अहमदाबाद की इस सीट के लिए उम्मीदवार के चुनाव में भाजपा में है असमंजस


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गुजरात में आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है। दोनों बड़ी पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवारों की पसंदगी के लिए पूरे जोश के साथ काम कर रही हैं। गुजरात की कई सीटें ऐसी हैं जहां पार्टी की हार या जीत का फैसला उम्मीदवार के नाम पर ही निर्भर होता है।

अगले लोकसभा चुनाव से पहले अहमदाबाद की यह सीट चर्चा में है, जहां पिछले 30 वर्षों से भाजपा का दबदबा है। कांग्रेस ने इस सीट को अपने नाम करने की बहुत कोशिशें की लेकिन इस सीट से उसे जीत हासिल नहीं हो सकी।

वर्ष 2014 में बॉलीवुड अभिनेता परेश रावल को भाजपा से इस सीट का टिकट मिला, उन्होंने चुनाव लड़ा और सांसद बने। उन्होंने कांग्रेस के हिम्मत सिंह पटेल के खिलाफ 3.26 लाख वोटों से जीत दर्ज की। लेकिन, इस लोकसभा चुनाव में यह सवाल चर्चा में है कि क्या परेश रावल को अहमदाबाद पूर्व सीट से इस बार टिकट मिलेगा। हालांकि, इस की संभावनाएं भी बहुत कम दिखाई देती हैं।

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भाजपा नेताओं के मुताबिक, भले ही परेश रावल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी माना जाता हो, लेकिन परेश रावल को इस बार अहमदाबाद पूर्व सीट से टिकट मिलने की संभावना बहुत कम है। इस निर्वाचन क्षेत्र के लोगों ने बार-बार शिकायत की है कि उनके सांसद ने यहां के स्थानीय सवालों और समस्याओं को नहीं सुना। जिसके कारण पार्टी परेश रावल को फिर से टिकट देने से हिचकिचा रही है। अहमदाबाद पूर्व के लोगों ने बार-बार शिकायत की है कि परेश रावल अपने क्षेत्र के काम पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय मुंबई में फिल्म उद्योग में ही व्यस्त रहते हैं।

कुछ लोगों का यह भी कहना है कि परेश रावल यहां आने की बात तो छोड़ो, लेकिन किसी का फोन भी नहीं उठाते। इसके कारण, इस लोकसभा में स्थानीय उम्मीदवार के चयन की संभावना बढ़ गई है।

इससे पहले, पूर्व अहमदाबाद में कई स्थानों पर “हमारे सांसद खो गए हैं, जो ढूंढ लाएगा उसको पुरस्कार दिया जाएगा” ऐसे पोस्टर्स लगाए जा चुके हैं।

2009 के सीमांकन के बाद, अहमदाबाद सीट को 2 सीटों में विभाजित किया गया। धोलका की बैठक को रद्द करके अहमदाबाद पूर्व और अहमदाबाद पश्चिम ये दो सीटें बनाई गईं। अहमदाबाद की मूल सीट पर आखिरी बार 1984 में कांग्रेस द्वारा जीत दर्ज की गई थी। 1989 के बाद से, भाजपा ने इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत बना रखी है।

2014 के लोकसभा में अहमदाबाद की दोनों सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार परेश रावल और डॉ. किरीट सोलंकी को जीत प्राप्त हुई। लेकिन इस बार कहा जा रहा है कि अहमदाबाद की दोनों सीटों पर उम्मीदवार बदल रहे हैं।

बीजेपी के एक पूर्व मेयर को परेश रावल की जगह टिकट दिया जा सकता है, जबकि पश्चिम के लिए अहमदाबाद में विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष रमन वोरा के नाम की चर्चा चल रही है।