लोकतेज https://www.loktej.com Latest Hindi News Wed, 21 Oct 2020 08:00:28 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=5.5.1 https://www.loktej.com/wp-content/uploads/2018/09/loktej-150x150.png लोकतेज https://www.loktej.com 32 32 मुंबई में लॉकडाउन के कारण ज्वैलरी के ऑर्डर सूरत हो रहे शिफ़्ट https://www.loktej.com/surat-news/jewelery-orders-are-shifting-to-surat-due-to-lockdown-in-mumbai-104302 https://www.loktej.com/surat-news/jewelery-orders-are-shifting-to-surat-due-to-lockdown-in-mumbai-104302#respond Wed, 21 Oct 2020 08:00:28 +0000 https://www.loktej.com/?p=104302

सूरत के ज्वैलरी उद्यमियों को मिला लाभ

सूरत में इन दिनों ज्वेलरी इंडस्ट्री में तेजी का माहौल है। सूरत में लॉकडाउन समाप्त हो चुका है। इसलिए ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग का काम तेजी से शुरू हो गया है। दूसरी ओर अब तक ज्वेलरी काम के लिए जाने-माने वाले मुंबई में प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से लॉकडाउन की स्थिति के कारण वहां से ज्वेलरी के आर्डर सूरत में शिफ्ट हो रहे हैं। इसका फायदा सूरत के उद्यमियों को मिल रहा है। सूरत में इन दिनों ज्वैलरी में दो शिफ्ट में काम चल रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार सूरत ज्वैलरी इंडस्ट्री के लिए नामांकित तीन शहरों में से एक है। बीते दिनों लॉकडाउन के कारण ज्वैलरी इंडस्ट्रीज़ में मंदी का माहौल था और ज्वेलर को बड़े पैमाने पर नुकसान का सामना भी करना पड़ा। लेकिन धीरे-धीरे परिस्थिति सुधर रही है। सूरत की बात करें तो सूरत में लॉकडाउन खत्म हो चुका है और कामकाज शुरू हो चुका है दूसरी ओर मुंबई में अभी भी कोरोना संक्रमण की गंभीरता के कारण लॉकडाउन नहीं खुल सका है। जिसके चलते जो ऑर्डर मुंबई में मिलते थे ऑर्डर सूरत को मिल रहे हैं।

त्यौहारी सीजन में अच्छे कारोबार की उम्मीद

दिवाली के दिनों में ज्वेलरी की अच्छी डिमांड रहती है। इसके अलावा क्रिसमस के चलते भी विदेशों में ज्वेलरी की स्थिति को देखते हुए ज्वेलर्स की ओर से सूरत के उद्यमियों को बड़े पैमाने पर आर्डर मिल रहे हैं। हालांकि श्रमिकों की कमी के कारण और ज्वेलरी बनाने वाले श्रमिकों की कमी के चलते ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग कारखानों में दो शिफ्ट में काम किया जा रहा है। सूरत ज्वैलरी मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन के जयंती सांवलिया ने कहा कि मुंबई में लॉकडाउन होने के कारण बड़े पैमाने के सूरत में आ रहे हैं।

शादी-ब्याह की सीजन से ज्वैलरी कारोबारियों को आस

आगामी दिनों में त्यौहार का माहौल होने से भी उद्यमियों को लाभ मिल रहा है। इसके अलावा लग्नसरा और क्रिसमस के दिनों में भी बड़े पैमाने पर आर्डर मिलने की संभावना है। बताया जा रहा है कि सूरत के ज्वेलरी उद्योग में 70% से अधिक श्रमिक पश्चिम बंगाल के हैं। जो कि लॉकडाउन के बाद अभी तक लौटकर नहीं आए होने के कारण भी जल्दी इंडस्ट्री श्रमिकों की समस्या से जूझ रही है।

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बिहार के इस गाँव में हर दूसरे घर से उभरते हैं IITians, गजब का है अभ्यास का मॉडल https://www.loktej.com/regional/iitians-emerge-from-every-other-house-in-this-village-of-bihar-the-model-of-practice-is-amazing-104296 https://www.loktej.com/regional/iitians-emerge-from-every-other-house-in-this-village-of-bihar-the-model-of-practice-is-amazing-104296#respond Wed, 21 Oct 2020 06:34:30 +0000 https://www.loktej.com/?p=104296

बिहार का एक गाँव जो कभी अपने कपड़ा उत्पादन के लिए जाना जाता था, आज वहां से आईआईटीयन निकल रहे हैं। यहां तक ​​कि पावरलूम इकाइयों का शोर भी JEE की तैयारी करने वाले छात्रों को विचलित नहीं करता है। यहां के छात्रों का तैयारी मॉडल भी आश्चर्यजनक है। यहां के छात्र अपने वरिष्ठों से प्रेरणा लेते हैं और मार्गदर्शन लेते हैं।

मानपुर गांव की लाइब्रेरी ने कइयों की किस्मत बदल दी

बिहार के गया जिले के मानपुर इलाके में पटवाटोली नामक एक गाँव है। जहां एक विशेष पुस्तकालय है, जो न केवल अपनी पुस्तकों की संख्या के कारण बल्कि अपने मिशन के लिए भी अद्वितीय है। एक बड़े कमरे में पढ़ने वाले छात्र सीमित संसाधनों के बावजूद JEE क्रैक करके आईआईटी में प्रवेश पाने का प्रबंधन करते हैं।

पुस्तकालय के कर्ताधर्ता चंद्रकांत पाटेश्वरी कहते हैं कि इस गाँव को अब आईआईटीयन का गाँव कहा जाता है। इस गाँव के दर्जनों छात्र बिना किसी कोचिंग के हर साल JEE में चयनित होते हैं। सफलता का योगदान इस पुस्तकालय में की गई मेहनत और सीनियर्स के मार्गदर्शन को जाता है।

दिलचस्प बात यह है कि यह पुस्तकालय सरकारी पुस्तकालय नहीं, बल्कि गाँव के उन युवाओं की आर्थिक मदद से चलाया जा रहा है, जो आज IIT में सफलता पाने के बाद विदेश में नौकरी कर रहे हैं। यह सब 1996 में शुरू हुआ जब गांव के एक युवक जितेंद्र का आईआईटी में दाखिला हो गया। इससे यहां के बच्चे प्रेरित हुए और JEE की तैयारी का क्रेज यहां बढ़ा। यह जितेंद्र ही थे जिन्होंने यहां ‘वृक्ष – बी द चेंज’ संस्था के बैनर तले इस लाइब्रेरी की शुरुआत की थी। यहां हर इच्छुक बच्चा बिना पैसे के पढ़ाई कर सकता है। किताबों की भी व्यवस्था यहां की गई है।

सीनियर्स दते हैं छात्रों ऑनलाइन मार्गदर्शन

सीनियर ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से गांव के बच्चों को पढ़ाते हैं और JEE की तैयारी करते हैं। लॉकडाउन में स्कूल-कॉलेजों को बंद होने पर विश्वविद्यालय के छात्र भी इस लाइब्रेरी में आने लगे और यहीं से अपनी ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेते हैं।

लाइब्रेरी में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने कहा कि वह 4 साल से यहां आ रही है। उसका 12 विज्ञान संकाय में अध्ययन का इरादा है। लेकिन वह अपने दिवंगत पिता के सपने को पूरा करने के लिए एक IAS अधिकारी बनना चाहती है। वहीं एक 11वीं की छात्रा सीमा का कहना है कि वह घर पर पावरलूम की आवाज से दूर शांति से यहां अध्ययन करना पसंद करती है। उधर एक अन्य छात्र बिंदूलाल जेएनयू में चीनी भाषा का छात्र है।

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इंजीनियरिंग छोड़ शुरु की खेती, 7 फुट का धनिया उगा कर बनाया विश्व कीर्तिमान https://www.loktej.com/business/ranikhet-quit-engineering-made-world-record-by-growing-7-feet-coriander-104291 https://www.loktej.com/business/ranikhet-quit-engineering-made-world-record-by-growing-7-feet-coriander-104291#respond Wed, 21 Oct 2020 06:21:34 +0000 https://www.loktej.com/?p=104291

गोपाल दत्त उप्रेती दिल्ली छोड़ रानीखेत शिफ्ट हो गये, सेब का कारोबार सैट किया

कृषि में लोगों की रुचि दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। विशेष रूप से कोरोनो वायरस के युग में लोग एक अन्य वैकल्पिक स्रोत के रूप में कई प्रकार के काम कर रहे हैं। लेकिन कुछ ने अपनी वित्तीय सुरक्षा की चिंता किए बिना खेती करनी शुरू कर दी है।

उत्तराखंड के रानीखेत ब्लॉक के निवासी गोपाल दत्त उप्रेती ने दिल्ली से अपनी पढ़ाई पूरी की है। सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने के बाद वह निर्माण क्षेत्र में काम कर रहे थे। मासिक आय भी अच्छी थी। 14 से 15 वर्षों तक ऐसा करने के बाद, कुछ ऐसा हुआ कि वह दिल्ली की हाई-फाई लाईफ छोड़कर अपने गांव लौट आये, जहां उन्होंने खेती करनी शुरू की।

निदरलैंड-फ्रांस जाकर सीखा सेब की खेती करना

गोपाल दत्त उनके पूरे सूबे में ऐसे एकमात्र किसान हैं जिनका वार्षिक कारोबार 12 लाख रुपये का है। 47 वर्षीय गोपाल कहते हैं, ‘2012 में मैं अपने दोस्तों के साथ यूरोप की यात्रा पर गया था। तभी सेब के एक बगीचे में जाना हुआ। मौसम, बर्फबारी, ज़मीन और जगह का माहौल रानीखेत जैसा लगा। उस समय मैंने सोचा, अगर यहां सेब उगाए जा सकते हैं, तो उत्तराखंड में क्यों नहीं। बस यही मेरे जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। नीदरलैंड्स से लौटने के बाद, मैं सोचता रहा कि क्या करना है और कैसे शुरू किया जाए। खेती के लिए प्रशिक्षण कहाँ से प्राप्त करें, क्या प्रक्रिया है? मैं इन सभी सवालों के जवाब पाने के लिए नीदरलैंड गया। वहां एक विशेषज्ञ से मिला। वहां भी सेब की खेती कैसे ही जा सकती है इसकी तालीम ली। इस बीच मुझे कुछ दिनों के लिए फ्रांस जाना पड़ा। वहां भी सेब उगाने का प्रशिक्षण भी प्राप्त किया।’

इंजन‌ियरिंग छोड़ कर खेती के व्यवसाय में शामिल हुए गोपाल दत्त

खेती के व्यवसाय में प्रवेश का शुरु में हुआ पारिवारिक विरोध

गोपाल दत्त के अनुसार फिर उन्होंने सेब की खेती करने का फैसला किया। परिवार ने शुरू में विरोध किया। पत्नी ने कहा, “नौकरी छोड़ कर गलत जोखिम मत उठाना।” फिर उन्होंने उसे समझाया और खेती शुरू की। 2014 में दिल्ली से रानीखेत शिफ्ट हो गया। उस समय परिवार और बच्चे दिल्ली में रह रहे थे। गांव में आने के बाद, उन्होंने जमीन किराए पर ली। खेती जारी रही। विदेशों से पौधों को मंगाने के बजाय हिमाचल प्रदेश से पौधे मंगवाए गए। तीन एकड़ भूमि में 1000 पौधे लगाए गए। एक साल के भीतर फल तैयार हो गया। फिर सवाल आया कि फल कहां बेचें? स्थानीय बाजार में फलों की कीमत उचित नहीं थी। गोपाल बताते हैं, ‘फिर मैंने नेट पर खोज की और उस इकाई के बारे में पता किया जिसके पास जैविक सेब की डिमांड थी।’

धनिया उगाया ऐसा, बना किर्तीमान

गोपाल ने बाद में सेब के साथ धनिया सहित कई मसालों की खेती भी शुरू की। एक इंच भी जमीन खाली नहीं छोड़ने के उद्देश्य से धनिया उगाएं। उसी वर्ष, 7 फीट लंबा धनिया उगाया जिसे वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह मिली। इस धनिये की खास बात यह है कि यह साधारण धनिये से लगभग 10 गुना अधिक होता है। गुणवत्ता भी अच्छी है। सीधे इस्तेमाल किया जा सकता है। अब इस सफल सेब की खेती के साथ, धनिया का एक विशेष पेटेंट भी प्राप्त किया गया है।

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बोले बिल गेट्स; दुनिया को कोरोना वैक्सीन देने में भारत की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण https://www.loktej.com/world/bill-gates-says-india-has-a-prominent-role-in-giving-corona-vaccine-to-the-world-104286 https://www.loktej.com/world/bill-gates-says-india-has-a-prominent-role-in-giving-corona-vaccine-to-the-world-104286#respond Wed, 21 Oct 2020 05:52:17 +0000 https://www.loktej.com/?p=104286

सोफ्टवेयर जायंट माइक्रोसोफ्ट के संस्थापक और दुनिया के अग्रिम दानदाताओं में से एक बिल गेट्स ने कोरोना संकट से दुनिया को उबारने में भारत की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बताया है। बता दें कि भारत दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माण क्षमता वाले दवा उत्पादकों में से एक है।

दवा बाजार और दवाई निर्माण क्षेत्र में भारत की इसी विशेषता के कारण वर्तमान में भारत में ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन, रूस की स्पुतनिक वैक्सीन का परीक्षण चल रहा है। एक बार मंजूरी मिल जाने पर भारत में इसका उत्पादन बढ़ाया जा सकेगा और दुनिया की मांग के अनुरुप आपूर्ति की व्यवस्था की जा सकेगी।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रैंड चैलेंजेज की वार्षिक बैठक 2020 को संबोधित किया था जहां उन्होंने दुनिया के कई क्षेत्रों में इनोवेशन और उसमें भारत की भूमिका पर बात की थी।

इस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि भारत के पास एक मजबूत और जीवंत वैज्ञानिक समुदाय है। हमारे पास अच्छे वैज्ञानिक संस्थान भी हैं। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में वे विशेष रूप से पिछले कुछ महीनों के दौरान भारत की सबसे बड़ी संपत्ति बन कर उभरे हैं।

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मिलें देश की प्रथम माइक्रो आर्टिस्ट रामागिरी स्वरिका, चावल के दानों पर लिख डाली भगवद् गीता! https://www.loktej.com/regional/meet-the-countrys-first-micro-artist-ramagiri-swarika-write-bhagwad-gita-on-rice-grains-104280 https://www.loktej.com/regional/meet-the-countrys-first-micro-artist-ramagiri-swarika-write-bhagwad-gita-on-rice-grains-104280#respond Wed, 21 Oct 2020 05:38:08 +0000 https://www.loktej.com/?p=104280

हैदराबाद के एक लॉ स्टूडेंट ने 4042 चावल के दानों पर पूरी भगवद गीता लिख डाली है। इस महिला का कहना है कि वह देश की पहली माइक्रो आर्टिस्ट हैं। हाल ही में इस महिला ने अपनी माइक्रो आर्ट परियोजना तैयार की है, जिसमें उन्होंने 4042 चावल के दानों पर पूरी भगवद गीता लिखी। माइक्रो आर्टिस्ट रामागिरी स्वरिका कहा कहना है कि उन्हें इस परियोजना को पूरा करने में लगभग 150 घंटे लगे। उन्होंने अब तक 2000 से अधिक माइक्रो आर्ट, पेपर कार्विंग, तिल के बिजों पर चित्रकारी आदि की हैं।

तेलंगाना के राज्यपाल से हो चुकी हैं सम्मानित

बता दें कि इससे पहले रामगिरी स्वारिका ने बालों पर संविधान की प्रस्तावना लिखी थी, जिसके लिए उन्हें तेलंगाना के राज्यपाल द्वारा सम्मानित भी किया गया था। “राष्ट्रीय स्तर पर अपने काम के लिए पहचान हासिल करने के बाद, मैं अपनी कलाकृतियों को अंतर्राष्ट्रीय प्लेटफार्मों पर ले जाने के लिए तैयार हूं,” स्वारिका ने कहा। “मुझे हमेशा से कला और संगीत में दिलचस्पी रही है और मुझे इस कला के लिए बचपन से कई पुरस्कार मिले हैं,” रामगिरी ने कहा। मैंने पिछले चार वर्षों से चावल के दाने पर भगवान गणेश की तस्वीरें बनाने के साथ अपनी माइक्रा आर्ट की शुरुआत की। फिर उसी चावल के दाने पर अंग्रेजी वर्णमाला भी लिखी।

दिल्ली सांस्कृतिक अकादमी की ओर से राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला

2019 में, रामगिरी को दिल्ली सांस्कृतिक अकादमी द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया और उन्हें भारत के पहले माइक्रो आर्टिस्ट के रूप में मान्यता मिली। स्वरिका ने कहा, ‘मुझे 2017 में इंटरनेशनल ऑर्डर बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और 2019 में अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। कानून की छात्रा होने के नाते मैं एक न्यायाधीश बनना चाहती हूं लेकिन इसके साथ ही मैं अपनी कला भी जारी रखूंगी। मैं भारत की महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बनना चाहती हूं।’

चावल के दानों पर भगवद् गीता

बेटी की उपलब्धि पर मां को गर्व

अपनी बेटी की कला के बारे में बात करते हुए, स्वरिका की माँ ने कहा कि उसे बचपन से ही कला और संगीत का शौक था और हमें इस कला में विशेषज्ञ बनते हुए देखकर बहुत गर्व महसूस हो रहा है। सोशल मीडिया पर लोग उसकी तारीफ भी कर रहे हैं। इसके चावल के दानों पर लिखी गई भगवद् गीता की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और लोग इस पर प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं।

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भारत में 5जी लॉंच करने अमेरिका में तैयारी कर रही रिलायंस जीयो, हुई सफल टेस्टिंग https://www.loktej.com/business/reliance-jio-preparing-to-launch-5g-in-india-successful-testing-done-in-us-104278 https://www.loktej.com/business/reliance-jio-preparing-to-launch-5g-in-india-successful-testing-done-in-us-104278#respond Wed, 21 Oct 2020 04:59:58 +0000 https://www.loktej.com/?p=104278

