेस और भाजपा उनसे कतराते नजर आ रहे हैं। कहा जा सकता है कि अल्पेश ठाकोर मानो अकेले पड़े गये हैं, जहां भाजपा उन्हें लेने को तैयार नहीं, और कांग्रेस में उन्हें कोई पूछ नहीं रहा।

राजनीतिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान लोकसभा चुनाव में अल्पेश ठाकोर ने राज्य की ४ सीटों पर अपने पसंद के उम्मीदवार खड़े करने की मांग कांग्रेस आलाकमान से की थी। ये चार सीटें हैं पाठण, महेसाणा, बनासकांठा और साबरकांठा। लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने अल्पेश की मांगों की पूरी तरह से अवगणना की है।

बता दें कि पिछले महीने ही अल्पेश ठाकोर को लेकर अटकलों का दौर अपने चरम पर था। यह कहा जा रहा था कि वे भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं, उन्हें राज्य सरकार में मंत्री पद से नवाजा जायेगा। उस समय दो-चार दिग्गज कांग्रेसी नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल भी हुए थे। ऐसे में कांग्रेस आलाकमान ने भी अल्पेश को दिल्ली बुलाकर समझाया और आश्वासन देकर उनके जोश को ठंडा कर दिया था। लेकिन सच्चाई यह है कि न भाजपा उस वक्त अल्पेश ठाकोर को अपने साथ जोड़ने में कोशिश में थी, और न ही कांग्रेस के राज्ययीय और केंद्रीय नेता अल्पेश को ज्यादा तवज्जो देने के मुड़ में थे। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को ठाकोर सेना के मिले समर्थन का विपरीत राजनीतिक प्रभाव ही पड़ा था।

ऐेसे में जानकार मान रहे हैं कि कांग्रेस की ओर से साईडलाईन कर दिये जाने के बाद अब ठाकोर सेना नाराज है और हो सकता है कि आगामी ५ अप्रेल को वह कांग्रेस से अपना नाता तोड़ लें। ठाकोर सेना के जिला कन्वीनर जीबाजी ठाकोर ने मी‌डिया को कहा है कि राज्य में ठाकोर सेना को एक भी लोकसभा सीट नहीं दी गई है इसलिये वे कांग्रेस को राम राम कर सकते हैं। ५ अप्रेल को अहमदाबाद स्थित राणीप में सेना के अध्यक्षों के साथ अल्पेश ठाकोर के निवास पर बैठक करके आगे की रणनीति तय की जायेगी।