गुजरात के 3 बी.एड कॉलेज NCTE नें किये बंद, जानें क्युं


(Photo Credit: kairoscanada.org)

बी.एड कॉलेजों में प्रोफेसरों की भर्ती नहीं किये जाने पर तीन बी.एड कॉलेजों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। राजकोट में नेशनल काउन्सिल फॉर टीचर एज्युकेशन(एनसीटीई) की बैठक में गुजरात के तीन बी.एड कॉलेजों को नोटिस जारी किया गया है। इस मुद्दे पर बी.एड में पढ़ने वाले छात्रों द्वारा बार बार आवेदन किया जाता था। परंतु कॉलेजों में प्रोफेसरों की भर्ती नहीं किये जाने के कारण अब एनसीटीई ने कॉलेजों को बंद करने का फैसला किया है। इन तीन कॉलेजों में सुरेंद्रनगर के मैत्री विद्यापीठ, महेसाणा की विवेकानंद सरकारी बीएड कॉलेज और खेड़ा-भरूच के बीएड कॉलेज शामिल हैं। इन कॉलेजों के बंद होने के कारण राज्य में बीएड की 150 सीटें कम हो जाएंगी।

गौरतलब है कि इन तीन कॉलेजों को बंद करने का फैसला करने से पहले एनसीटीई ने 13 बी.एड कॉलेजों में ताला लगाने का फैसला किया था। बी.एड कॉलेजों को बंद करने का कारण यह पाया गया कि, गुजरात के कुछ बी.एड कॉलेजों में एनसीटीई के मानकों के मुताबिक योग्यता वाले कर्मचारी नहीं होने के कारण उन्हे बंद करने का आदेश दिया गया था। एनसीटीई द्वारा कुछ बी.एड कॉलेजों को पर्याप्त कर्मचारियों की भर्ती नहीं करने के लिए नोटिस भी दिया गया था, लेकिन कॉलेजों ने एनसीटीई के नोटिस को मान्यता नहीं दी और एनसीटीई को नोटिस के प्रकटीकरण नहीं मिलने के कारण कॉलेजों को बंद करने के निर्देश जारी किए गए।

जुलाई 2018 में 13 कॉलेजों को बंद करने का निर्णय में गुजरात विश्वविद्यालय से संबंधित 3 कॉलेजों को भी शामिल किया गया था। इन 3 कॉलेजों में से गुजरात विश्वविद्यालय के बी.एड संकाय डीन आर. एस. पटेल के पुत्र की आकार अध्यापन मंदिर को भी अयोग्य कर्मचारियों के कारण बंद करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा, निकोल, आनंद, मोरबी, बायड, समीप, उमरगाम, गोधरा और जुंदाल सहित 13 बीएड कॉलेजों को बंद करने का निर्णय एनसीटीई द्वारा लिया गया था।