अमेरीकी टेक्नोलॉजी फर्म क्वालकॉम के साथ मिलकर रिलायंस जियो ने अमेरिका में अपनी 5जी टेक्नोलॉजी का सफल परीक्षण किया है। अमेरिका के सैन डियागो में हुए एक वर्चुअल एवेंट में यह घोषणा की गई। रिलायंस जियो के प्रेसिडेंट मैथ्यू ओमान ने क्वालकॉम इवेंट मे कहा कि क्वालकॉम और रिलायंस की सब्सिडरी रेडिसिस के साथ मिलकर हम 5जी तकनीक पर काम कर रहे हैं ताकि भारत में इसे जल्द लॉन्च किया जा सके।

लगभग तीन महीने पहले ही 15 जुलाई को रिलायंस की इंडस्ट्री की आमसभा में रिलायंस जियो के मालिक मुकेश अंबानी ने 5जी टेक्नोलॉजी के ईजाद की घोषणा की थी। घरेलू संसाधनों का इस्तेमाल कर विकसित की गई इस  तकनीक को देश को सौंपते हुए मुकेश अंबानी ने कहा था कि 5जी स्पेक्ट्रम उपलब्ध होते ही रिलायंस जियो 5जी तकनीक की  टेस्टिंग के लिए तैयार है। और 5जी तकनीक की सफल टेस्टिंग के बाद इस तकनीक के निर्यात पर रिलायंस जोर देगा।

भारत में अभी तक 5जी तकनीक की टेस्टिंग के लिए स्पेक्ट्रम  उपलब्ध नही हो पाया है। पर अमेरिका में रिलायंस जियो की 5जी तकनीक का सफल परीक्षण कर लिया गया। तकनीक ने पूरी तरह से, सभी पैरामीटर पर अपने को बेहतरीन साबित किया है। क्वालकॉम वरिष्ठ उपाध्यक्ष, दुर्गा मल्लदी ने कहा कि हम जियो के साथ मिलकर कई तरह के एकपेंडेबल सॉल्यूशन तैयार कर रहे हैं।

कोरोना वायरस के चलते बहुत से देशो ने चीनी कंपनी हुवावे प्रतिबंध लगा दिया है। हुवावे 5जी तकनीक विकसित करने वाली चीनी कंपनी है। 5जी तकनीक के सफल परीक्षण के बाद अब रिलायंस जियो दुनिया भर में चीनी कंपनी की जगह भर सकता है।

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मुर्गी के साथ बनाये सबंध, पत्नी ने वीडियो रिकॉर्ड किया, हुई तीन साल की जेल https://www.loktej.com/world/man-made-relationship-with-hen-wife-recorded-video-jailed-for-three-years-104264 https://www.loktej.com/world/man-made-relationship-with-hen-wife-recorded-video-jailed-for-three-years-104264#respond Tue, 20 Oct 2020 18:30:26 +0000 https://www.loktej.com/?p=104264

एक युवक को मुर्गी के साथ शारीरिक संबंध बनाये। यह आरोप सिद्ध हो जाने पर उसे 3 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। इस मामले का एक और रोचक पक्ष यह है कि युवक के इस कृत्य का उसी की पत्नी ने वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था।

ब्रिटेन की अदालत ने सुनाया फैसला

डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस घिनौने और आश्चर्यजनक कृत्य करने वाले 37 साल के दोषी युवक का नाम रेहान बेग है। यह मामला ब्रिटेन के ब्रैडफोर्ज का है। ब्रैडफोर्ड क्राउन कोर्ट ने बैग को यह सजा सुनाई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस निंदनीय कृत्य के कारण मुर्गी की मौत हो गई। बैग की पत्नी ने स्वीकार किया कि वह अपने पति की अजीब गतिविधियों में शामिल थी। हालांकि, अदालत ने पत्नी को दोषी नहीं ठहराया क्योंकि घरेलू हिंसा के सबूत पाए गए थे।

प्रतिकात्मक तस्वीर

इस प्रकार हुआ इस वारदात का खुलासा

ब्रिटिश अदालत ने अपने फैसले में रेहान बेग के इस कृत्य को विकृत ठहराया है। रेहान बेग का यह कदम तब सामने आया जब राष्ट्रीय अपराध एजेंसी ने बाल यौन शोषण की तस्वीरें रखने की मिली गुप्त सूचना के आधार पर रेहान बेग के घर पर छापा मारा था।

रेहान बेग के कंप्यूटर से बाल यौन शोषण की तस्वीरें भी मिली हैं। जांचकर्ताओं ने अदालत को यह भी बताया कि प्राप्त वीडियो में रेहान को कई मुर्गियों के साथ संबंध बनाते हुए पकड़ा गया है।

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नवरात्रि में गरबा खेलने के फर्जी संदेशों से अहमदाबाद पुलिस की नींद हराम https://www.loktej.com/gujarat-news/ahmedabad-police-sleep-deprived-due-to-fake-messages-of-playing-garba-in-navratri-104259 https://www.loktej.com/gujarat-news/ahmedabad-police-sleep-deprived-due-to-fake-messages-of-playing-garba-in-navratri-104259#respond Tue, 20 Oct 2020 18:13:23 +0000 https://www.loktej.com/?p=104259

राज्य में कहीं भी कोरोना वायरस के कारण नवरात्रि के अवसर पर गरबा के आयोजन की मंजूरी नहीं दी गई है। लेकिन अहमदाबाद पुलिस के लिये गरबा का आयोजन नहीं होना भी एक बड़ा सिरदर्द बन गया है। बता दें कि पुलिस को थोक में ऐसे संदेश मिल रहे हैं कि फलां जगह गरबा चल रहा है, फलां जगह बड़ी संख्या में लोग गरबा खेलने के लिये एकत्रित हुए हैं। लेकिन ये अधिकांश संदेश फर्जी पाये गये हैं और पिछले दो दिनों में इस प्रकार की शिकायतकर्ताओं की मनोवृत्ति ने पुलिस की नींद उड़ा दी थी।

पुलिस को जब-जब इस प्रकार के कोई संदेश मिले और संबंधित जगह पर पहुंच कर पुलिस दस्ते ने पड़ताल की, तो पता चला कि ऐसा कोई मामला है ही नहीं।

प्रतिकात्मक तस्वीर

अहमदाबाद पुलिस कंट्रोल रूम के डीसीपी हर्षद पटेल ने मीडिया से बात करते हुए बताया है कि उन्हें कंट्रोल रूम पर सूचना मिलती है कि जनरेटर चालू है और गरबा खेले जा रहा, बाहरी लोग वीडियो शूट कर रहे हैं, कहीं भजन चल रहे हैं, जोर से स्पीकर बच रहा है आदि, लेकिन जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची है, तो उसे ऐसा कुछ नहीं मिलता। अलबत्ता, पुलिस की टीम सोसायटियों के अध्यक्ष और सचिव से मिलकर जानकारी जुटा रही है।

वैसे पुलिस के लिये यह राहत की बात है कि शहर में कहीं भी इस बार गरबा का आयोजन नहीं हुआ है। पुलिस ने क्रॉस चेकिंग के लिए कुछ जगहों पर सीसीटीवी फुटेज भी चेक किए हैं। कई मामलों में यह पाया गया कि आयोजकों ने गरबा के लिए छोटी योजना बनाई थी, लेकिन सरकार की घोषणा के बाद इन सभी योजनाओं को रद्द कर दिया गया है। अभी नवरात्रि के छः दिन शेष हैं और पुलिस पूरी तरह से सतर्क है। कोरोना महामारी के काल में सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना मार्गदिर्शका का पालन कराने के लिये अहमदाबाद पुलिस मुस्तैद है।

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वुहान में पांच महिनों तक फंसे रह गये युवक ने बताया कैसे चीन ने पाया कोरोना पर काबू https://www.loktej.com/world/trapped-in-wuhan-for-five-months-the-young-man-recounts-how-china-overcame-the-corona-104257 https://www.loktej.com/world/trapped-in-wuhan-for-five-months-the-young-man-recounts-how-china-overcame-the-corona-104257#respond Tue, 20 Oct 2020 17:58:51 +0000 https://www.loktej.com/?p=104257

जब कोई जीवित ही नहीं रहेगा तो मानवाधिकार नहीं होगा, चीन के लोग वहां की सरकार के आदेशों का सख्ती से पालन करते हैं

कोरोना मामलों में दुनिया भर में वृद्धि जारी है। जबकि दुनिया में कोरोना फैलना चीन के जिस वुहान शहर से शुरु हुआ, वहां कोरोना के किसी भी नये मामले की सूचना नहीं है। यह कैसे हुआ इसको लेकर कई हलकों में आश्चर्य है। विशेषज्ञ यह जानने को भी उत्सुक हैं कि वहां ऐसा क्या किया गया जिससे महामारी पर नियंत्रण पाया जा सका।

वुहान में कोरोना महामारी पर नियंत्रण कैसे पाया गया इस बात का अब खुलासा हुआ है। यह खुलासा करने वाला एक युवक है जो
कोरोना महामारी के दौरान वुहान में फंस गया था। लंदन में रहने वाले एक चीनी युवक ने वुहान में कोरोना महामारी के खिलाफ की गई कार्रवाई की मूल कहानी साझा की है। युवक उस समय वुहान में था, जब वुहान में कोरोना महामारी अपने चरम पर थी और उसे वहाँ 5 माह बिताने पड़े थे।

(Photo : EMS)

बहुत आज्ञाकारी होते हैं चीन के लोग

बता दें कि 31 वर्षीय शी लू, जो अपने परिवार से मिलने वुहान आए थे, उन्हें 141 दिनों तक वहाँ रहना पड़ा। शी लू का कहना है कि चीन में कोरोना महामारी को नियंत्रण में लाया जा सका इसका एक सबसे बड़ा कारण यह है कि वहां के लोग बहुत आज्ञाकारी हैं और हर नियम का पालन करते हैं। प्रतिबंधों और स्वतंत्रता पर चल रही बहस के बारे में उन्होंने कहा, “यदि कोई जीवित नहीं है, तो कोई मानव अधिकार नहीं होगा।” कोरोना के प्रसार के साथ, चीनी सरकार ने वुहान को पूरी तरह से बंद कर दिया। लोगों को 76 दिनों तक अपने घरों में रहना पड़ा। शी लू के अनुसार, चीन के लोगों और बाकी संस्कृति के बीच एक बड़ा अंतर है, लेकिन चीन के लोग सरकार के आदेशों का सख्ती से पालन करते हैं।

सबसे मुश्किल था वुहान का लॉकडाउन

जब शी लू अपने परिवार के साथ जनवरी में वुहान पहुंचे तब उनकी पत्नी लंदन में थी। 141 दिनों तक वुहान में रहने के बाद जब सरकार द्वारा लॉकडाउन रूपी प्रतिबंध हटाए तब जाकर वह लंदन में अपने घर लौट आए। वह पिछले 7 साल से लंदन में रह रहे हैं। वुहान में लॉकडाउन को दुनिया में सबसे मुश्किल लॉकडाउन कहा जाता है।

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सूरत : चैंबर द्वारा शहर मेंं बढ़ते आर्थिक अपराध पर अंकुश लगाने गृहमंत्री से पेशकश https://www.loktej.com/surat-news/surat-chamber-offers-to-home-minister-to-curb-rising-economic-crime-in-the-city-104255 https://www.loktej.com/surat-news/surat-chamber-offers-to-home-minister-to-curb-rising-economic-crime-in-the-city-104255#respond Wed, 21 Oct 2020 04:30:49 +0000 https://www.loktej.com/?p=104255

अहमदाबाद की तर्ज पर एसआईटी नियुक्त करने की मांग

दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने राज्य के गृह मंत्री प्रदीपसिंह जडेजा को एक पत्र लिखकर सूरत में रिंग रोड पर आर्थिक अपराध की रोकथाम के लिए एक एसआईटी (विशेष जांच दल) नियुक्त करने की मांग की है। सूरत को राज्य की आर्थिक राजधानी कहा जाता है। हीरा और कपड़ा उद्योग पूरे देश और विदेशों में फैले हुए हैं। इससे पहले 2010 में ऐसे अपराधों की जांच के लिए रिंग रोड पर एक पुलिस स्टेशन स्थापित किया गया था और इसका मुख्यालय वडोदरा में था। उस समय एफआईआर सूरत में दर्ज नहीं किया जाता था तथा 30 दिन जितना समय लगता था। इसके कारण पुलिस स्टेशन उपयोगी नहीं था और दो साल के बाद पुलिस स्टेशन बंद हो गया।

उपरोक्त अनुभव के आधार पर चैंबर ने सूरत में आर्थिक अपराध के पंजीकरण और जांच के लिए तत्काल आधार पर एसआईटी नियुक्त करने के लिए गृह मंत्री से लिखित पेशकश की है। अहमदाबाद में कपड़ा उद्योग में इसी तरह के आर्थिक अपराधों को दर्ज करने और जांच करने के लिए राज्य सरकार द्वारा एसआईटी को नियुक्त किया गया है। सूरत में भी यही आवश्यकता है।

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गुजरात : वलसाड से भेस्तान तक के स्टेशनों पर सफाईकर्मियों को हटाने के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन https://www.loktej.com/gujarat-news/gujarat-protests-against-the-decision-to-remove-sweepers-at-stations-from-valsad-to-bhestan-104252 https://www.loktej.com/gujarat-news/gujarat-protests-against-the-decision-to-remove-sweepers-at-stations-from-valsad-to-bhestan-104252#respond Wed, 21 Oct 2020 03:30:22 +0000 https://www.loktej.com/?p=104252

रेलवे बोर्ड ने 40 प्रतिशत कर्मी कम करने के निर्णय लिया

वलसाड, पारडी से भेस्तान तक 10 रेलवे स्टेशनों की सफाई करने वाले ठेका श्रमिकों की संख्या में 40 प्रतिशत की कटौती पर श्रमिकों में चिंताएँ फैल गई हैं। इन स्टेशनों पर दिन में 117 सफाईकर्मियों की जगह अब 48 कमॢयों से काम चलाना पड़ेगा। शेष के कर्मियों के घर बैठने की बारी है। आगामी दिनों में दिवाली होने से सफाईकर्मियों ने विरोध प्रदर्शन कर स्टेशनों पर नारीबाजी कर निर्णय वापस लेने की मांग की है।

पश्चिम रेलवे के डीआरएम द्वारा पारडी,अतुल, वलसाड, डुंगरी, अलमसाड, वेडछा, नवसारी, मरोली, सचिन, भेस्तान रेलवे स्टेशनों पर सफाई का काम करने के लिए अनुबंध के आधार पर हर दिन 117 कर्मी काम कर रहे हैं। जिसका चार वर्ष का सफाईकर्मियों का 8.28 करोड़ का ठेका प्रभाकर एंटरप्राइज को दिया गया है। अब रेलवे बोर्ड ने सफाईकामदारों की संख्या कम करने का फैसला किया है।

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सूरत : बैंक से पैसे निकालने वाले पिता- पुत्र को बातों में उलझा कर 48 हजार लेकर उचक्का फरार https://www.loktej.com/surat-news/surat-sneaking-absconding-with-48-thousand-by-entangling-the-father-son-who-withdraw-money-from-the-bank-104249 https://www.loktej.com/surat-news/surat-sneaking-absconding-with-48-thousand-by-entangling-the-father-son-who-withdraw-money-from-the-bank-104249#respond Wed, 21 Oct 2020 03:00:02 +0000 https://www.loktej.com/?p=104249

नोट गिनते समय हाथ से झपट लिया 2000 के 24 नोट

अडाजण पाटिया स्थित इंडियन बैंक में रुपये निकालने गये पिता-पुत्र को बातों में उलझाकर ठगों ने 48,000 रुपये ले लिए। रांदेर पुलिस स्टेशन में बेटे द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, पिता ने बैंक से 1.12 लाख रुपये निकाले और जब वह गिनती कर रहे थे, तो उसे एक खराब नोट मिला। उसी समय स्लीप भरने के नाम से बातों में उलझाकर पिता के हाथों से 48 हजार रुपये लेकर ठग फरार हो गया। शिकायत के आधार पर रांदेर पुलिस गे की जांच कर रही है।

वाड़ी फालिया की स्टोर स्ट्रीट पर रहने वाले और घर में ही जरी का काम करने वाले भरत चमनलाल जरीवाला अपने पिता चिमनलाल जरीवाला के साथ अडाजण मेन रोड पर संघवी टॉवर में इंडियन बैंक में कैश निकालने गए थे। भारती ने बैंक से 1.12 लाख रुपये नकद निकाले और अपने पिता चिमनलाल को सौंप दिए। इस बीच, दो भेजाबाज ने पिता-पुत्र की बातचीत को विचलित कर दिया।

एक भेजाबाज ने चिमनलाल से कहा कि आप पैसे ठीक से नहीं गिनते, अगर आप इसे उल्टा करके गिनते हैं तो आपको नोट ख्राब होने का पता चल जाएगा। ऐसा कहते हुए 2000 की 56 नोटों में से 24 नोट झपट कर भ

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सूरत : कोरोना संक्रमण रोकने अब धर्म गुरुओं की मदद ली जाएगी https://www.loktej.com/surat-news/surat-now-the-help-of-religious-gurus-will-be-taken-to-prevent-corona-infection-104245 https://www.loktej.com/surat-news/surat-now-the-help-of-religious-gurus-will-be-taken-to-prevent-corona-infection-104245#respond Wed, 21 Oct 2020 02:30:05 +0000 https://www.loktej.com/?p=104245

रांदेर-अठवा जोन में जैन समाज में बढ़ रहा है संक्रमण, जैन संत देंगे संदेश

शहर में कोरोना के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए पालिका प्रशासन अब पुलिस के साथ-साथ धर्मगुरुओं की भी मदद लेने की योजना बना रही है। सूरत मनपा के अठवा और रादेर क्षेत्रों में जैन समुदाय में संक्रमण अधिक होने से समाज में जागरूकता पैदा करने के लिए मनपा प्रशासन ने जैन मुनियों की मदद लेने की कवायद शुरू की है।

कोरोना की गाइड लाइन का अमल लागू करने के लिए जैन मुनियों से अपील कराने के लिए मनपा प्रशासन विचार कर रहा है। ऐसी अपील के कारण मनपा प्रशासन को संक्रमण को रोकने में सफल होने की उम्मीद है। सूरत महानगर पालिका के रांदेर और अठवा जोन में कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है। वर्तमान में रादेर ज़ोन में 3743 पॉजिटिव केस और अठवा ज़ोन में 4635 पॉजिटिव केस हैं।

