दाहोद में पुलिस ने संस्कृत प्रोफेसर को शराब के नशे में पकड़ा


(Photo Credit : cancerriver.com)

गुजरात में शराबबंदी का कानून सिर्फ कागजों पर लागू हो रहा है ऐसा प्रतीत होता है। क्योंकि, शराब बंदी के कानून के बावजूद आए दिन शराबीयों के दंगे पकड़े जाने और शराब को माल पकड़े जाने की खबर आती है। राज्य पुलिस को यह आदेश देना पड़ता है कि स्थानीय थाना क्षेत्र में या इधर उधर चल रहे जुआघरों और शराब के अड्डों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, जब राज्य निगरानी सेल किसी भी स्थान पर शराब के अड्डे पर छापा मारती है। वहां से लाखों रुपये की शराब जब्त की जाती है।

यहां तक की बच्चों को पढ़ाकर अच्छे संस्कार देने वाले शिक्षक ही यदी शराब के नशे में पुलिस के हाथों पकड़े जाते हैं। तो इन शिक्षकों से बच्चों को क्या संस्कार मिलेंगे। रव‌िवार, दाहोद के कॉलेज में छात्रों को संस्कृत भाषा का अध्ययन कराने वाले प्रोफेसर को पुलिस ने शराब के नशे में गिरफ्तार किया।

एक रिपोर्ट के अनुसार, दाहोद जिले के फतेपुरा कॉलेज के प्रोफेसर केयूर उपाध्याय को शराब के नशे में लुणावाडा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। लुणावाडा पुलिस स्टेशन में पहले प्रोफेसर के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रोफेसर के खिलाफ पहले भी चार बार केवल शराब के मामले में अपराध दर्ज किये गए हैं और जब पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था, तब भी वह नशे की हालत में था।