किसानों ने खेला बांध पर क्रिकेट एवं वाली बॉल, जानें क्यों


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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के साथ-साथ किसानों के विकास के लिए भी काफी सराहनीय कदम उठाए हैं। परंतु फिर भी कई जगह किसानों को बड़ा हताश रहना पड़ रहा है क्योंकि उनकी समस्याओं की कोई सुनवाई ही नहीं हो रही है। ऐसा ही एक किस्सा हाल में जामनगर तथा बनासकांठा का सामने आया है।

गुजरात में मानसून में कम बारिश के कारण किसानों की हालत मुश्किल हो गई है। जामनगर और बनासकांठा के किसानों ने रबी की फसल की खेती के लिए सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने के लिए सरकार के खिलाफ आंदोलन किया था। बनासकांठा में सरकार द्वारा नर्मदा का पानी नहर के माध्यम से छोड़ दिया गया था, लेकिन नहर में पानी छोड़ने के साथ बड़े अंतराल उत्पन्न हो गए, जिसके कारण किसान के खेतों में जाने के बजाय पानी बर्बाद हो जाता था। इसलिए इस मामले में किसानों ने जिला कलेक्टर को कई बार आवेदन किया, लेकिन किसानों की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उधर, जामनगर के सीमावर्ती गांव के लोगों ने खाली पड़े डैम में पानी भरने की मांग को लेकर धरना दिया, लेकिन किसानों की मांग को सरकार ने पूरा नहीं किया।

गर्मियों की फसलों के लिए सिंचाई के पानी की मांग के साथ, जामनगर के किसानों ने फिर से सरकार को आवेदन किया है। 20 गांव के किसानों ने जामनगर में मौजूद अड 1 बांध से पानी की आपूर्ति करने की मांग की है। गौरतलब है कि 2016 में नरेंद्र मोदी द्वारा बांध का उद्घाटन किया गया था और किसानों को आश्वासन दिया गया था कि जल्द ही सरकार द्वारा उड 1 डैम में पानी की आपूर्ति की जाएगी, जिससे जामनगर के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। 2016 से 2019 तक बांध में सरकार द्वारा पानी ना भरे जाने के कारण जामनगर के आसपास के 20 गांवों के किसानों में आक्रोष देखने को मिला है।

नाराज किसानों ने उड 1 बांध में पानी की आपूर्ति की मांग के साथ बांध के खाली पड़े बांध में क्रिकेट और वॉलीबॉल खेलकर अपना विरोध जताया और मांग की कि बांध में जल्द से जल्द पानी भरा जाए।