लॉक डाउन के दौरान इन दोनों क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण बहुत कम था, लेकिन अनलॉक के बाद इन क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण सबसे अधिक है। दोनों क्षेत्रों में कोरोना पॉजिटिव केसों में जैन समुदाय मरीजों की संख्या अधिक होने से समाज द्वारा आइसोलेशन सेन्टर बी बनाया गया है। पिछले कई समय से लोग मास्क के साथ-साथ व्यापार और कार्य स्थलों में सामाजिक दूरियों को भूलते जा रहे हैं जिसके कारण कोरोना संक्रमण में वृद्धि हुई है। मनपा प्रशासन बार-बार अपील कर रहा है लेकिन संक्रमण कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

अठवा- रांदेर जोन में जैन मरीजों की संख्या बढऩे से उनमें जागृति आए इसके लिए मनपा प्रशासन जैन मुनियों की मदद लेने पर विचार कर रही है। कारण समाज के लोग मुनियों की बात को ध्यान से सुनते है और अनुकरण भी करते हैं।

पालिका सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जैन मुनि का वीडियो समुदाय में वायरल किया जाएगा ताकि जैन समुदाय के लोग हर जगह मास्क और सामाजिक दूरी का पालन करें। चूकि जैन मुनियों द्वारा की गई अपील का अनुकरण जैन युवाओं भी करते हैं, जिससे मनपा प्रशासन अब जैन संतों से कोविड की गाइड लाइन को लागू करने की अपील करेगा।

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राजकोट : कृष्णाबेन जैसे ईमानदार स्वास्थ्यकर्मियों की निस्वार्थ सेवा कई कोरोना रोगी ठीक होकर घर लौटे https://www.loktej.com/gujarat-news/gujarat-know-about-the-honesty-of-the-health-worker-of-this-state-government-hospital-104243 https://www.loktej.com/gujarat-news/gujarat-know-about-the-honesty-of-the-health-worker-of-this-state-government-hospital-104243#respond Wed, 21 Oct 2020 02:00:43 +0000 https://www.loktej.com/?p=104243

कोरोना के रोगियों की सेवा-उपचार मेरे लिए भगवान की सेवा के समान : कृष्णाबेन काशियाणी

सरकार के मार्गदर्शन में राज्य भर के स्वास्थ्य कार्यकर्ता कोरोना को नियंत्रित करने के लिए कोविड -19 अस्पताल में 24 घंटे निर्बाध उपचार और उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। उनकी निस्वार्थ सेवा और परिश्रम के कारण कई संक्रमित लोग कोरोना से मुक्त होकर घर लौट रहे हैं। राजकोट सिविल अस्पताल में ऐसे ही एक कर्तव्यनिष्ठ स्वास्थ्यकर्मी कृष्णबेन काशियाणी काम कर रही थीं, जिनके लिए कोरोना के संक्रमित रोगियों का इलाज मेरे लिए भगवान की सेवा जैसा है।

कृष्णाबेन ने अपने काम के बारे में बताते हुए कहा कि मेरा मुख्य काम यहाँ भर्ती मरीजों की सेवा और इलाज करना है। मैं प्रति दिन यहां भर्ती रोगियों के साथ बातचीत कर उन्हे आत्मीयता सहित आश्वासन देकर कोरोना के खिलाफ लडऩे मजबुत मनोबल प्रदान करता हूं। ताकि मरीज स्वस्थ हो कोरोना मुक्त हो सके। उपचार की इस पद्धति से रोगी के स्वास् थ्य में भी तेजी से सुधार होता है। जैसा कि यहां भर्ती एक बुजुर्ग मरीज की बेटी बन मैं उनका इलाज कर रहा हूं।

राजकोट सिविल अस्पताल में कोरोना मरीजों की देखभाल करते हुए कृष्‍णाबेन काशियाणी

उन्होंने कहा कि एक बार ऐसा हुआ कि यहां उपचार ले रहे डायाबिटीस की बीमारी से पीडि़त एक चाचा बहुत चितिंत थे। ऑक्सीजन की कमी के कारण उन्हें लगातार ऑक्सीजन दिया जा रहा था, लेकिन चाचा को डर था कि वह मर जाएगे। मैंने उन्हें समझाया कि जरूरी नहीं कि आप संक्रमित हों और यह बीमारी लाइलाज है। मेरी बात सुनकर उन्हें शक्ति मिली और उन्होंने कोरोना से छुटकारा पाया, इसलिए जब हम मरीजों का इलाज परिवार जैसे माहौल में करते हैं और उन्हें उनके घरों में वापस भेजते हैं, तो यह बहुत खुशी होती है कि जो सेवा प्रदान की गई है वह व्यर्थ नहीं गई है। मेरे लिए तो कोरोना मरीजों का सेवा-उपचार ईश्वर की सेवा के समान है, मैं इस महामारी के दौरान पैरामेडिकल स्टाफ में काम करने और रोगियों को कोरोना मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही हूं।

इस प्रकार, राजकोट के सिविल अस्पताल में कृष्णाबेन जैसे ईमानदार स्वास्थ्यकर्मियों की निस्वार्थ और प्रतिबद्ध सेवा के कारण कई कोरोना रोगी ठीक होकर घर लौट आए हैं।

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गुजरात : गांधीजी की वजह से आज खादी एक विचार बन गया : शिक्षा मंत्री भूपेंद्रसिंह चुडासमा https://www.loktej.com/gujarat-news/gujarat-khadi-is-not-khadi-but-an-idea-because-of-gandhiji-education-minister-bhupendrasinh-chudasama-104240 https://www.loktej.com/gujarat-news/gujarat-khadi-is-not-khadi-but-an-idea-because-of-gandhiji-education-minister-bhupendrasinh-chudasama-104240#respond Wed, 21 Oct 2020 01:30:09 +0000 https://www.loktej.com/?p=104240

युवकों को पसंद आये ऐसा खादी का वस्त्र बना रहा है खादी बोर्ड

गुजरात राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के स्वप्न को साकार करने तथा अंतिम व्यक्ति को रोजगार मिले इस उद्देश्य से राज्य सरकार की रोजगार योजना के तहत सोलर चरखे और सोलर पैनल वितरण का कार्यक्रम श्री नीलकंठ धाम, संतपथ प्रेरणा पीठ, पिराणा में आयोजित किया। शिक्षा मंत्री भूपेंद्रसिंह चुडासमा ने कहा कि गांधीजी ने उस समय खादी के महत्व को पहचाना इसीलिए उन्होंने खादी के उपयोग और इसके बुनाई के माध्यम से स्वदेशी लोगों के विचार को मजबूत किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी भी इस विचार के मूल में आत्मनिर्भरता पर जोर दे रहे हैं। ऐसे समय में जब कोरोना ने हमें आत्मनिर्भर होने के लिए मजबूर किया है, राज्य सरकार ने इस स्वदेशी विचार के माध्यम से किसी पर आत्मनिर्भरता कम करके कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अहमदाबाद जिले के बुनकर कारीगरों को सौर चरखा और सौर पैनल वितरित किया है।

गुजरात के खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के स्कीम पैटर्न के तहत 65 प्रतिशत सहाय योजना के अनुसार 1,10,40,250 सहायता योजना के 430 सोलर चरखा तथा 65 प्रतिशत सहायता मानद डों के अनुसार 1,06,48,950 सहायता के कुल 129 सौर पैनल लाभार्थी संगठन के बुनकरों को वितरित किया गया। मंत्री ने कहा कि खादी बोर्ड के अध्यक्ष कुशालसिंह पाढेरिया के नेतृत्व में खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा खादी के उत्पादन और बिक्री के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया गया है। राज्य और केंद्र सरकार के सहयोग से नए बुनकर बिजली के बिलों को बचाने और उन्हें आर्थिक रूप से लाभान्वित करने में सक्षम होंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी ने आधुनिकता के उपयोग के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया है, लेकिन जो बुनकर अब तक चरखे के साथ काम कर रहे हैं, वे दिन भर काम कर रहे हैं और सालों से पेंडल चला रहे हैं। इस व्यवसाय में परिवार भी शामिल है। वह अब सौर ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित करने में सक्षम होगा और इस कार्य में सौर चरखे की मदद से आधुनिकता का उपयोग करते हुए आसानी से अपना काम करेगा।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वड़ोदरा हवाई अड्डे पर और नर्मदा नहर पर सौर पैनलों का उपयोग करके बिजली उत्पन्न किया जा रहा है। सरकारी कार्यालय के घरों में सौर पैनल स्थापित करके, आप सौर ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित करके ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं। मंत्री ने आगे कहा कि खेत में कुओं या नलकूपों पर सौर ऊर्जा पैदा करके, हम उस ऊर्जा का उपयोग घर की खपत या खेत के लिए कर सकते हैं। गुजरात सरकार भी सौर पैनलों की स्थापना पर सब्सिडी दे रही है ताकि अधिक से अधिक लोग सौर ऊर्जा का उपयोग करें।

मंत्री ने कहा कि गांधी जी ने हमें खादी दी वह आज केवल विचार न रहकर आत्म-निर्भरता का एक माध्यम बन गया है। खादी बोर्ड द्वारा आधुनिकता के विचार को लागू कर युवकों को पसंद आये ऐसा खादी का वस्त्र बना रहा है। मंत्री ने कहा कि खादी स्वतंत्रता के समय एक विचार था, राष्ट्र के लिए खादी आदर्श वाक्य था। आज यह खादी के फैशन में बदल रहा है। राज्य सरकार हर साल गांधी जयंती के अवसर पर छूट देती है ताकि अधिक से अधिक लोगों को खादी पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

पिछले पांच वर्षों में गुजरात में खादी की बिक्री बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग की अपील के कारण अहमदाबाद शहर और जिले के शिक्षकों ने एक करोड़ रुपये की खादी खरीदी है। इस कार्यक्रम में विधायक बाबूभाई पटेल, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष कुशालसिंह पढेरिया, गुजरात हैंडलूम के अध्यक्ष शंकरभाई दलवाड़ी, अहमदाबाद जिला पंचायत के अध्यक्ष जितेन्द्रसिंह चौहान, खादी और ग्रामोद्योग आयोग के निदेशक उपस्थित थे।

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गुजरात : कच्छ बना सबसे ज्यादा फल उत्पादित करने वाला जिला https://www.loktej.com/gujarat-news/gujarat-kutch-is-the-largest-fruit-producing-district-104232 https://www.loktej.com/gujarat-news/gujarat-kutch-is-the-largest-fruit-producing-district-104232#respond Tue, 20 Oct 2020 17:44:39 +0000 https://www.loktej.com/?p=104232

सफेद रेगिस्तान के लिए मशहूर कच्छ ने एक और सिद्धि अपने नाम की है। सौराष्ट्र, ही नहीं, भरूच और आनंद जैसे जिलों को पीछे छोड़ कच्छ गुजरात का अब सबसे ज्यादा फल उत्पादित करने वाला जिला बन गया है। पहले की तरह रेगिस्तान नहीं, पर कच्छ अब फलों के बगीचे के लिए भी प्रसिद्ध होने लगा है। कच्छ अब कुदरती हरियाली से भरा प्रदेश बन चुका है। कच्छ की यह सिद्धि कृषि और पर्यावरण के तजज्ञों के लिए भी आश्चर्य का कारण बना हुआ है।

साढ़े तीन सौ करोड़ के खारेक का उत्पादन हुआ

कच्छ में इस बार 18 हजार हेक्टर में खारेक का उत्पादन किया गया है। व्यापारियों के अंदाज के अनुसार लगभग पौने दो लाख मैट्रिक टन जितने खारेक का उत्पादन हो सकता है। जो कि लगभग साढ़े तीन सौ करोड़ जितना कारोबार देगी।

पूरे सौराष्ट्र के जितना उत्पादन अकेले कच्छ में

गुजरात सरकार के वर्ष 2019 – 20 के को आंकड़े दिए है उसके अनुसार कच्छ के 56761 हेक्टर इलाके में फल उगाए जाते हैं जो कि राज्य के किसी भी जिले से ज्यादा है। इस साल उत्पादन और भी ज्यादा बढ़ा है, जिसके चलते 10 लाख टन का उत्पादन बढ़ने की संभावना है। कच्छ के किसानों की सबसे बड़ी सिद्धि यह है तो पूरे सौराष्ट्र के 11 जिलों भी ज्यादा उत्पादन अकेले किया है। आंकड़ों के हिसाब से पूरे सौराष्ट्र में 10 लाख टन फल का उत्पादन होता है जो कि कच्छ के बराबर ही है।

आम तौर पर भरूच और आनंद केलों के अधिक उत्पादन के कारण फलों के उत्पादन में आगे रहते थे। पर अब इन जिलों को भी कच्छ ने पछाड़ दिया है। भरुच में 18450 हेक्टर में 9.95 लाख टन फलों का उत्पादन हुआ है जबकि आनंद में 22889 हेक्टर जमीन पर 9.73 लाख टन फल का उत्पादन हुआ है।

आम तौर पर फलों का सबसे ज्यादा उत्पादन दक्षिण गुजरात में होता है। जहां का हवामान कच्छ से बिल्कुल विपरीत है। पूरे गुजरात में 4.46 लाख हेक्टर में 93 लाख टन फलों का उत्पादन होता है।

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गुजरात : हरदम खुश एवं बेफिक्र रहने वाले सापरिया दंपति के सामने कोरोना ने घुटने टेके https://www.loktej.com/gujarat-news/gujarat-corona-kneels-in-front-of-the-happy-and-carefree-saparia-couple-104234 https://www.loktej.com/gujarat-news/gujarat-corona-kneels-in-front-of-the-happy-and-carefree-saparia-couple-104234#respond Wed, 21 Oct 2020 01:00:25 +0000 https://www.loktej.com/?p=104234

किसी भी बीमारी से डरो मत दृढ़ रहो,आपकी साहस देखकर कोरोना भाग जाएगी

दुनिया भर में कई लोग कोविड -19 के संक्रमण से चिंतित हैं, लेकिन क्या आपकी चिंता कोरोना के प्रसार को रोक सकती है? यदि नहीं, तो किस लिए अपने जीवन की अमूल्य क्षणों को चिंता में बेकार कर रहे हो! अगर हम किसी भी बीमारी के डर के बिना बहादुरी से इसका सामना करते हैं, तो बीमारी हमारे मनोबल को देखकर ही भाग जाएगी। यह सकरात्मक शब्द है 66 साल के बुजुर्ग तुलसीभाई सापरिया के जो हाल में मात्र छह दिन में कोरोना को मात देकर घर लौट आये हैं।

समरस कोविड केयर सेंटर में उपचार के 5 दिन बाद कोरोना मुक्त हुए तुलसीभाई सापरिया और मधुबेन सापरिया के पुत्र कंदर्पभाई ने कहा कि सबसे पहले मेरे पिता को सिर में दर्द एवं खाने में स्वाद न आने जैसे लक्षण मालूम होने पर तत्काल पास के स्वास्थ्य केन्द्र में रेपिड टेस्ट कराया तो उनका रिपोर्ट पॉजिटिव आया। घर में केवल माता एवं पिता दो ही रहते थे, इसलिए माँ का भी रिपोर्ट कराया तो उनका भी रिपोर्ट पॉजिटिव आया। मम्मी-पापा दोनों को कोरोना है तो उनका ख्याल कौन रखेगा यह यक्ष प्रश्न दिमाग में चल रहा था। परंतु लोगों के सलाह एवं अभिप्राय के बाद आखिरकार समरस में भर्ती करने का फैसला किया।

समरस केयर सेंटर में इलाज के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता को जिस तरह घर में बड़ों का ध्यान रखा जाता है उसी तरह समरस में ध्यान दिया गया था। रोगियों के प्रति कर्तव्य पर सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का संवेदनशील रवैया रोगियों को ठीक करने में दवा की तरह है। वास्तव में, हमें समरस कोविड केयर सेंटर में उम्मीद से कई गुना बेहतर सुविधाएं मिली हैं।

हालाँकि तुलसीभाई और मधुबेन की उम्र 60 वर्ष से अधिक है, लेकिन वे किसी अन्य बीमारी से पीडि़त नहीं हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं। दृढ़ विश्वास और सकारात्मक सोच के साथ, वे कोरोना को हराकर आज घर लौट आए हैं। यानी हरदम खुश एवं बेफिक्र रहने वाले सापरिया दंपति के सामने कोरोना ने घुटने टेक दिया।

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सूरत : कोरोना से शहर जिले में 2 की मौत, 256 हुए डिस्चार्ज https://www.loktej.com/surat-news/surat-2-killed-256-discharges-in-city-district-from-corona-104231 https://www.loktej.com/surat-news/surat-2-killed-256-discharges-in-city-district-from-corona-104231#respond Tue, 20 Oct 2020 17:45:27 +0000 https://www.loktej.com/?p=104231

अब तक संक्रमित 34385 मृतकों की संख्या 986, स्वस्थ हुए 31423, एक्टिव मरीज 1976

सूरत। सूरत शहर और ग्रामीण क्षेत्र में अब भी कोरोना वायरस से संक्रमितों और मृतकों का आंकड़ा धीरे धीरे कम हो रहा है। शहर-जिले में मंगलवार को नए 231 कोरोना संक्रमित मरीजों का रिपोर्ट पॉजिटिव आया और 256 मरीज डिस्चार्ज हुए तथा 2 पॉजिटिव मरीजों की मौत हुई।

अभी तक शहर तथा ग्रामीण क्षेत्र से कुल 34,385 मरीज कोरोना संक्रमित हुए। जिसमें से 986 की मौत हुई और 31,423 मरीज अस्पताल से स्वस्थ होकर घर लौटे हैं।

मंगलवार को शहर में नए 167 मरीजों के साथ कुल संक्रमितों की संख्या 24,975 हुई है। शहर में मंगलवार को 2 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत के साथ अब तक 713 लोगों की शहर में कोरोना से मौत हुयी है। कोरोना की चिकित्सा लेकर 171 मरीज आज स्वस्थ हुए। अब तक शहर में 22,986 मरीज कोरोना को मात देकर स्वस्थ हुए।

शहर में सबसे अधिक मरीज अठवा जोन से 40, रांदेर जोन से 28, कतारगाम जोन से 25, वराछा-ए जोन से 19, वराछा-बी जोन से 19, उधना जोन से 13, लिंबायत जोन से 12 और सेन्ट्रल जोन से 11 नए मरीजों का समावेश है।

