गुजरात एटीएस की चार जाबांज अधिकारियों ने खूंखार गेंगस्टर जुसब को बोटाद के जंगलों से धरदबोचा


बोटाद। गुजरात पुलिस में महिला पुलिस कोन्स्टेबलों से लेकर ऊपरी अधिकारियों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। आम तौर पर ऐसी छवि है कि गुजराती लड़कियां चुनौतीपूर्ण कार्यों को अंजाम नहीं दे सकती। लेकिन अब गुजरात पुलिस का हिस्सा बनी युवातियों ने इस सोच को बदल दिया है।

गुजरात एटीएस की चार महिला पुलिस अधिकारियों ने एक अनोखा कारनामा कर दिखाया है। एटीएस के डीआईजी हिमांशू शुक्ला ने जूनागढ़ के कुख्यात गेंगस्टर जुसब अल्हारखा को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी महिला पीएसआई का सौंपी।

एटीएस की महिला पीएसआई संतोक ओडेदरा, नितमिका गोहिल, अरुणा गोहिल और सिम्मी माल ने जुसब को ढूंढ निकालने के प्रयास शुरू कर दिये। इसी दौरान उन्हें जानकारी मिली कि जुसब बोटाद के जंगलों में छूपा हुआ है। इस सूचना के आधार पर चारों महिला पुलिस अधिकारियों ने एक ऑपरेशन शुरु किया। जुसब एक कुख्यात अपराधी है और जब घिर जाता है तो पुलिस पर हमला करने से भी नहीं हिचकिचाता।

जुसब के सामने आने पर पुलिस पर हमला करने की पूरी संभावना थी क्योंकि वह हमेशा अपने पास हथियार लेकर ही चलता था। फिर भी चारों महिला अधिकारियों ने पूरी तैयारी के साथ बोटाद के जंगल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। उन्होंने आखिरकार जुसब को खोज निकाला। इससे पहले की जुसब कोई प्रतिक्रिया दे पाता चारों अधिकारियों ने उसे काबू कर लिया। जुसब के पकड़े जाने पर जूनागढ़ पुलिस ने राहत की सांस ली। बता दें कि जुसब पर लूट, हत्या का प्रयास और हत्या के अनेकों अपराध दर्ज हैं।