एक विवाह ऐसा भी! पानी की किल्लत के चलते दुल्हन सहित पूरा गांव निकला पानी की खोज में


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शादी-ब्याह के अवसर पर धूमधाम से सारी तैयारी की गई हो और तभी ऐसी परिस्थिति बन पड़े कि मेहमानों के पीने के लिये एवं रसोई बनाने के लिये गांव में पानी कम पड़ जाए, तो मेजबान की हालत क्या होगी इसका अनुमान लगाया जा सकता है। ऐसा ही कुछ गुजरात के छोटा उदेपुर के नसवाडी के जांबुघोडा गांव में हुआ।

इस गांव के एक परिवार में शादी का प्रसंग है और मेजबान एवं समस्त गांव वालों को यह चिंता सता रही है कि शादी का पूरा आयोजन अपने अंजाम तक पहुंचाने के लिये पानी कहां से लायेंगे। इस समस्या का हल ढूंढने का प्रयास किया स्वयं दुल्हन ने।

हल्दी की रस्म पूरी होने के बाद दुल्हन समग्र गांव की महिलाओं को लेकर ढोल-नगाडों के साथ निकल पड़ी आसपास के गांवों में पानी की खोज में। महिलाओं ने हाथों में घड़े ले रखे थे।

जांबुघोडा गांव में पानी की तंगी इतनी ज्यादा है कि गांव के पशुओं के ‌लिये बनाये गये जलस्त्रोत भी सूखे पड़े हैं। गांव में हैंडपंप है, लेकिन उसमें एक घंटे में ३ से ४ घड़े ही भरे जा सकते हैं। घंटों की मेहनत के बाद हैंड पंप में जो पानी आता है वो भी गंदा होता है। इस कारण घर में शादी होने के बावजूद दुल्हन को पानी की खोज में निकलना पड़ रहा है। दुल्हन के माता‌-पिता भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि पानी की किल्लत जल्द से जल्द दूर हो, जिससे वे अपनी बेटी को हंसी-खुशी विदा कर सकें।

दुल्हन की मां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमारे गांव में पानी की किल्लत बहुत है और हमारे पास तीन-चार घड़े ही पानी है। चिंता है कि बारात में आने वालों को पानी कैसे पिलायेंगे, रसोई कैसे बनेगी। इस मामले में गांव के अग्रणी ने मीडिया को बताया कि गांव में जो बोर है वह तीन सौ फूट गहरा है और इस वर्ष कम बारिश के कारण अकाल जैसी परिस्थिति का निर्माण हुआ है। इस कारण लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।