जोन वाईज अब तक कुल संक्रमित मरीजों के बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि सबसे अधिक मरीज अठवा जोन में 4635, कतारगाम जोन में 4284, रांदेर जोन में 3743, लिंबायत जोन में 2676, वराछा-ए जोन में 2830, सेन्ट्रल जोन में 2461, वराछा बी जोन में 2250 और सबसे कम उधना जोन में 2096 कोरोना संक्रमित मरीज है।

मंगलवार को अठवा जोन के भीमराड क्षेत्र से 74 वर्षीय महिला और अठवा जोन के सीटीलाईट क्षेत्र से 63 वर्षीय पुरूष की अस्पताल में चिकित्सा के दौरान कोरोना से मौत हो गई। इसी के साथ अब तक शहर में 713 लोगों की और ग्रामीण क्षेत्र से 273 लोगों की मौत हुई है।

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सूरत : ग्रामीण क्षेत्र में अब तक कोरोना से 273 की मौत https://www.loktej.com/surat-news/surat-273-killed-by-corona-in-rural-areas-so-far-104228 https://www.loktej.com/surat-news/surat-273-killed-by-corona-in-rural-areas-so-far-104228#respond Tue, 20 Oct 2020 17:40:54 +0000 https://www.loktej.com/?p=104228

अब तक कुल 9410 पॉजिटिव, 700 एक्टिव केस

सूरत ग्रामीण क्षेत्र से मंगलवार को कोरोना संक्रमित 64 मरीजों का रिपोर्ट पॉजिटिव आया। अस्पताल में कोरोना की चिकित्सा ले रहे 85 मरीज स्वस्थ हुए।

नए 64 केस पॉजिटिव आने के साथ अब तक कुल 9410 संक्रमित हुए और 8437 मरीज स्वस्थ होकर घर लौटे है। मंगलवार को कोरोना से एक भी मरीज की मौत नही हुयी, अब तक 273 मौत हो चुकी है। आज की स्थिति में 700 एक्टिव मरीज है।

सूरत जिला स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या धीरे धीरे कम हो रही है। मंगलवार को नए 64 मरीजों का रिपोर्ट पॉजिटिव आए हैं।

इसमें सबसे अधिक चोर्यासी तहसील से 15, बारडोली तहसील से 14, कामरेज तहसील से 10, पलसाणा तहसील से 9, ओलपाड तहसील से 5, मांगरोल तहसील से 5, महुवा तहसील से 5, मांडवी तहसील से 1 और उमरपाडा तहसील से 0 मरीज का रिपोर्ट पॉजिटिव आया हैं।

अब तक जिले के 9 तहसीलों में चोर्यासी से 1756, ओलपाड में 1169, कामरेज में 1801, पलसाणा में 1343, बारडोली में 1588, महुवा में 412, मांडवी में 428, मांगरोल में 839 और उमरपाडा में 74 केस पॉजिटिव दर्ज हों चुके है।

मंगलवार को जिले में कोरोना वायरस से एक भी मरीज की मौत नही हुई। मांगरोल तहसिल के कोसंबा तरसाडी क्षेत्र से 70 वर्षीय पुरूष की अस्पताल में कोरोना चिकित्सा के दौरान मौत हो गयी। मंगलवार शाम तक जिले में कुल 9346 कोरोना संक्रमित केस हुए है, जिसमें से अब तक 273 की मौत हो चुकी हैं।

आज कोरोना संक्रमित 85 मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज हुए, जिससे अब तक ग्रामीण विस्तार के 8437 मरीज कोरोना को मात देकर घर लौटे हैं। जिले के 700 कोरोना पॉजिटिव मरीज अलग-अलग अस्पतालों में चिकित्सा ले रहे है।

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गुजरात : जाने राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डॉ. राजुलबेन देसाई ने महिलाओं के बारे क्या कहा https://www.loktej.com/gujarat-news/gujarat-know-what-dr-rajulben-desai-member-of-national-commission-for-women-said-about-women-104227 https://www.loktej.com/gujarat-news/gujarat-know-what-dr-rajulben-desai-member-of-national-commission-for-women-said-about-women-104227#respond Wed, 21 Oct 2020 00:30:35 +0000 https://www.loktej.com/?p=104227

महिलाओं को एक छत के नीचे सहायता प्रदान करती है सखी वन स्टाप सेन्टर

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डॉ.राजुलबेन देसाई ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग विशेष रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा के बारे में चिंतित है। महिला आयोग हमेशा महिलाओं के अधिकारों, कर्तव्यों और कानूनी सलाह के लिए सक्रिय रहा है।

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डॉ. राजुलबेन देसाई ने कहा कि बेटियों को प्रोत्साहित किया जाना महत्वपूर्ण है। विभिन्न क्षेत्रों में नाम रोशन करने वाली तालुका की बेटियों की तस्वीर बनाकर ‘मेरी बेटी मेरा अभियान के तहत जिले के विभिन्न स्थानों पर लगाया जाना चाहिए, जो बेटी और उसके माता-पिता को प्रोत्साहित करेगा। इसके अलावा, जिले में विभिन्न स्थानों जैसे ग्राम पंचायत, पालिका के साथ-साथ अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सखी वन स्टॉप सेंटर सहित महिला उन्मुख योजनाओं के प्रचार के लिए अनुरोध किया है।

डॉ. राजुलेबेन देसाई ने कहा कि सोशल मीडिया का पूर्ण रूप से उपयोग करके स्मार्ट वर्क होना महत्वपूर्ण है। बच्चे, महिलाओं के प्रति संवेदनशील हों और आत्मीयता रख महिलाओं की शक्ति के बारे में चिंतित हों। वर्चुअल माध्यम से महिलाओं, युवतियों एवं किशोरियों को जोड़कर उनकों उनके अधिकार व कानून संंबंधित जानकारी होना जररिी है। इसके अलावा,महिलाओं को कुपोषण के उन्मूलन के हिस्से के रूप में स्वस्थ भोजन के बारे में जागरूक होने के लिए कहा।

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डॉ. राजुलबेन देसाई ने मेहसाणा के सखी ‘वन स्टॉप सेंटर का दौरा किया और आवश्यक निर्देश दिए। 30 नवंबर 2019 से जिले में शुरु हुए सखीवन स्टॉप सेंटर 24 घंटे कार्यरत है। जिसमें 14 कर्मयोगी महिलाओं की मदद के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

सखी वन स्टॉप सेंटर का उद्देश्य किसी भी प्रकार की हिंसा की शिकार महिलाओं को तत्काल चिकित्सा, कानूनी, मनोवैज्ञानिक और परामर्श सेवाएं प्रदान करना है। महिलाओं को एक छत के नीचे सहायता प्राप्त होती है। सखी वन स्टॉप सेंटर पीडि़त सभी महिलाओं को आश्रय भी प्रदान करता है। सखी वन स्टॉप सेंटर मेहसाणा में घरेलू हिंसा, बलात्कार, लापता, बाल विवाह, वेश्यावृत्ति, मानसिक अस्थिरता, पोक्सो, एसिड अटैक और अन्य सहित कुल 133 महिलाओं को सहायता की गई है। इसके अलावा लॉकडाउन दरम्यान सेन्टर पर आई 57बहनों को आश्रय, 81 बहनों को मास्क का वितरण, 53 बहनों को सैनिटाइजर का वितरण, 42 बहनों को सेनेटरी नैपकिन सहित चिकित्सा उपचार और समाधान किया गया है।

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डॉ.राजुलबेन देसाई ने वन स्टॉप सेंटर में पुनर्वासित महिला के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। इसके अलावा, सखी वन स्टॉप सेंटर में काम करनेवाले कर्मयोगियों के कार्यों की प्रशंसा की और प्रोत्साहित किया। सखी वन स्टॉप सेंटर का दौरा करने के मौके पर महिला और बाल कल्याण अधिकारी मुकेश पटेल सहित सखी वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारी मौजूद थे।

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सूरत : इस वर्ष सीएमए की परीक्षा ऑनलाईन मोड में होगी https://www.loktej.com/surat-news/surat-this-year-cma-exam-will-be-in-online-mode-104224 https://www.loktej.com/surat-news/surat-this-year-cma-exam-will-be-in-online-mode-104224#respond Tue, 20 Oct 2020 17:35:02 +0000 https://www.loktej.com/?p=104224

10 दिसंबर से इंटर और फाईनल की परीक्षा ली जायेगी

कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष सीएमए परीक्षा ऑनलाईन मोड में ली जायेगी। इन्स्टिट्युट ऑफ कोस्ट एकाउन्टन्टस ऑफ इन्डिया ने नोटीफिकेशन जारी कर स्पष्टता की है की दिसंबर 2020 में इन्टरमिडिएट और फाईनल की परीक्षा ऑफलाईन मोड में नही मगर ऑनलाईन मोड में ली जायेगी।

चार्टर्ड एकाउन्टन्टस , कंपनी सेक्रेटरी या कोस्ट एकाउन्टींग जैसे महत्वपुर्ण प्रोफेशनल कोर्ष में अभी तक ऑनलाईन परिक्षा नही ली गयी। इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते परिक्षार्थी में संक्रमण न फैले और कोविड-19 गाईडलाईन का पालन किया जा सके इस उद्देश्य के साथ बोर्ड ने परीक्षा के संदर्भ में महत्वपुर्ण निर्णय लिया है।

कोरोना के चलते जून 2020 में परीक्षा भी नही ली गयी थी। जून की बाकी रही परीक्षा को दिसंबर 2020 में मर्ज कर दिया है। 10 दिसंबर से इन्टर और फाईनल के दोनो एटेम्पट को मर्ज कराकर परीक्षा ली जायेगी।

सूरत सीएमए इन्स्ट्ट्यिुट के नेन्टी शाह ने जानकारी देते हुए कहा कि द्वारा हर साल जुन और दिसंबर में फाऊन्डेशन, इन्टरमिडिएट और फाईनल की परीक्षा ली जाती है। कोरोना वायरस के कारण सितंबर 2020 में फाउन्डेशन की परीक्षा ऑनलाईन हो चुंकी है।

इसके बाद इन्टरमिडिएट और फाईनल की परीक्षा जो काफी महत्वपुर्ण होती है उसे ऑफलाईन लिया जाए या ऑनलाईन उसे लेकर बोर्ड चिंचित था। वर्तमान में भी देश भर की स्कूलों और कॉलेजो में ऑनलाईन शिक्षा एवं परीक्षा चल रही है।

इन्स्टिट्युट ने भी इन्टरमिडिएट और फाईनल की परीक्षा ऑनलाईन लेने का महत्वपुर्ण निर्णय लिया है। अब दिसंबर 10 से ऑनलाईन परीक्षा ली जायेगी जिससे अन्य परीक्षा की तरह सीएमए की परीक्षा भी वैश्वीक आधुनिकता के रुप में होगी।

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सूरत : रेलवे ट्रेक बनाने की कार्यवाही रोकने किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन दिया https://www.loktej.com/surat-news/surat-farmers-gave-memorandum-to-collector-to-stop-proceedings-of-making-railway-track-104221 https://www.loktej.com/surat-news/surat-farmers-gave-memorandum-to-collector-to-stop-proceedings-of-making-railway-track-104221#respond Tue, 20 Oct 2020 17:29:49 +0000 https://www.loktej.com/?p=104221

पुलिस और रेलवे अधिकारियों को कार्यवाही से रोककर किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया

सूरत शहर के उधना रेलवे डिविजन से उमरा गोथाण तक जानेवाले फ्रेईथ (गुड्स ट्रेन) कोरिडोर के लिए जमीन संपादन के लिए कंपनी ने कार्यवाही शुरू की जिसका किसानों ने विरोध किया।

किसानों ने खेतों में खड़ी गन्ने कि फसल काटने तक 15 दिनों का समय मांगा था जो नही देने पर कोसमाडा के किसानों की आंखों मे आसु आ गए थे। किसानों ने स्थल पर उपस्थित रेलवे और पुलिस अधिकारियों का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया।

रेलवे के अधिकारियों ने कहा कि अगर कलेक्टर कार्यवाही रोकने के लिए आदेश देंगे तो हम कार्यवाही रोक देंगे। किसानो ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर कार्यवाही रोकने की मांग की।

उधना रेलवे डिविजन के अंतर्गत गुडस ट्रेन कोरिडोर के लिए जमीन संपादन का कार्य चल रहा है। जमीन संपादन के खिलाफ किसान ने विरोध कर सुप्रिम कोर्ट तक लड़ाई चलाई थी। सुप्रिम कोर्ट ने किसानों को जमीन का बजार भाव के तहत हर्जाना देने का आदेश दिया था। जिला कलेक्टर , हाईकोर्ट और सुप्रिम कोर्ट में केस चलने के बाद डीएफसीसी कंपनी ने अपनी कार्यवाही शुरू की।

उमरा गोथाण के पास कोसमाडी गांव के किसानों ने कंपनी के अधिकारियों से 15 दिनों का अतिरिक्त समय मांगा था। खेतों में गन्ने की तैयार फसल को दशहरे के बाद सुगर मिल शुरू होते की काटने की तैयारी दिखायी थी।

कंपनी के अधिकारीयों ने किसानों की मांग न सुनते हुए गन्ने के खेतों में खडी फसल पर बुलडोजर चला दिए। खड़ी फसल जो पंद्रह दिनों में कटने के लिए तैयार थी उस पर बुलडोजर चलते देखकर किसानों की आंखों से आश्रु बहने लगे।

दशहरे के बाद दक्षिण गुजरात की सुगर मिल शुरू होने के साथ ही खेतों में गन्ने की कटाई भी शुरू हो जाती है। दशहरे तक अगर रुक जाते तो किसानों को फसल का दाम तो मिल जाता।

दुसरे दिन गुजरात किसान संघ के पदाधिकारियों के साथ कोसमाडा गांव में किसानों ने रेलवे और पुलिसकर्मी को कार्यवाही करने से रोकने के लिए विरोध प्रदर्शन किया।

रेलवे के अधिकारियों ने कहा कि अगर जिला कलेक्टर आदेश देंगे तो हम काम रोक देंगे। उसके बाद किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर कार्यवाही रोकने की मांग की है।

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सूरत : देश का सबसे लंबा 108 किलोमीटर का बीआरटीएस कोरिडोर शहर में : पालिका आयुक्त https://www.loktej.com/surat-news/surat-the-countrys-longest-108-km-brts-corridor-in-the-city-municipal-commissioner-104216 https://www.loktej.com/surat-news/surat-the-countrys-longest-108-km-brts-corridor-in-the-city-municipal-commissioner-104216#respond Tue, 20 Oct 2020 17:25:01 +0000 https://www.loktej.com/?p=104216

अणुव्रत द्वारा से 3 किलोमीटर लंबा केनाल कोरिडोर अंतर्राष्ट्रीय स्तर का : बंछा निधि पानी

शहर में आज कुंभारिया से कडोदरा तक 7 किलोमीटर लंबा बीआरटीएस कोरिडोर के लोकार्पण के साथ सूरत देश में सबसे लंबे 108 किलोमीटर के बीआरटीएस कोरिडोर वाला प्रथम शहर बना।

अणुव्रत द्वार से जमनाबा पार्क तक 57 करोड की लागत से बना 3 किलोमीटर केनाल कोरिडोर शहर के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर का आईकोन प्रोजेक्ट साबित हुआ।

पालिका आयुक्त बंछानिधि पानी ने मुख्यमंत्री का वच्र्युअल कार्यक्रम में स्वागत करते हुए कहा कि आज सूरत में कुंभारीया से कडोदरा तक 7 किलोमीटर लंबा बीआरटीएस कोरीडोर के लोकार्पण के साथ समग्र शहर में 108 किलोमीटर लंबा बीआरटीएस रूट कार्यरत हुआ है।

आज सूरत समग्र देश में सबसे अधिक लंबाई वाला बीआरटीएस नेटवर्क वाला शहर बना। सूरत को कडोदरा के साथ बीआरटीएस नेटवर्क से जोडने पर शहर की कनेक्टीवीटी नेशनल हाईवे के साथ जुड गयी।

सूडा क्षेत्र में रहनेवाले श्रमिकों, यात्रियों को सुरक्षित और तेज गति से परिवहन का बेहतर सेवा उपलब्ध हुयी। इसी के साथ शहर में अणुव्रत द्वार से जमनाबा पार्क तक तीन किलोमीटर लंबे केनाल कोरीडोर आंतर्राष्ट्रीय स्तर का एक्टीविटी एरिया बना है।

इस कोरीडोर पर परिवहन के साथ बच्चे, वयस्क और बुर्जुगों के लिए विभिन्न फन एक्टीविटी की सुविधा केनाल रोड पर उपलब्ध की गयी है।

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सूरत : वांछित शराब तस्कर डेढ़ साल बाद चढ़ा एलसीबी के हत्थे https://www.loktej.com/surat-news/surat-desired-liquor-smugglers-climbed-up-after-one-and-a-half-years-104212 https://www.loktej.com/surat-news/surat-desired-liquor-smugglers-climbed-up-after-one-and-a-half-years-104212#respond Tue, 20 Oct 2020 17:16:23 +0000 https://www.loktej.com/?p=104212

मांडवी थाने में दर्ज था अपराध

कीम (सूरत) । जनपद अंतर्गत मांडवी थाने में शराब तस्करी के अपराध में पिछले डेढ़ साल से वांछित अपराधी को जिला एलसीबी.पुलिस ने कीम चौराहे समीप पालोद से गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। प्राप्त विगत के अनुसार एलसीबी.टीम कोसंबा थाना की हद में पेट्रोलिंग में थी तभी मुखबीरों ने सूचना दी कि मांडवी थाने में शराब तस्करी में वांटेड विजय पुत्र नटवर वसावा निवासी पालोद गांव, खांडेसेरी मुहल्ला तहसील मांगरोल जिला सूरत पालोद गांव की हद में खांडसेरी मोड़ पर खड़ा है।

मुखबीरों की निशानदेही पर एलसीबी. पुलिस मौके पर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर ली। पूछपरछ में विजय वसावा में अपराध कबूल कर लिया जिससे एलसीबी.मांडवी थाने को सौंप देने की बात कही है।

