गुजरात के तटीय इलाकों में चक्रवात का संकट, भारी बारिश की संभावना


प्रतिकात्मक तस्वीर (PC : downtoearth.org.in)

अहमदाबाद (ईएमएस)| गुजरात के तटीय इलाकों चक्रवात का संकट मंडरा रहा है, इसके चलते भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग ने व्यक्त की है| दक्षिण-पूर्व अरब सागर में लो प्रेशर डिप्रेशन में परिवर्तित होने के कारण गुजरात में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है| फिलहाल डिप्रेशन धीरे धीरे उत्तर-पश्चिम की ओर आगे बढ़ रहा है| 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है| दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के तटीय इलाकों में चक्रवात से नुकसान की आशंका है| अरब सागर में डीप डिप्रेशन को लेकर गुजरात के तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है| सौराष्ट के वेरावल से अरब सागर में 1020 किलोमीटर दूर डिप्रेशन स्थित है| जिसे देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की हिदायत दी गई है| जो मछुआरे समुद्र में हैं उन्हें तुरंत वापस लौटने को भी कहा गया है| चक्रवात के कारण सौराष्ट्र के जिलों में 12 और 13 को भारी से अतिभारी बारिश हो सकती है| गिर सोमनाथ, पोरबंदर, जूनागढ, द्वारका और दीव में बारिश होगी| उत्तरी गुजरात के बनासकांठा और साबरकांठा में भी वेस्टर्न डिस्टर्बन्स के कारण बारिश होने की संभावना है| पोरबंदर, जामनगर, द्वारका और कच्छ में भारी से अति भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन अलर्ट जारी कर दिया है| सभी पोर्ट पर 1 नंबर का सिग्नल लगा दिया गया है| अमरेली के जाफराबाद बंदरगाह पर फिशरिज विभाग द्वारा चक्रवात के कारण 1 नंबर का सिग्नल लगाया गया है और मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की हिदायत दी गई है| सिग्नल के चलते समुद्र में गईं ज्यादातर बोट जाफराबाद लौट आई हैं| पोरबंदर और जामनगर में तटीय क्षेत्र में एक नंबर का सिग्नल लगा दिया गया है|
सतीश/10 जून