गिर के लिए मुख्यमंत्री ने लायन एंबुलैंस और जीपीएस जीपों के अलावा एक बड़ा समझौता भी किया


(Photo Credit : facebook.com/vijayrupanibjp)

गुजरात में शेरों के संवर्धन के लिए 350 करोड़ का खर्च करके राज्य सरकार द्वारा एक परियोजना शुरू की गई है। कल, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने सासणगिर में शेर का विशेष इलाज कराने के लिए नवीनतम सुविधा के साथ शेर एम्बुलेंस को रवाना किया। बाद में, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने सिंह सदन में कार्यरत हस्तशिल्प की दुकान से टीशर्ट और टोपी खरीदी। इसके साथ मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने विश्व स्तरीय प्रौद्योगिकी के साथ गिर हाईटेक निगरानी केंद्र का उद्घाटन किया। इस निगरानी केंद्र की ख़ासियत यह है कि, गिर और इसके आसपास के जंगलों में अवलोकन के लिए रखे गए शेरों की निगरानी एक जगह पर और एक साथ ही की जा सकती है। इसके साथ सभी गतिविधियों और शेरों के व्यवहार का भी अध्ययन यहीं से किया जा सकता है।

सासणगीर में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक सहित राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान, पशु विनिमय परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत 30 शेरों को दूसरे राज्यों के चिड़ियाघर में भेजा जाएगा और शेरों के बदले में विभिन्न राज्यों के विभिन्न प्रजातियों के 142 जानवरों को जूनागढ़ के सक्करबाग चिड़ियाघर में लाया जाएगा।

इसके अलावा, गिर में शेर दर्शन के लिए सभी जीपों की निगरानी के लिए एक जीपीएस प्रणाली का उपयोग भी किया जाएगा, जिसके कारण इसका स्थान और यात्रा करने वाले मार्ग का पता चल जाएगा। वर्तमान में, लगभग 150 जीपें रोज़ दर्शन के लिए ट्रैक पर जाती हैं। जीपीएस लगाने से सिस्टम को पता चल जाएगा कि जीप किस मार्ग से जाती है और यदि कोई जीप अन्य मार्गों पर दिखाई देती है, तो इस पर सख्त कर्यवाही की जा सकती है।