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सूरत : नवरात्रि पर शहरवासियों को 201 करोड़ के विकास प्रकल्पों की भेट : मुख्यमंत्री https://www.loktej.com/surat-news/surat-on-the-occasion-of-navratri-people-received-development-projects-worth-rs-201-crore-chief-minister-104211 https://www.loktej.com/surat-news/surat-on-the-occasion-of-navratri-people-received-development-projects-worth-rs-201-crore-chief-minister-104211#respond Tue, 20 Oct 2020 17:20:27 +0000 https://www.loktej.com/?p=104211

कुंभारीया से कडोदरा बीआरटीएस कोरीडोर के साथ 1200 आवासों का लोकार्पण

मुख्यमंत्री विजयभाई रुपाणी के हाथों नवरात्रि के शुभ अवसर पर मंगलवार 20 अक्टूबर 2020 को सूरत महानगरपालिका और सुरत शहरी विकास सत्तामंडल (सुडा ) के 201.86 करोड़ के विकास प्रकल्पों का गांधीनगर से विडियो कोन्फ्रेन्स के माध्यम से ई-लोकार्पण हुआ।

जिसमें कुंभारीया से कडोदरा तक बीआरटीएस कोरिडोर, अणुव्रत द्वारा से जमनाबा पार्क तक केनाल रोड का लोकार्पण तथा सुडा के 1200 मकानों का लाकार्पण मुख्य है।

इस कार्यक्रम में गांधीनगर से मुख्यमंत्री विजयभाई रुपाणी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सी.आर.पाटील के साथ सूरत महानगरपालिका मुख्यालय स्थित स्मेक सेन्टर में राज्य के स्वास्थ मंत्री किशोरभाई कानाणी, महापौर डॉ.जगदीश पटेल, मनपा आयुक्त बंछा निधि पानी , विधायक तथा मनपा के विभिन्न समितियों के अध्यक्ष तथा पालिका के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

गांधीनगर से विडियो कोन्फ्रेस के माध्यम से विकास प्रकल्पों का ई – लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री विजयभाई रुपाणी ने कहा कि पिछले कुछ महिनों के दौरान गुजरात में 12 हजार करोड के विकासकामों का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ।

सूरत का स्वच्छता में दुसरा क्रम आने पर मुख्यमंत्री ने पालिका के पदाधिकारी एवं अधिकारीयों को अभिनंदन दिया। आगामी समय में मेट्रो ट्रेन, रिवरफ्रन्ट, तापी शुध्दिकरण, ड्रीमसिटी जैसे प्रोजेक्टो पर सरकार युध्दस्तर पर काम कर रही है। सूरत शहर लेन्ड ऑफ ओपोच्र्युनिटी बनने जा रही है।

गांधीनगर से ऑनलाईन जुडे सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सी.आर.पाटील ने कहा कि सूरत सिंगापोर बने इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। समग्र देश की महानगरपालिकाओं में सूरत के स्मार्ट सिटी का कार्य तीव्र गती से आगे बढ़ रहा है।

महापौर जगदीश पटेल ने कहा कि कोरोनाकाल में भी सतर्कता, सावधानी के साथ लोकहीत के कार्यो की गती अटकी नही है। सूरत की विकासयात्रा उसी गती से आगे बढ़ेगी ऐसा आश्वासन दिया।

सूरत महानगरपालिका के लोकार्पित हुए विकास कामों में 28.05 करोड की लागत से बने सहारा दरवाजा से कुंभारीया (सारोली) तक बीआरटीएस कोरीडोर को कडोदरा तक विस्तृतिकरण, रांदेर जोन में 1.16 करोड़ की लागत से वरीयाव-ताडवाडी में युसीडी सेन्टर और हेल्थ सेन्टर

12 करोड की लागत से बना गजेबो तथा गार्डन, 14 लाख के खर्च से निर्मित अडाजण में शांतिकुंज एवं किल्लोल कुंज का मुख्यमंत्री ई-लोकार्पण करेंगे।

अठवा जोन में अणुव्रत द्वार जंक्शन से मनीबा पार्क तक केनाल रोड पर सीसीरोड, फुटपाथ, स्ट्रीटलाईट, स्ट्रीट फर्निचर, केनाल ब्युटीफिकेशन तथा 17.21 करोड के लागत से वेसु-भरथाणा में ड्रेनेज सिस्टम सुविधा का भी लोकार्पण हुआ।

इसके अलावा उधना जोन में समाविष्ट उन गांव के पास 2.63 करोड के खर्च से नयी प्राथमिक स्कूल काम, 1.63 करोड के खर्च से जहांगीराबाद में मोजेक गार्डन, 1.39 करोड के खर्च से बोटनिकल गार्डन में अर्बन होर्टीकल्चर सेन्टर और टेरेस गार्डन, लिंबायत के परवत गांव में स्थित पुरानी वोर्ड ऑफिस की जगह पर स्मार्ट आंगणवाडी, किल्लोकुंज का लोकार्पण हुआ।

सुडा द्वारा कुंभारीया परवतगांव में 97.32 करोड के खर्च से निर्मित हुए प्रधानमंत्री आवास योजना-मुख्यमंत्री आवास योजना अंतर्गत 1200 आवासो का ई-लोकार्पण भी मुख्यमंत्री विजयभाई रुपाणी के हाथों से हुआ।

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सूरत : एयरपोर्ट पर कलाकार ने गरबा गाकर नवरात्रि का माहौल बनाया https://www.loktej.com/surat-news/surat-artist-created-navratri-atmosphere-by-singing-garba-at-the-airport-104208 https://www.loktej.com/surat-news/surat-artist-created-navratri-atmosphere-by-singing-garba-at-the-airport-104208#respond Tue, 20 Oct 2020 17:14:38 +0000 https://www.loktej.com/?p=104208

कोरोनाकाल में मात्र गरबा सुनाकर एयरपोर्ट पर यात्रियों का स्वागत किया गया

कोरोना संक्रमण के कारण इस वर्ष सरकार ने गरबा खेलने के आयोजनो पर प्रतिबंध लगाया है। सूरत एयरपोर्ट पर बाहर से आनेवाले यात्रियों का स्वागत करने हेतु कलाकार ने गिटार के साथ गरबा सूनाकर नवरात्रि का माहोल बनाया।

सूरत एयरपोर्ट अब पुर्ववत ओपरेशन शुरू हो चुंका है। देश के विभिन्न शहरों से फ्लाईट कनेक्टीविटी शुरू होने के साथ ही यात्रियों की आवाजाही बढ़ गयी है। एयरपोर्ट पर हर साल बाहर से आनेवाले यात्रियों का स्वागत करने हेतू गरबा का आयोजन होता था।

इस वर्ष कोरोना की वजह से गरबा खेलने पर सरकार ने प्रतिबंध लगया है। सूरत एयरपोर्ट पर एक गायक कलाकार नवरात्रि के पारंपरिक पोषाक पहनकर हाथों में गिटार के साथ गरबा गीत गाकर यात्रियों का स्वागत कर रहा है।

नवरात्रि वेशभुषा में सजे कलाकार और गरबा सूनने पर एयरपोर्ट का माहोल कुछ समय के लिए गरबामय बन जाता है। इस कलाकार ने कोविड-19 गाईडलाईन का पालन करते हुए गीत पेश किए और यात्रियों ने भी मास्क पहनकर गीतों का आनंद लिया।

नवरात्रि के त्यौहार में गरबा सुनने के बावजुद यात्रि गरबा का स्टेप नही खेल सकते जिसका उन्हे अफसोस है। कोरोना ने हमारी लाईफ स्टाईल बदलने के साथ हमारे त्यौहारों को मनाने का तरीका भी बदल दिया है।

गरबा के गीत सूनने के बाद यात्रियों के पैर अपने आप थिरकते है मगर मास्क और सोशियल डिस्टेन्स के साथ उन्हे कोरोना याद आता है और अपने आप को गरबा खेलने से रोक लेते है।

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सूरत : मानदरवाजा टेनामेन्ट रि डेवलपमेन्ट प्रोजेक्ट के प्रभावितों को न्याय दिलाने की मांग https://www.loktej.com/surat-news/surat-demand-for-justice-to-the-affected-people-of-mandarwaja-tenant-re-development-project-104204 https://www.loktej.com/surat-news/surat-demand-for-justice-to-the-affected-people-of-mandarwaja-tenant-re-development-project-104204#respond Tue, 20 Oct 2020 17:08:01 +0000 https://www.loktej.com/?p=104204

14 महीने से अटके प्रोजेक्ट को शुरू करने महापौर को दिया ज्ञापन

सूरत में मानदरवाजा टेनामेन्ट रि डेवलपमेन्ट प्रोजेक्ट का काम पिछले 14 महिनों से अटका पडा होने से असरग्रस्तो को न्याय दिलाने के लिए स्थानिय पार्षद असलम सायकलवाला ने महापौर को ज्ञापन देकर त्वरीत कार्यवाही की मांग रखी।

मानदरवाजा आंजणा क्षेत्र के पार्षद असलम सायकलवाला ने महापौर डॉ. जगदीश पटेल को ज्ञापन देकर मानदरवाजा टेनामेन्ट रि डेवलपमेन्ट प्रोजेक्ट का अटका पडा काम शुरू कराने की मांग रखी।

रिंगरोड पर मानदरवाजा स्थित टेनामेन्ट ए,बी और सी में करीबन 6000 की आबादी निवास करती है। यह टेनामेन्ट जर्जरित हो चुंके होने से पालिाक ने वर्ष 2017 में 1200 से अधिक फ्लेटधारकों से सहमती लेकर टेनामेन्ट रि डेवलपमेन्ट योजना को आगे बढाया था।

पिछले 14 महिनों से इस योजना पर भाजपा शासकों ने कोई कार्य नही किया। बरसात के मौसम के बाद वर्तमान में मानदरवाजा टेनामेन्ट की हालत अधिक खस्ताहाल हो चुंकी है। टेनामेन्ट के 95 प्रतिशत फ्लैटधारक रि डेवलपमेन्ट की सहमती दे चुंकी है फिर भी पालिका मात्र आंबेडकर शोपिंग सेन्टर के दुकानों के लिए प्रोजेक्ट को आगे नही बड़ा रही।

महानगरपालिका जल्द से जल्द इस प्रोजेक्ट पर कार्यवाही करे ऐसी मांग स्थानिय पार्षद असलम सायकलवाला ने महापौर से की है।

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जानें चेन्नई के कुमारन सिल्क स्टोर में ऐसा क्या हुआ जो सील लगाना पड़ गया https://www.loktej.com/regional/learn-what-happened-in-chennais-kumaran-silk-store-that-had-to-be-sealed-104203 https://www.loktej.com/regional/learn-what-happened-in-chennais-kumaran-silk-store-that-had-to-be-sealed-104203#respond Tue, 20 Oct 2020 17:00:10 +0000 https://www.loktej.com/?p=104203

देशभर में कोरोना का आतंक अपने चरम पर है। दिन-ब-दिन कोरोना संक्रमित मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। जहां एक ओर लोग सरकार लोगों से सारी आवश्यक दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए कह रही है वही दूसरी ओर कुछ लोग इस बात से इतने बेखबर और लापरवाह हो चुके है जैसे कुछ हुआ ही ना हो!

दुनिया भर के डॉक्टर, वैज्ञानिक और सरकारें लोगों को सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए कह रही है पर जनता मामूली चीजों के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहा है। लोग अब सामान्य जगहों पर बिना सोशल डिस्टेंसिंग और बिना किसी मास्क के घूमते नजर आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला चेन्नई में देखने को मिला। हाल ही में चेन्नई की एक साड़ी की दुकान का वीडियो वायरल हुआ है। जहां शॉपिंग के लिए लोगों की लंबी लाइन लगी है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद चेन्नई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने तुरंत कार्यवाही करते हुए ‘कुमारम सिल्क’ नाम की इस साड़ी शॉप को सील कर दिया।

दरअसल तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के टी नगर में स्थित कपड़ा के एक लोकप्रिय शोरूम कुमारन सिल्क स्टोर को कोविड-19 नियमों के उल्लंघन करने और ज्यादा भीड़ होने के कारण नगर निगम ने बंद कर दिया। इसके बाद चेन्नई नगर निगम ने दुकानदारों एवं लोगों से सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने की अपील की।

इस बारे मे ट्वीट करते हुए चेन्नई नगर निगम ने लिखा, ‘आज टी नगर में एक दुकान पर ताला लगा दिया गया और उसे सील कर दिया गया, क्योंकि उसने भीड़ होने दी ओर कोविड-19 सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया। जो अन्य दुकान नियमों का पालन नहीं करेंगी, उन्हें भी सील किया जाएगा। दुकानदारों और लोगों से सुरक्षा नियमों का पालन करने का अनुरोध किया जाता है।’

हालांकि इस वीडियो के सामने आने के बाद लोग ना सिर्फ इसे शेयर कर रहे है बल्कि अपनी राय देते हुए टिप्पणी भी कर रहे हैं।

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गुजरात : पुरानी प्रतिबंधित नोटों के साथ दो लोग पकड़ाए https://www.loktej.com/gujarat-news/gujarat-two-people-caught-with-old-banned-notes-104200 https://www.loktej.com/gujarat-news/gujarat-two-people-caught-with-old-banned-notes-104200#respond Tue, 20 Oct 2020 16:30:07 +0000 https://www.loktej.com/?p=104200

नोटबंदी मोदी सरकार के अहम फैसलों में से एक माना जाता है। मोदी सरकार ने 8 नवम्बर 2016 को देशभर के तमाम 500/ और 1000/ के नोटों को अवैध करार कर दिया। इसका उद्देश्य देश भर मे जमा अज्ञात पैसों को सामने लाना और कालेधन को सामने लाना था।

इस बड़े कदम के चार साल बाद भी गुजरात से बड़े पैमाने पर पुराने नोट पाये जा रहे है। हाल ही मे पंचमहल जिले में घोघम्बा तालुका पंचायत के उप-पंच के बेटे को 12.51 लाख रुपये के पुराने नोटों के साथ पकड़ा गया था। गोधरा पुलिस को निश्चित सूचना मिली थी कि घोघम्बा के दो लोग अपनी कार में पुराने करेंसी नोट लेकर गोधरा आ रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस तत्परता से काम करते हुए इन दोनों को पकड़ कर पुराने नोटों को अपने कब्जे में कर लिया।

पुलिस की जानकारी के अनुसार, पकड़े गए लोगों के पास से 1,000 रुपये के 561 और 500 रुपये के 2200 पुराने नोटों को जब्त कर लिया गया। आगे की पूछताछ के बाद दोनों ने खुद को पंचमहल जिले के घोघम्बा के निवासी होने की बात कबूल की। ​​दोनों में से एक धनराज नरेंद्रसिंह परमार हैं जो एक जिम ट्रेनर हैं।

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मुम्बई के कोविड सेंटर में गरबा खेल कर गम भूल रहे मरीज़, वीडियो हुआ वायरल https://www.loktej.com/weird-news/patients-forgetting-gum-playing-garba-at-mumbais-kovid-center-video-goes-viral-104197 https://www.loktej.com/weird-news/patients-forgetting-gum-playing-garba-at-mumbais-kovid-center-video-goes-viral-104197#respond Tue, 20 Oct 2020 16:00:04 +0000 https://www.loktej.com/?p=104197

कोरोना ने इस साल की नवरात्रि और गरबा दोनों का ही मज़ा खराब कर रखा है। कोरोना के कारण ना लोग मिल सकते है ना जमा हो सकते है, ऐसे मे गरबा तो बहुत दूर की बात है। पर जहां चाह वहाँ राह! मुंबई के एक कोविड़ सेंटर मे ऐसा ही कुछ देखने को मिला। दरअसल मुंबई के एक कोविड़ सेंटर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें गरबा खेलते हुए कुछ गरबा प्रेमियों को देखा जा सकता है। कोरोना संक्रमित होने के बाद भी इन लोगों का हौसला नहीं तोड़ पाई और ये वीडियो इसी बात का सबूत हैं।

वायरल हो रहे इस वीडियो में से एक में पीपीई किट पहने हुए स्वास्थ्यकर्मियों के साथ कोविड-19 महिला वार्ड की कई महिलाओं को मास्क लगाकर गरबा करते हुए नजर आ रही हैं। वहीं एक अन्य वीडियो में कुछ पुरुष मरीजों को पीपीई किट पहने स्वास्थ्यकर्मियों के साथ गरबा करते हुए देखा जा सकता हैं। जानकारी के अनुसार ये वीडियो गोरेगांव में बृहन्मुंबई महानगरपालिका के कोविड-19 केंद्र के हैं।

इस संबंध में बीएमसी आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने बताया कि गरबा वाला एक वीडियो बीएमसी के कोविड-19 केंद्र का है लेकिन केंद्र के डीन के अनुसार ये एसबी मरीजों ने खुद ही किया क्योंकि उन्होंने इसका आयोजन नहीं किया था। लोगों को इस तरह उछलते कूदते देखकर सबको आनंद आ रहा है।

उल्लेखनीय है कि मुंबई देश के कोरोना से बुरी तरह संक्रमित शहरों की सूची में शीर्ष का शहर है। मुंबई में अभी तक संक्रमण के करीब ढाई लाख मामले सामने आ चुके हैं जबकि लगभग 10 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है।

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एमएसएमई और टियर 2 तथा उनके बाद के क्षेत्र भारत में बना रहे हैं उत्सव का माहौल https://www.loktej.com/business/msme-and-tier-2-and-beyond-are-creating-festive-atmosphere-in-india-104191 https://www.loktej.com/business/msme-and-tier-2-and-beyond-are-creating-festive-atmosphere-in-india-104191#respond Tue, 20 Oct 2020 19:30:07 +0000 https://www.loktej.com/?p=104191

द बिग बिलियन डेज़ के दौरान 3 लाख से अधिक विक्रेता, जिसमें से 60 प्रतिशत टियर 2 और उससे बाद के क्षेत्रों से हैं, पूरे भारत के 250 मिलियन से ज्यादा ग्राहकों के त्योहार को खुशियों से भर रहे हैं। किफायती और बेहतर वैल्यू के साथ द बिग बिलियन डेज़ ‘न्यू नॉर्मल के समय भारतीय ग्राहकों की मांग को पूरा कर रहा है। इस साल किराना, एमएसएमई और ब्रैंड्स सहित साथ पूरा रिटेल ईकोसिस्टम ‘द बिग बिलियन डेज को खास बनाने के लिए एक साथ आया है।

