उर्वरक की बोरी में कम मात्रा के मामले में मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने दिया यह बयान


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जीएसएफसी द्वारा बनाए गए सरदार डीएपी उर्वरक की 50 किलोग्राम की बोरीयों में, 300 से 500 ग्राम वजन कम आ रहा है, जिससे डीएपी खरीदने वाले सभी किसानों में नाराजगी देखने को मिली है। उर्वरक घोटाले के खिलाफ कांग्रेस नेताओं ने सौराष्ट्र में कई गोदामों पर लोगों ने रेड करी और उर्वरक की बोरी को तौल कर सौराष्ट्र में घोटाले पर से पर्दाफाश कर दिया है।

इस घोटाले का विरोध करने के लिए, कांग्रेस विधायक हर्षद रीबडिया उर्वरक के बैग लेकर विधानसभा भी पहुंचे और यहां तक ​​कि डेढ़ बर्ष पहले की तुलना में भी खाद 600 ग्राम कम है, इसका आरोप हर्षद रिबडिया ने लगाया है। मामले की जांच कराने के लिए, हर्षद रिबडिया उर्वरक की बोरी लेकर स्वर्णिम कॉम्प्लेक्स -1 के गेट पर पहुंचे, तो उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बाद में पूरे मामले की जांच के लिए कांग्रेस के पांच विधायकों द्वारा कृषि सचिव को आवेदन किया गया। इस पूरे मामले में कांग्रेस द्वारा विरोध किए जाने पर भाजपा के मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने प्रतिक्रिया दी।

मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने कहा कि 200 ग्राम 300 ग्राम की कमी आए, यह नहीं होना चाहिए। लेकिन इस विषय को ऐसे राजनीतिक रूप देना ठीक नहीं है। इसकी जांच होनी चाहिए और सरकार द्वारा सभी प्रयास किए जाएंगे, जो सही निर्णय होगा वह किसानों के हित में होगा। हमारी राज्य सरकार के साथ बातचीत चल रही है।