वड़ोदरा में पानी शद्धीकरण प्लांट में अब नहीं होगा कैमिकल का प्रयोग


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वड़ोदरा नगर निगम द्वारा वर्षों से पानी को साफ करने के लिए कैमिकल पर लाखों रुपये खर्च किए जाते थे। अब तंत्र ने फिटकरी द्वारा पानी को शुद्ध करने का निर्णय लिया है। 80 लाख रुपये के कैमिकल से पानी को शुद्ध करने में विफल रहने के बाद अब तंत्र पानी को शुद्ध करने के लिए फिर से फिटकरी का उपयोग करेगा।

एक रिपोर्ट के अनुसार, वडोदरा नगर निगम द्वारा पानी को कैमिकल द्वारा शुद्ध करने कै निर्णय लिया गया था। वड़ोदरा महानगर निगम ने पानी को साफ करने के लिए 80 लाख रुपये का कैमिकल खर्च कर दिया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला, पानी साफ नहीं हुआ और लोगों को परेशान होना पड़ा।

लाखों के कैमिकल का उपयोग करने के बाद, निगम द्वारा पानी को शुद्ध करने के लिए कैमिकल के स्थान पर फिटकरी का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है। परिणामस्वरूप, वड़ोदरा नगर निगम के जल शोधन संयंत्र में पानी को फिटकरी के माध्यम से शुद्ध किया जाएगा।

गौरतलब है कि 2009 में जब वडोदरा में एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया था, तो एक प्रयोग किया गया था कि पानी को शुद्ध करने के लिए केमिकल अधिक प्रभावी होता है या फिर फिटकरी अधिक प्रभावी होता है। तब भी फिटकरी पानी को शुद्ध करने के लिए अधिक प्रभावी साबित हुआ था। फिर भी पानी को केमिकल से साफ करने का फैसला लिया गया। इस समय विजिलेंस की जांच में पता चला है कि पानी की 22 की टर्बिडिटी थी जिसे कम करने के लिए कैमिकल का इस्तेमाल किया गया था। इस कैमिकल में पानी को साफ करने की क्षमता नहीं थी। तो कहीं न कहीं पूरे मामले में घोटाले का संदेह भी किया जा रहा है।