मार्केटप्लेस विक्रेता, स्थानीय एमएसएमई, कारीगर और बुनकर सभी एक साथ आए हैं, जिसमें से 60 प्रतिशत टियर 2 और उसके बाद की श्रेणी के क्षेत्रों से हैं। विक्रेताओं की पहुंच में इस साल 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह बढ़कर 3000 से ज्यादा पिनकोड तक पहुंच गई है। टीबीबीडी 2020 के पहले 2 दिनों में ही मार्केटप्लेस विक्रेताओं ने वह वृद्धि हासिल की जो उन्होंने टीबीबीडी 2019 के दौरान 6 दिनों में देखी थी। इससे देश भर के ग्राहकों से आ रही बढ़ी मांग का भी पता चलता है

। यह फ्लिपकार्ट लॉजिस्टिक्स की सुरक्षित सप्लाई चेन और मजबूत एसओपी के प्रति ग्राहकों के भरोसे को भी दर्शाता है। त्योहार के इस सीजऩ में अर्ली एक्सेस और टीबीबीडी 2020 के तीन दिनों के दौरान 70 से अधिक विक्रेता करोड़पति और 910,000 विक्रेता लखपति बन चुके हैं। पूरे देश के ग्राहकों के बीच आवश्यक उत्पादों की मांग सबसे ज्यादा है और वे अपने परिवार को कोविड-19 से बचाने के लिए पूरी सावधानी बरत रहे हैं। घरेलू और पर्सनल केयर उत्पादों से जुड़े विक्रेताओं के व्यापार में दिन प्रतिदिन वृद्धि हो रही है।

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हर भारतीय को स्वस्थ बनाने का वादा झंडु का https://www.loktej.com/business/zandus-promise-to-make-every-indian-healthy-104189 https://www.loktej.com/business/zandus-promise-to-make-every-indian-healthy-104189#respond Tue, 20 Oct 2020 20:00:08 +0000 https://www.loktej.com/?p=104189

लॉन्च किया “इम्यून इंडिया ऑफर”
कोलकाता।  भारत में, एफएमसीजी क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी, इमामी लिमिटेड के स्वामित्व में, एक सदी पुराने आयुर्वेदिक ब्रैंड, झंडु ने “इम्यून इंडिया ऑफर” लॉन्च किया है, कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में, देश का साथ देने का प्रयास करते हुए, इस मुश्किल समय में, झंडु ने, हर भारतीय में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और व्यक्तिगत स्वच्छता की अच्छी आदत डालने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए, झंडु ने “इम्यून इंडिया ऑफर” नामक, एक अनोखा ऑफर लॉन्च किया है। इसके तहत झंडु च्यवनप्राश, उस स्पेशल प्राइस पर लॉन्च किया गया, जिस कीमत पर पहले कभी इसकी बिक्री नहीं हुई थी। इतना ही नहीं, अब झंडु च्यवनप्राश के हर पैक के साथ झंडु आयुर्वेदिक सैनेटाइज़र भी मुफ्त दिया जा रहा है।

इमामी लिमिटेड के डायरेक्टर श्री हर्षवर्धन अग्रवाल ने कहा कि “शेष दुनिया के साथ, हम एक अभूतपूर्व मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं और कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। इस समय दो चीजें हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है, अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना और व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना। भारत सरकार के केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए च्यवनप्राश खाने की सिफारिश की है। हम भी ,झंडु की 100 वर्षों की आयुर्वेदिक विरासत और ज्ञान का लाभ सर्वश्रेष्ठ ढंग से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

झंडु च्यवनप्राश का 900 ग्राम का पैक अब 100 रुपये की छूट के साथ मिल रहा है। इसके साथ इम्यून इंडिया ऑफर के तहत झंडु आयुर्वेदिक सैनेटाइज़र मुफ्त दिया जा रहा है। महामारी के खिलाफ राष्ट्र का सहयोग कर, हमें अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। हमारा मानना है कि हर भारतीय के शरीर की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए, यह पूरी तरह से उसकी जेब पर फिट बैठने वाला “अफोर्डेबल कॉम्बो है।”

आयुर्वेद सार संग्रह के निर्देशानुसार निर्मित झंडु च्यवनप्राश में 39 बेशकीमती आयुर्वेदिक जड़ीबूटियों का बेहद शानदार मिश्रण है, जिसमें आँवला, गिलोय और अश्वगंधा शामिल हैं। वैज्ञानिक रूप से यह प्रमाणित हो चुका है कि इसमें दोगुनी रोग प्रतिरोधक शक्ति है।

यह लैब में एनके (नेचुरल किलर) सेल एक्टिविटी से लैस है। झंडु च्यवनप्राश, सर्दी खाँसी जैसी बीमारियों से हमें सुरक्षा प्रदान करने में मदद करता है। क्वॉलिटी कंट्रोल के उच्च मानकों के तहत हर सुबह दूध या शहद के साथ झंडु च्यवनप्राश लेने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार आता है। इससे रोजाना की जिंदगी में ज्यादा ऊर्जा और स्टेमिना से अपना काम करने की शक्ति मिलती है।

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अमरावती की छात्रा को NEET परीक्षा में मिले शून्य नम्बर, अदालत का दरवाजा खटखटाया https://www.loktej.com/feature-news/amravati-student-got-zero-number-in-neet-exam-knocked-at-court-104185 https://www.loktej.com/feature-news/amravati-student-got-zero-number-in-neet-exam-knocked-at-court-104185#respond Tue, 20 Oct 2020 15:30:59 +0000 https://www.loktej.com/?p=104185

इस साल नीट(NEET) परीक्षा के साथ कोई ना कोई विवाद जुड़ा ही हुआ है। पंजीकरण से लेकर कोरोना काल में परीक्षा आयोजित कराने तक हर बार नीट किसी ना किसी विवाद में रहा है। हालांकि इस परीक्षा का परिणाम तो घोषित हो गया पीआर विवादों ने यहाँ भी पीछा नहीं छोड़ा।

सबसे पहले तो दो छात्रों के 720 में से 720 आने के बाद पहले स्थान के चयन को लेकर विवाद चला तो अब एक नया ही विवाद सामने आया है। कुछ उम्मीदवारों ने दावा किया कि उनके परिणाम उनके अपेक्षा के साथ मेल नहीं खाते। एक अन्य छात्र जिसने इस परीक्षा मे 212 अंक अर्जित किए है, ने ये कहते हुए याचिका दायर कर दिया कि “मेरी ओएमआर शीट से गणना की गई तुलना में यह परिणाम बहुत कम है । वहीं इसके बाद अमरावती की एक छात्रा ने नीट की इस परीक्षा मे 720 में से शून्य प्राप्त करने के बाद बॉम्बे उच्च न्यायालय रुख किया। अमरावती की वसुंधरा भोजने ने कक्षा 10 वीं में 93.4% और कक्षा 12 वीं में 81.9% के साथ एक उत्कृष्ट शैक्षणिक रिकॉर्ड बनाया है और उसे इस परीक्षा में 600 से अधिक अंकों की उम्मीद थी। उसने कहा कि यह संभव है कि तकनीकी विसंगति के कारण उसे शून्य अंक मिले थे। भोजाने ने अपनी उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन की मांग की। उनके वकील ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को HC के सामने वसुंधरा की OMR की मूल प्रति लाने का निर्देश दिया। साथ ही अदालत से मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाने की बात कही।

एनटीए सहित उत्तरदाताओं को नोटिस जारी करते हुए जस्टिस अतुल चंदुरकर और नितिन सूर्यवंशी की खंडपीठ ने 26 अक्टूबर को अंतिम निपटान के लिए याचिका रखी। आपको बता दें कि एनटीए को कहा गया कि वह अगली सुनवाई से पहले अपना जवाब दाखिल करे।

एनटीए के महानिदेशक विनीत जोशी ने कहा कि उन्होंने परिणाम घोषित होने के बाद सभी दावों को सत्यापित किया है। सभी छात्रों को ओएमआर शीट की जांच करने की अनुमति है। उन्होंने कहा कि अब तक कोई भी दावा सही नहीं निकला। अगर अदालत ऐसा कहती है तो वे हलफनामा दायर करेंगे। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें छात्रों ने परीक्षा में अच्छा करने के दबाव में ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ की और फिर अपने मामले के साथ अदालत चले गए लेकिन बाद में अपना आवेदन वापस ले लिया।

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CSK के लगातार खराब प्रदर्शन के बाद धोनी पर भड़के श्रीकांत, जानें क्या कहा https://www.loktej.com/sports/cricket/srikanth-rages-on-dhoni-after-continuous-poor-performance-of-csk-know-what-said-104179 https://www.loktej.com/sports/cricket/srikanth-rages-on-dhoni-after-continuous-poor-performance-of-csk-know-what-said-104179#respond Tue, 20 Oct 2020 15:00:24 +0000 https://www.loktej.com/?p=104179

आईपीएल का ये संस्करण अपने आधे पढ़ाव पर आ चुका है। इस सफर के दौरान जो सबसे हैरानी वाली बात रही वो रही सीएसके का प्रदर्शन! आईपीएल की किंग माने जाने वाली ये टीम इस बार सबसे फिसड्डी साबित हुई है। एक ओर जहां धोनी की इस टीम को सब पहले से ही फ़ाइनल में मान रहे थे वहीं सुपरकिंग्स अभी टीके अपने 10 मैचों में सिर्फ तीन जीत के साथ अंक तालिका में आखिरी स्थान पर विराजमान है और सात हारों के बाद सीएसके की प्ले आफ में जगह बनाने की उम्मीदें लगभग खत्म हो चुकी हैं। वैसे भी अब सीएसके के सभी मुक़ाबले इस आईपीएल में मजबूत दिख रही टीमों के साथ ही है। 23 अक्टूबर को चेन्नई का अपने अगले मुकाबले में मुंबई इंडियंस से सामना होगा और फिलहाल मुंबई अंकतालिका में पहले स्थान के आसपास ही विराजमान है।

अपने दसवें मैच में राजस्थान के खिलाफ खेलते हुये चेन्नई को 7 विकेट की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी और इसी हार के साथ सीएसके की प्लेऑफ तक पहुँचने की आशा लगभग समाप्त हो गई। इस मैच के बाद धोनी ने टीम का बचाव करते हुए कहा, ‘‘आप बार-बार बदलाव नहीं करना चाहते। आप नहीं चाहते कि ड्रेसिंग रूम में असुरक्षा की भावना हावी हो। साथ ही युवा खिलाड़ियों में हमने वह चमक नहीं देखी कि बदलाव के लिए बाध्य होना पड़े।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इन नतीजों के कारण बाकी टूर्नामेंट में युवाओं को मौका दिया जाएगा। शायद आने वाले मैचों में हम उन्हें मौका देंगे और वे बिना दबाव के खेल पाएंगे।’

हालांकि टीम इंडिया के पूर्व ओपनर के श्रीकांत ने धोनी के इस बयान की कड़ी आलोचना की है। धोनी के इस बयान से नाराज़ श्रीकांत ने कहा, ‘मैं धोनी की इस बात से बिल्कुल सहमत नहीं हूं। आप प्रोसेस की बात कर रहे हैं, लेकिन टीम सिलेक्शन का प्रोसेस अपने आप में गलत है। जगदीशन जैसा क्रिकेटर बैठा हुआ है और आप कह रहे हैं कि युवाओं में स्पार्क नहीं है! केदार जाधव में स्पार्क है? पीयूष चावला ने स्पार्क दिखाया? ये सब बकवास है, मैं आज उनके इन जवाबों को स्वीकार नहीं करूंगा। प्रोसेस के चक्कर में सीएसके का टूर्नामेंट का सफर खत्म हो जाएगा।’

श्रीकांत यहीं नहीं रुके , उन्होने आगे कहा, ‘यह कहते हुए कि यहां से युवाओं को ज्यादा मौके देंगे पर आपको जगदीशन पर भरोसा दिखाना चाहिए था। कर्ण शर्मा कम से कम विकेट ले रहे थे। इसमें कोई शक नहीं कि धोनी महान क्रिकेटर हैं, लेकिन मैं यह स्वीकार नहीं करूंगा कि गेंद पर पकड़ नहीं बन रही थी।’

आपको बता दें कि जगदीशन को सिर्फ एक बार टीम में जगह मिली और उन्होंने अपने एकलौते मैच में 28 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 33 रनों की पारी खेली थी। इसके बाद भी केदार जाधव के वापसी पर उन्हें फिर से बेंच पर बैठना पड़ा, जबकि केदार को किस आधार पर टीम में लिया जा रहा है ये सभी के समझ के परे है।

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ई कॉमर्स कम्पनियों के बढ़ते वर्चस्व से लाखों कपड़ा कारोबारी संकट में https://www.loktej.com/surat-news/millions-of-textile-traders-in-crisis-due-to-the-growing-dominance-of-e-commerce-companies-104178 https://www.loktej.com/surat-news/millions-of-textile-traders-in-crisis-due-to-the-growing-dominance-of-e-commerce-companies-104178#respond Wed, 21 Oct 2020 00:31:05 +0000 https://www.loktej.com/?p=104178

चतुर सुजान युवा कर रहे हैं एमेजॉन, फ्लिपकार्ट आदि फेब्रिक्स-गारमेंट्स की आपूर्ति

देश का परम्परागत पेढ़ी-गद्दी दुकान आदि के रूप में पहचान रखने वाला थोक व खुदरा कपड़ा कारोबार अब लुप्त होता जा रहा है। वो दौर अब विदा ले रहा है जब 50 वर्ष से ऊपर उम्र के चाचा जी व 60 वर्ष के अधिक उम्र के दादाजी घर से जल्दी आकर सुगुन आदि देख कर दुकान का शटर उठाते व अगरबत्ती आदि लगा कर गद्दी पर बैठते थे व अच्छे दिलदार ग्राहक के हाथों बोहणी का इंतजार करते व शाम या रात्रि होते ही उस दिन की बिक्री से प्राप्त रकम की गिनती कर धोती के नोली में बांध देते थे। शादी विवाहों या मृत्यु आदि कारण कपड़े की दुकान 10 से 15 दिन बन्द रह जाती तो कोई फर्क नही पड़ पाता था। तीर्थ यात्रा में भी चले जाते तो लम्बी अवधि पश्चात भी दुकान में पड़ा कपड़े का स्टॉक आउट ऑफ फैशन नहीं होता था। लेकिन उस तरह के खुदरा व थोक व्यापार अब इतिहास बनता जा रहा है।

अब ग्राहक दुकान खुलने का इंतजार नहीं करता

अब कपड़े में नित्य नई डिजाइनें नित्य नए पेटेंट आ रहे हैं। अब ग्राहक किसी की दुकान खुलने के बाद ही कपड़ा खरीदने की राह नहीं देखता। अब कपड़ा व्यवसाय का चलन बड़े पैमाने पर ऑनलाइन में तब्दील होता जा रहा है व हो भी गया है। अब साड़ियां, ड्रेस मटेरियल्स, कुर्तियां, सलवार-कमीज, लहंगा, ब्लाउज आदि का कारोबार उन युवक-युवतियों व महिलाओं के हाथों में चला गया है, जो टेक्नोलॉजी के अटैच है व ग्राहकों की रुचि व नब्ज जानती हैं। 50 वर्ष से ऊपर की पीढ़ी अपवाद अगर मान लें तो अलग बात है, वरना युवा पीढ़ी अपने पसन्द की कपड़ा खरीदी तो अधिकांश रूप से ऑनलाइन ही करने लगी हैं।

(Photo Credit : Pixabay.com)

युवा पीढ़ी की हर जरूरत ऑनलाइन पूरी हो रही

शादी-विवाह तथा तीज त्योहार तक की कपड़ा खरीदी युवा पीढ़ी ऑनलाइन करने लगी है। न बल्कि अपने स्वंय के लिए बल्कि अपने मम्मी-डैडी तथा भाई-बहिनो भतीजे-भतीजियों या यूं कहें कि सम्पूर्ण परिवार जनों के कपड़ा व रेडीमेड गारमेंट की खरीदी ऑनलाइन होती हैं। सम्पूर्ण विश्व में थोक, खुदरा व्यापार अब खतरे में पड़ता जा रहा है। देशावरी थोक बाजारों में ग्राहकी घटती जा रही है। घरों व बाजारों में बुटीक चलाने वाली महिलाएं स्वंय अब ऑनलाइन आधारित बिजनेश कर रही हैं। ऑनलाइन में जहां एमेजॉन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, मयंत्रा आदि बड़े खिलाड़ियों के कब्जे में विशाल बाजार है वहीं इस देश की लाखों महिलाएं, युवतियां युवक आदि फेसबुक पेजों, वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, वेबसाइटों आदि सोशल मीडिया पर साड़ियां, सलवार कमीज, कुर्तियां, गाउन, नाइटी, टॉप्स, जीन्स, बरमुड़ा आदि तमाम तरह के रेडीमेड गारमेंट आदि डिस्प्ले कर बेचते हैं।

अब तो एंड्रॉयड फोन की छोटी सी स्क्रीन पर फेब्रिक्स व गारमेंट के हजारों डिस्प्ले देखे जा रहे हैं। कमाल ये हैं कि तकनीकी रूप से दक्ष महिलाएं व पुरुष रात्रि को 11-12 बजे के दौरान भी साड़ियों, लहंगों, ब्लाउज, दुपट्टे, कुर्तियां, सलवार-कमीज आदि फेब्रिक्स व गारमेंट का डिस्प्ले करते नजर आती हैं। न बल्कि हिंदुस्तान में अपितु पाकिस्तान, दुबई आदि देशों के ऑनलाइन कारोबार करने वाले युवा रात्रि 3 बजे भी ई कॉमर्स व्यापार के शटर खोले बैठे दिखते है व उन्हें रेस्पॉन्स भी मिल रहा हैं। यही नही नापतोल आदि कुछ चेनलों पर भी साड़ियां, कुर्तियां, लेंगिज, टॉवेल, बेडशीट आदि 15-20 मिनिट के डिसप्ले व बम्पर छूट के प्रलोभन तथा होस्ट के लच्छेदार जुमलों से बड़ा कारोबार हो जाता है।

सूरत महानगर में हजारों युवा व्यवसाहियों ने अपने बुजुर्गों द्वारा चलाए जा रहे परम्परागत होलसेल व सेमी होलसेल के कपड़ा कारोबार को नया मोड़ दे दिया है वे यूट्यूब पर वीडियो अपलोड कर साड़ियों, लहंगों, ब्लाउज़, दुपट्टा, कुर्तियों, सलवार कमीज, अनारकली, प्लाजो आदि वैरायटियां लुभावने दरों के साथ डिस्प्ले कर अपनी दुकानदारी को तरक्की के साथ चला रहे हैं। ऑनलाइन बिजनेश ने परम्परागत ढंग से साड़ियां आदि फेब्रिक्स बेचने वाले होलसेल दुकानदारों की ग्राहकी में सेंध लगा दी हैं। इस ऑनलाइन ट्रेंड ने देश भर के महानगरों, शहरों, कस्बों व गांवों के खुदरा कपड़ा दुकानदारों को बेरोजगारी के कगार पर पहुंचा दिया है। अब खुदरा दुकानदारों तक वे ही उम्रदराज लोग पहुंचते हैं जो अपनी पसंद का कपड़ा खरीद टेलर के पास सिलाई करा कर पहनते हैं।

(Photo Credit : Pixabay.com)

जो टेक्नोलॉजी को नही अपना रहा वो कारोबार में पिछड़ता जा रहा है।

ऑनलाइन के चलन ने सूरत के उन थोक व्यापारियों के कारोबार को ग्रहण लगा दिया है जो जमाने के साथ अपने आप को बदल नही पाए व वही परम्परागत तरीके से अपनी दुकान पर सेम्पल दिखा कर माल बेचा करते थे। ये कटु सत्य है कि जो भी व्यवसाही व उत्पादक ऑनलाइन के माध्यम को अपना नही पाया उसका कारोबार में अपना वजूद बनाए रखना मुश्किल ही हो गया हैं। ऑनलाइन का चलन बढ़ने के पीछे अनेकों कारण है पहला तो 50 से 70 प्रतिशत तक कि बम्पर छूट का लुभावना आकर्षण, दूसरा एंड्रॉय फोन का बटन दबाते ही हजारों वैरायटियों का डिस्प्ले, तीसरा पसन्द न आने पर रिटर्न लेने की सुविधा, चौथा डिजिटल भुगतान, पांचवां घर से बाहर निकलने का झंझट ही खत्म।

कोरोना काल में कपड़े का बिजनेश आधे से भी कम

इस कोरोना काल में बेशक खरीददारी 50 प्रतिशत से ज्यादा घट गई है इसका कारण स्पष्ट है कि कोरोना संक्रमण के चलते लोग बहुत ही कम व भी मजबूरन घर से बाहर निकल पाते हैं। शादी विवाहों में इतने दिनों 50 लोगों तक की अनुमति थी और अब 15 ऑक्टोबर के बाद 200 के करीब लोगो की उपस्थिति रह सकेगी। तो इन हालातों में सिर्फ परिवार के व नियर-डियर लोग ही सम्मिलित हो पाते है तो हजारों लोगों की जगह अब सेकड़ो की उपस्थिति है तो कपड़े की मांग में कमी तो आनी ही हैं।

एमेजॉन, फ्लिपकार्ट व स्नैपडील आदि का तमाम वस्तुओं का हजारों करोड़ के कारोबार का लक्ष्य

इस दीपावली सीजन में एमेजॉन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील आदि बड़ी ई कॉमर्स कम्पनियों ने हजारों कोरोड रु के कारोबार का लक्ष्य निर्धारित किया है। अरबों रु के इस के कारोबार में 20 प्रतिशत ग्राहकी साड़ियां, सलवार कमीज, कुर्तियां, जीन्स, टीशर्ट, शर्ट, ट्राउजर्स, शेरवानी, कुर्ते, ब्लेजर, सूट रेडीमेड गारमेंट, बरमुड़ा ट्रेक सूट, इनरवियर, बेडशीट, टॉवेल आदि सामग्री की होगी। ये तो विशालतम बड़ी ईकॉमर्स कम्पनियों का सेल है इसके अलावा इस देश में करोड़ो हाउस वाइफ, युवक युवतियां यूट्यूब, फेसबुक पेज, वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया के माध्यम से कारोबार चला रहे हैं। सारांश यह है कि बड़ी ईकॉमर्स कम्पनियों को सूरत के चुनिंदा जागरूक व्यापारी व उत्पादक ही माल की आपूर्ति कर पाते हैं। व घरों तथा बुटिकों में सोशल मीडिया के माध्यम से जो साड़ियां, फेब्रिक्स व रेडीमेड गारमेंट तथा होम फेब्रिक्स बेचा जाता है तो उनको ये उत्पाद आपूर्ति करने वाले भी जागरूक उत्पादक व व्यवसाही ही हैं। ऑनलाइन बिजनेश का कितना वर्चस्व बढ़ा है कि इस दीपावली की त्योहारी सीजन में एक ई कॉमर्स कम्पनी ने 300 करोड़ के मोबाइल बेच डाले।

Photo/Twitter

86 प्रतिशत की बम्पर छूट के साथ 5700 की साड़ी 799 में उपलब्ध के एमेजॉन के विज्ञापन

हेवी डिस्काउंट के लुभावने विज्ञापन प्रसारित कर किस तरह एमेजॉन जैसी ई कॉमर्स कम्पनियां किस तरह महिला ग्राहकों को आकर्षित करती है, इन विज्ञापनों में बताया गया है कि बनारसी आर्ट सिल्क के फेब्रिक्स से निर्मित ये 5299 रु की आर्ट सिल्क साड़ी 75 प्रतिशत बम्पर छूट के साथ मात्र 1299 में एमेजॉन पर उपलब्ध है। इसी तरह 5700 की बनारसी ट्रेडिशनल साड़ी 86प्रतिशत छूट के साथ महज 799 में उपलब्ध है। इसी श्रंखला में 5.40 मीटर की साड़ी व 80 सेंटीमीटर के ब्लाउज पीस सहित बनारसी जेकार्ड आर्ट 2999 रु की सिल्क साड़ी 829 रु में बेची जा रही हैं। भला इस तरह की आकर्षक छूट भरे विज्ञापनों को देख कौन आकर्षित नही होगा।

ओला-उबेर की तरह बढ़ रहा है ईकॉमर्स कम्पनियों का वर्चस्व

जिस तरह ओला उबेर आदि ने टैक्सियां व ऑटो धारकों का रोजगार सीना, जिस तर्ज पर जोमैटो, स्विगी आदि ने गली-मोहल्ले तथा हाइवे पर संचालित हजारों होटलों रेस्टोरेंट का बिजनेश सेकड़ो प्रतिष्ठित व ख्यातनाम होटलों रेस्टोरेंटों के हाथों में दे दिया, जिस तरह गली मोहल्ले में स्थित नाइयों, बारबरों के पुश्तेनी धंधे को ऑनलाइन सैलून धारकों ने हथिया दिया, जिस तरह गली मोहल्ले की किराना, ग्रोसरी, फल, फ्रूट, सब्जी आदि का कारोबार बिग बास्केट आदि ऑनलाइन विशेषज्ञों के हाथों चला गया ठीक उसी तरह लाखों थोक व खुदरा कपड़ा व्यापारियों का ये कारोबार चन्द जागरूक आई टी विशेषज्ञ कपड़ा उत्पादकों व विक्रेताओं के हिस्से में आ गया है। परम्परागत कपड़ा व्यवसाय अब अंतिम सांसे गिन रहा है। इस टेक्नोलॉजी आधारित कारोबार के सबसे ज्यादा कोपभाजन 50 वर्ष से ऊपर उम्र के वे व्यापारी बने जो टेक्नोलॉजी से अछूते है, अभी भी वे बटन वाला नोकिया मोबाइल इस्तेमाल करते है, उन्हें एंड्रॉयड फोन को ऑपरेट करना नही आता। ये टेक्नोलॉजी परम्परागत व पुश्तेनी ढंग से कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए किसी सुनामी या आफत से कम नही हैं।

70 लाख से ज्यादा है तमाम प्रकार के कारोबार करने वाले ऑफलाइन व्यवसायी

गौरतलब है कि 70 लाख ऑफलाइन रिटेलरों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था कॉन्फेंडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सी ए आई टी) ने ऑनलाइन कम्पनियों के विरुद्ध अनेकों बार शिकायतें की है और आरोप लगाया कि ये ऑनलाइन कम्पनियां किसी न किसी रूप में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के नियमों का उल्लंघन कर रही है। “सी एन आई टी” ने इस मामले से जुड़े कई सबूत भी दिए हैं। ये भी पता चला है कि सी ए आई टी की शिकायत के बाद केंद्र सरकार एमेजॉन, फ्लिपकार्ट आदि द्वारा त्योहारी सीजन पर दिए जा रहे भारी डिस्काउंट योजना की जांच करेगी कि कहीं उन्होंने एफ डी आई नियमों का उलंघन तो नही किया हैं।

त्योहारी सीजन ही है सूरत के आर्ट सिल्क कपड़ा कारोबार का मुख्य आधार

सूरत के आर्ट सिल्क कपड़ा बाजार में मुख्य ग्राहकी सीजनल होती है, होली, अक्षय तृतीया, सावन, रक्षाबंधन, दशहरा, दीपावली, रमजान ईद, ओणम, पोंगल, क्रिसमस और उन सब में बम्पर ग्राहकी होती है विवाह-शादी की सीजन में, ये उल्लेखनीय है कि सूरत महिला उपयोगी फैंसी आर्ट सिल्क फेब्रिक्स के उत्पादन का हब माना जाता है, जिसमें बड़ा उत्पादन साड़ियों का है, ये वो शहर है जहां 100 रु से लेकर हजारों रु प्रति नग में चमकीली, भड़कीली, डिजायनर साड़ियां बिकती है, साड़ियों के अलावा लहंगा व ब्लाउज का भी ये विशाल बाजार है, यहां कोलकोता पेटेंट के लहंगे, ब्लाउज वेश आदि बहुत ही सस्ती दरों में उपलब्ध हो जाते है और तीसरे पायदान पर आर्ट सिल्क फेब्रिक्स आधारित ड्रेस मटेरियल्स जो कि कुर्ती, सलवार कमीज, अनारकली, लहंगा, टॉप आदि में उपयोगी है।

(PC : moneycontrol.com)

स्कूल यूनिफॉर्म, मंडप क्लॉथ, देवी देवताओं के परिधान आधारित फेब्रिक्स का भी विशाल मॉर्केट

इन महिला उपयोगी फेब्रिक्स के अलावा सूरत अगिनित किस्मों के कपड़ों का उत्पादन केंद्र है, जैसे देवी देवताओं की प्रतिमाओं के वेश , परिधान उपयोगी फेब्रिक्स, जैन पूजा परिधान फेब्रिक्स, मंडप क्लॉथ, स्कूल यूनिफॉर्म आधारित शर्टिंग,अन्य तरह के शर्ट कमीजों के उपयोगी शर्टिंग, मफलर, खेस, झंडे-झंडियो व वंदन वार उपयोगी कपड़े, बारबरों के उपयोगी साटन, होटलों, रेस्टोरेंटों के आगे लगने वाले रंग-बिरंगे साटन के झंडे व इंडस्ट्रीयल्स क्लॉथ, नॉन वूवन क्लॉथ आदि अगिनित क्वालिटियाँ इस शहर में उत्पादित होती है।

कभी खरीदा जाता था आढ़तियों के माध्यम से कपड़ा

इस विशालतम टेक्सटाइल्स मार्किट की 170 के करीब मॉर्केटों के 70 हजार के लगभग कपड़ा व्यापारियों का कारोबार किसी जमाने में आढ़तियों के माध्यम से चलता था, जिसमें देशावरी व्यवसायी सूरत में किसी आढ़तिया के माध्यम से विभिन्न टेक्सटाइल्स मॉर्केटों से जाकर अपनी रिटेलरों की मांग अनुसार खरीदी करते थे। तथा स्थानीय व्यवसायी भी खरीदा गया कपड़ा आढ़तिया की पेढ़ी पर भिजाते। ये सर्व विदित है कि आढ़तिया अपनी रिस्क पर आढ़त लगा कर कपड़ा भेजता था देशावरी व्यापारियों को जिसका भुगतान स्थानीय मॉर्केट में आढ़तिया स्वंय ही करता। हालांकि आज भी कई दशकों से स्थापित कुछ आढ़तिया आढ़त के कारोबार से जुड़े हुए हैं।

फिर चला कपड़ा एजेंटों का दौर जो वर्तमान में भी है

उसके बाद ट्रेंड चला आढ़तियों की जगह इंडेंटिंग एजेंटों का, जिसे कपड़ा दलाल या ब्रोकर भी बोला जाता है। एजेंट अपनी देशावरी पार्टी के साथ विभिन्न टेक्सटाइल्स मॉर्केटों से कपड़ा खरीदी कराता और ये कपड़ा थोड़ी थोड़ी मात्रा में होता तो एजेंट की दुकान पर भेजा जाता जहां से एजेंट पेकिंग कर देशावरी पार्टी को उपरोक्त पार्सले ट्रांसपोर्ट, रेल आदि से चालान करता और माल बड़ी तादाद में होता तो बेचवाल पार्टी पार्सल पैक कर उसकी बिल्टी एजेंट के पास पहुंचा देता व देशावरी व्यवसाही का बकाया पेमेंट आता तो वो चेक बेचवाल पार्टी तक पहुंचा दिया जाता। एजेंट द्वारा बेचे गए माल के भुगतान की अमूमन एजेंट गारंटी नही लेते। उसमें बेचवाल की ही रिस्क रहती लेकिन अच्छे गुडविल वाले एजेंटों के द्वारा भेजे गए माल के बकाया भुगतान का अलबत्ता खतरा कम ही रहता।

देश भर से कपड़ा खरीदने प्रतिदिन हजारों महिलाएं पहुंचती है सूरत

सूरत वो विशालतम टेक्सटाइल्स मॉर्केट है जहां थोक में कपड़ा पार्सले खरीदने वालीं के अलावा अपने घरों में या बाजारों में बुटीक आदि चला कर कपड़ा बेचने वाली हजारों महिलाएं भी सूरत में खरीदी हेतु आती।

फेरी वाले भी आते रहे हैं कपड़ा खरीदी हेतु

इसी तरह गली गली व घरों तक फेरी लगा कर साड़ियां, सलवार कमीज, कुर्तियां आदि बेचने वाले फेरी वाले भी हजारों की तादाद में खरीदी में आते। हालांकि फेरीवालों का कारोबार अब ठंडा पड़ गया है कारण पुरानी पीढ़ी अब उम्रदराज हो जाने से गांव-गांव व गली गली घूम कर कपड़ा बेचने में अब सक्षम नही है और नई पीढ़ी इस धंधे के निकट नही फटकना चाहती।

कारों-जीपों से कपड़ा खरीदी हेतु पहुंचते ही हजारों खुदरा व सेमी होलसेलर

इसके अलावा प्रतिदिन हजारों खरीददार तो महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश आदि पड़ोसी राज्यो से शादी विवाह की खरीदी हेतु भी पहुंचते। इस शहर में कोरोना काल से पहले प्रतिदिन सैकड़ों खरीददार तो कारो-,जीपों व बसों ट्रेनो से सेमी होलसेल में खरीदी हेतु पहुंचते। यही नही शहर की खुदरा कपड़ा मॉर्केट के रूप में ख्यातनाम बॉम्बे मॉर्केट में हजारों ग्राहक तो निकटवर्ती राज्यों के शहरों-कस्बों से अपने निजी वाहनों से शादी विवाह हेतु खरीदी पहुंच जाते।

गणपत भंसाली (लेखक, स्वतंत्र पत्रकार)

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गुजरात उपचुनाव : 8 विधानसभा सीटों पर कुल 81 उम्मीदवार मैदान में https://www.loktej.com/gujarat-news/gujarat-by-election-a-total-of-81-candidates-are-in-the-fray-for-8-assembly-seats-104174 https://www.loktej.com/gujarat-news/gujarat-by-election-a-total-of-81-candidates-are-in-the-fray-for-8-assembly-seats-104174#respond Tue, 20 Oct 2020 14:07:37 +0000 https://www.loktej.com/?p=104174

गुजरात में 8 बैठकों पर होने वाले उपचुनाव की तैयारियां जोर शोर से हो रही है। भाजपा और कांग्रेस सभी अपने उम्मीवारों को जीतने के सारे प्रयास शुरू कर चुके है। 8 बैठकों पर से कुल 81 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है।

सबसे ज्यादा लिंबडी बैठक पर से लड़ेगे प्रत्याशी

8 बैठकों पर सबसे ज्यादा 14 उम्मीदवारों ने लिंबडी बैठक पर से अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है। अबडासा बैठक पर 10 तथा डांग और करजन बैठक पर 9 उम्मीदवारों के बीच जंग छिड़ेगी। इसके अलावा मोरबी और गढ़डा बैठक पर से 12 – 12 तथा अमरेली और धारी दोनों बैठक पर से 11 उम्मीदवार जंग में उतरेंगे। सबसे कम उम्मीदवार कपराडा बैठक से उतरेगें, जहां मात्र 4 लोगों ने फॉर्म भरा है।

चुनाव के लिए आठो बैठक पर कुल 135 फॉर्म भरे गए थे। जिसमें फॉर्म चैकिंग के बाद 102 फॉर्म स्वीकार किए गए थे। हालांकि आखिरी दिन 21 लोगों ने अपना फॉर्म वापिस ले लिया था, जिसके चलते अंत में कुल 81 लोगों में यह जंग छिड़ेगी। सभी बैठकों पर भाजपा, कांग्रेस और अप क्ष के उम्मीदवार खड़े है। जिसमें अप क्ष से खड़े होने वाले उम्मीदवार भाजपा और कांग्रेस की वोटबैंक को काफी असर करेंगे।

सबसे ज्यादा अबडासा बैठक पर से उम्मीदवारों ने वापिस लिए फॉर्म

आखिरी दिन पर सबसे ज्यादा अबडासा बैठक पर से 9 उम्मीदवारों ने अपना फार्म वापिस लिया था। इसके अलावा गढ़डा बैठक पर से 1 फॉर्म वापिस लिया गया था। इसके अलावा अन्य बैठकों पर से फॉर्म वापिस लिए गए थे। सबसे महत्त्वपूर्ण कपराडा बैठक पर जंग होने जा रहा है, जहां भाजपा के उम्मीदवार जीतू चौधरी और कांग्रेस के उम्मीदवार बाबू वरठा जंग में उतरने जा रहे है। जिसमें जीतू चौधरी कोंग्रेस की तरफ से चार बार विधायक रह चुके है जबकि बाबू वरठा भाजपा में से कोंग्रेस में गए थे।

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पेरू के रण में दिखी इतनी बड़ी बिल्ली, आपको नहीं होगा विश्वास! https://www.loktej.com/world/such-a-big-cat-seen-in-perus-battle-you-wont-believe-it-104172 https://www.loktej.com/world/such-a-big-cat-seen-in-perus-battle-you-wont-believe-it-104172#respond Tue, 20 Oct 2020 14:30:56 +0000 https://www.loktej.com/?p=104172

इस बड़े से ब्रह्मांड में स्थित ये छोटी सी धरती तरह तरह के रहस्यों से भरी पड़ी है। इंसान जितना भी खोज लेता है उसको और कुछ ऐसा मिल जाता है जो उसके समझ और कल्पना से परे होता है। इस धरती पर ऐसे कई नमूने हैं जो इंसानी समझ को बौना साबित कर देते हैं। इसी क्रम में एक और नाम जुड़ गया है। पेरू के रहस्‍यमय रेगिस्‍तान में धरती का एक नया ‘अजूबा’ मिला है।

दरअसल दक्षिण अमेरिका के इस शहर पेरू में पुरातत्वविदों को लगभग 2200 साल पुरानी बिल्‍ली का विशाल रेखाचित्र मिला है। इस चित्र में बिल्ली की लम्बाई लगभग 121 फुट है। इस अनोखे रेखाचित्र की खोज करने वाले पुरातत्‍वविदों ने बताया कि पेरू के नाज्‍का रेगिस्‍तान में स्थित एक पहाड़ी पर ये आकृति देखने को मिली है। नाज़्का संस्‍कृति की विरासत मानी जाने वाली नाज़्का लाइन्स पेरू में सदियों से संरक्षित हैं। अब तक यहां पर कई और विशाल आकृतियां मिल चुकी हैं।

पुरातत्वविद जॉनी इस्ला के अनुसार बिल्ली का ये रेखाचित्र उस समय मिला जब दर्शकों को देखने के लिए बनी जगहों को साफ किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात ये है कि करीब 2200 साल पहले के लोगों ने बिना किसी आधुनिक तकनीक के इन चित्रों का निर्माण किया है जिसे केवल आकाश से ही देखा जा सकता है। कई सप्ताह तक संरक्षण और सफाई करने के बाद अब बिल्ली जैसी आकृति स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आई है।

पुरातत्वविदों के मुताबिक, बिल्ली की यह आकृति पराकास काल के अंतिम दिनों में बनाई गई है, जो 500 ईसा पूर्व से 200 ईस्वी के बीच था। यह रेखाचित्र 12 से 15 इंच मोटा और पूरी आकृति करीब 121 फुट लंबी है। आपको बता दे कि पिछले साल नवंबर में पेरू के इस रहस्‍यमय रेगिस्‍तान में 140 नाज्‍का लाइंस मिली थीं जिनके करीब 2100 साल पुरानी होने की आशंका दर्ज़ की गई हैं। इसके लिए जापानी शोधकर्ताओं ने ड्रोन और एआई की मदद से 15 साल तक शोध किया था। इन 140 नाज्‍का लाइंस में एक पक्षी, इंसान की शक्‍ल वाला जानवर, दो मुंह वाला सांप और एक किलर व्‍हेल मछली भी मिली थी।

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सूरत : हाउसिंग सेक्टर काे गति प्रदान करने क्रेडाई द्वारा वर्चुअल प्रोपर्टी फेस्ट 2020 का आयोजन https://www.loktej.com/surat-news/surat-virtual-property-fest-2020-organized-by-credai-to-accelerate-the-housing-sector-104168 https://www.loktej.com/surat-news/surat-virtual-property-fest-2020-organized-by-credai-to-accelerate-the-housing-sector-104168#respond Tue, 20 Oct 2020 14:02:39 +0000 https://www.loktej.com/?p=104168

22 अक्टूबर से होगा आरंभ, 360 वर्चुअल स्टोर होंगे फेस्ट में

सूरत : शहर के रीयल एस्टेट के सर्वांगी विकास की गाथा तथा शहर के हाउसिंग सेक्टर की मांग की पूर्ति के लिये शहर के निर्माण जगत का संगठन – क्रेडाई सूरत में दिनांक 22-10-2020 से 30-10-2020 तक वर्च्युअल प्रोपर्टी फेस्ट-2020 का आयोजन कर रहा है।

कोविड-19 महामारी के कारण सरकार द्वारा सार्वजनिक की गई एसओपी को ध्यान में लेकर क्रेडाई, सूरत ने इस साल सार्वजनिक प्रदर्शन प्रोपर्टी फेस्ट मुलतवी रखने का निर्णय किया। फिर भी समय की मांग, लोगों के मन की बात तथा घर की जरूरत को के मद्देनजर वर्च्युअल प्रोपर्टी फेस्ट का आयोजन किया गया है।

क्या होगा यह प्रोपर्टी फेस्ट में?

अपनी उंगली पर अपने कम्प्यूटर या मोबाईल द्वारा इस प्रदर्शन में कोई भी शामिल हो सकता है। प्रोपर्टी फेस्ट की एन्ट्री गेट पर फिल्टर का उपयोग कर आप अलग-अलग जोन जैसे कि अडाजन जोन, वेसु जोन, उधना जोन, वराछा जोन इत्यादि में प्रवेश कर सकेंगे। माईक्रो फिल्टर्स का उपयोग से शहर में अपनी जरूरत के मुताबिक रेसिडेन्सियल फ्लेटों, वीला, ओफिस या दुकानों या अन्य प्रोपर्टी के साथ के प्रोजेक्ट का लिस्ट देखने सीधा प्रवेश मिल सकेगा।

360 वर्च्युअल स्टोल में आप शहर के जाने माने बिल्डर्स के स्टोल में प्रवेश कर उसके प्लान, डीजाईन, वोक थ्रु देख सकेंगे तथा डाउनलोड कर सकेंगे। स्क्रीन पर बिल्डर्स के प्रोफाईल, वोट्सएप चेट, फोन कोल जैसी सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी। यानि आधुनिक टेक्नोलोजी के माध्यम की तरह आप शो में रूबरू संपर्क करेंगे,  इस तरह का अनुभव होगा। सूरत महानगरपालिका के स्टोल में आप सूरत में तैयार इन्फ्रास्ट्रक्चर व भविष्य में साकार होने वाले प्रोजेक्ट देख सकेंगे।

वर्च्युअल फेस्ट के ओडिटोरियम में आप अपने फूर्सत के समय में लिस्ट में से निर्माण व्यवसाय से लागू अलग-अलग विडियो देख सकेंगे। इनमें शहर के नामांकित व्यक्ति विशेषों और अलग अलग विषयों के तजज्ञों के साथ चर्चाएं और वक्तव्य सुनने का लाभ मिलेगा। इस फेस्ट में सूरत शहर का विकास और शहर से लागू सभी जानकारी सूरत शहर के नहीं किन्तु देश और दुनियाभर के लोग लाभ लेकर देख सकेंगे।

सूरत क्रेडाई के सभी सदस्यों की ओर से संस्थान के पदाधिकारियों ने इस वर्च्युअल प्रोपर्टी फेस्ट का हिस्सा बनने का आह्वान किया है। प्रोपर्टी खरीदने के लिए एक कहावत है – “अभी नहीं तो कभी नहीं!”

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‘पागल’ चलेगा, पर ‘गद्दार’ नहीं!; कोंग्रेसी नेता धानानी के ट्वीट से राजनीतिक सरगर्मी तेज https://www.loktej.com/gujarat-news/mad-will-go-on-but-not-traitor-political-stirring-up-by-congress-leader-dhananis-tweet-104165 https://www.loktej.com/gujarat-news/mad-will-go-on-but-not-traitor-political-stirring-up-by-congress-leader-dhananis-tweet-104165#respond Tue, 20 Oct 2020 14:00:27 +0000 https://www.loktej.com/?p=104165

गुजरात विधानसभा उपचुनाव के लिए तैयारियां तेज हो चुकी हैं। इस राजनीतिक माहौल में सभी पक्षों की ओर से चौंकाने वाले बयान सामने आ रहे है। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, नेताओं के ऐसे बयान राजनीतिक माहौल को भारी बना रहे हैं। अब हाल मे ही विपक्ष के नेता परेश धनानी के द्वारा किए एक ट्वीट ने राजनीतिक मौसम में गरमागरम बहस छेड़ दी है।

राजनीतिक में एक महान स्थान रखने वाले परेश धनान, ने एक फोटो ट्वीट करते हुए लिखा, “‘पागल’ चलेगा, पर ‘गद्दार’ नहीं!” अब ऐसा माना जा रहा है कि धनानी ने इस ट्वीट के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस के पूर्व विधायकों का मजाक उड़ाया है, जिन्होंने काँग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। राजनीतिक विशेषज्ञ धनानी के कदम को प्रभावशाली बयान कह रहे हैं। ऐसे नेताओं को लोगों की नजरों में गद्दार साबित करने के लिए विपक्ष के नेता अपने ट्विटर अकाउंट से एक के बाद एक कई ट्वीट कर रहे हैं।वैसे भी ऐसे राजनीतिक माहौल में एक नेता के एक ट्वीट का वजन एक टन होता है।

अब ये तो समय ही बताएगा कि विपक्ष के नेता के इस ट्वीट से चुनाव में उन्हें और उनकी पार्टी को कितना फायदा होगा लेकिन वर्तमान में तो यह ट्वीट तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ दिनों पहले धनानी ने एक ऐसा ट्वीट किया। जिसमें जयचंदो और गद्दारो जैसे विशेषण अंकित किए गए थे। कुछ दिनों से  हैशटैग गद्दार जयचं जवाब दो ट्रेंड कर रहा था।

विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता धनानी ने पहले भी #गद्दारजयचंद जवाब दो  के माध्यम से सरकार को घेरने की कोशिश की थी। उन्होने कांग्रेस ने पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं के खिलाफ नाराजगी जताई है। उन्होंने कुछ आरोप भी लगाए हैं। आपको बता दें कि जेवी काकड़िया, अक्षय पटेल, बृजेश मेराजा, पद्ममुनसिह जडेजा और जीतूभाई चौधरी के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक अभियान शुरू किया गया है।

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लॉकडाउन में पत्नी के गहने बेच हर सप्ताह 15 हजार लोगों को भोजना कराता था यह रिक्शा चालक https://www.loktej.com/regional/this-rickshaw-driver-used-to-sell-his-wifes-jewelery-in-lockdown-and-feed-15-thousand-people-every-week-104164 https://www.loktej.com/regional/this-rickshaw-driver-used-to-sell-his-wifes-jewelery-in-lockdown-and-feed-15-thousand-people-every-week-104164#respond Tue, 20 Oct 2020 13:48:39 +0000 https://www.loktej.com/?p=104164

केंद्र सरकार द्वारा भारत भर में कोरोना के कारण लोक डाउन में अनेक लोगों का व्यापार बंद हो गए थे। जिसके चलते दिहाड़ी मजदूरों की हालत बहुत ज्यादा खराब हो गई थी और उन्हें भूखे रहने की नौबत आ गई थी। देश भर में अलग अलग सेवाभावी संस्थाओं और सामाजिक संस्थाओं द्वारा भूखों को भोजन कराया गया। आज हम ऐसी ही एक व्यक्ति के बात कर रहे है, जिसने भूखों को खाना खिलाने के लिए अपने पति के गहने तक बेच दिए थे।

हर दिन 1000 से ज्यादा लोगों को खिलाया खाना

रिपोर्ट के अनुसार कोयंबतूर के रिक्शाचालक बी मुरुगन रिक्शा चलाकर अपने परिवार का गुजारा करते हैं। वह पहले से ही लोगों की सेवा करने में विशेष रुचि रखते थे। ऐसे में लोक डाउन के दौरान उन्होंने अपनी सेवाओं को बढ़ाते हुए मुरुगन ने गरीबों को खाना खिलाना शुरू किया था। लोक डाउन में रोज 50 लोगों को खाना खिलाने वाले मुरुगन आज हर रविवार को 1000 से 1200 लोगों का खाना खिलाते है। इसके अलावा वृद्धाश्रम और अनाथाश्रम में भी फूड पैकेट ले जाने का काम करते है।

खुद का NGO चलाकर करते है लोगों की सेवा

मुरुगन ने लोगों की मदद करने के लिए निझल मैय्याम नाम का NGO खोला है। जिसमें 50 सदस्य है। मुरुगन द्वारा लोगों को जो खाना खिलाया जाता था वह खुद उनकी पत्नी द्वारा तैयार किया जाता था। लोक डाउन में तो सबकी मदद करने के लिए मुरुगन ने अपनी पत्नी के गहने भी बेच दिए थे।

अपनी इस सेवा प्रवृत्ति के बारे में बताते हुए मुरुगन कहते है कि वह रिक्शा चलाने के साथ साथ कॉटन प्रिंटिंग में भी काम करते है। जिसके चलते महीने में 50000 कमा लेते है। उसमें से अपने घर और बच्चों की फीस के पैसे निकाल लेने के बाद बचे हुए पैसों से वह लोगों की मदद करते है। वह पिछले 20 सालों से लोगो की सेवा कर रहे है। उनका बस एक ही उद्देश्य है कि किसी व्यक्ति को भूखा ना सोना पड़े।

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‌ऋचा ने अली फज़ल के साथ अपने रिश्तों के बारे में कहा – मेरा जीवन तनिष्क विज्ञापन जैसा! https://www.loktej.com/entertainment/richa-talks-about-his-relationship-with-ali-fazal-my-life-is-like-a-tanishq-ad-104161 https://www.loktej.com/entertainment/richa-talks-about-his-relationship-with-ali-fazal-my-life-is-like-a-tanishq-ad-104161#respond Tue, 20 Oct 2020 13:43:57 +0000 https://www.loktej.com/?p=104161

पिछले काफी समय से रिचा चढ्ढा और अली फजल की शादी की खबरें आ रही हैं। दोनों ने काफी समय तक सभी से अपने रिश्ते को छिपाया। परंतु कुछ समय पहले ही दोनों ने खुद के रिलेशनशिप में होने का स्वीकार किया था।

अगर सूत्रों कि माने तो दोनों जल्द ही शादी करने वाले हैं। दोनों की शादी के समाचार लोक डाउन के पहले ही आए थे, पर कोरोना के चलते दोनों की शादी में देरी हुई थी। इसी दौरान अली की मां का निधन हो जाने से शादी को कुछ समय तक टाल दिया गया है।

हमारा रिश्ता तनिष्क के एड जैसा : रिचा

रिचा ने कहा कि उनका रिश्ता तनिष्क के एड जैसा है। जो बन तो गया था पर टीवी पर आ नहीं आ पाया। उन्हें अली के परिवार से काफी प्यार मिला है। मुझे उन लोगों पर दया आती है, जिन्हे दूसरों की खुशी से परेशानी होती है।

अली फजल की मिर्जापुर 2 का जनता कर रही है विरोध

हाल ही में रिलीज हुए मिर्जापुर के ट्रेलर के बाद अली फजल का एक पुराना ट्वीट वायरल हो गया था जिसमें उन्होंने CAA का समर्थन किया था, जिसके चलते लोगों ने उनकी मिर्जापुर का बॉयकॉट करना शुरू कर दिया है। इस बारे में बात करते हुए अली ने कहा कि वो नहीं चाहते कि उनकी वजह से अन्य सभी के कामों का भी बहिष्कार हो। दूसरा की वह एक स्वतंत्र दुनिया का हिस्सा हैं और सवाल उठाना उनका एक अधिकार भी है।

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सूरत : ओलपाड की मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला को मिला अभयम् का सहारा https://www.loktej.com/surat-news/surat-the-mentally-deranged-woman-of-olpad-got-the-help-of-abhayam-104158 https://www.loktej.com/surat-news/surat-the-mentally-deranged-woman-of-olpad-got-the-help-of-abhayam-104158#respond Tue, 20 Oct 2020 13:38:07 +0000 https://www.loktej.com/?p=104158

लोक डाउन के समय से ही हेल्पलाइन अभयम काफी सराहनीय कार्य कर रही है। मानसिक रूप से हताश कई लोगों को आत्महत्या करने से रोकने के बाद अब हेल्पलाइन की टीम ओलपाड की एक मानसिक अस्वस्थ महिला के लिए आगे आईं है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओलपाड के गोथन तालुका में मानसिक रूप से अस्वस्थ एक महिला गांव में हमेशा एक ही जगह पर बैठी रहती थी। गांव लोगों द्वारा उसे रोज खाना दिया जाता था। ऐसे में एक जागृत व्यक्ति ने अभयम हेल्पलाइन को फोन कर महिला के बारे में जानकारी दी थी। जहां पहुंचने पर अभयम की टीम ने महिला से बातचीत की थी और उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ पाया था।

मानव सेवा ट्रस्ट के साथ मिलकर महिला के रहने का प्रबंध किया

अभयम की टीम द्वारा जब महिला से बातचीत करने का प्रयास किया गया, तो महिला ने कोई जवाब नहीं दिया। जिसके चलते अभयम की टीम ने मंदबुद्धि से पीड़ित व्यक्तियों की मदद करने वाली मानव सेवा ट्रस्ट का संपर्क किया था। जहां स्वयं सेवको से बातचीत कर महिला के रहने का प्रबंध किया गया था। यदि किसी को भी महिला के परिचित के बारे में जानकारी मिले तो वह अभयम हेल्पलाइन या मानव सेवा ट्रस्ट (7359265000) का संपर्क कर सकता है।

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सूरत प्री-स्कूल एसोसियेशन ने 25% फीस राहत की घोषणा की https://www.loktej.com/surat-news/surat-pre-school-association-announces-25-fee-relief-104156 https://www.loktej.com/surat-news/surat-pre-school-association-announces-25-fee-relief-104156#respond Tue, 20 Oct 2020 13:32:58 +0000 https://www.loktej.com/?p=104156

कोरोना के बाद लोगों को आर्थिक परेशानी आई है। इसलिए हाल ही में राज्य सरकार ने स्कूलों को 2020-21 सेशन के लिए 25% फीस कम करने का निर्देश जारी किया था।

हालांकि स्वतंत्र प्री स्कूल पर ये नियम लागू नहीं होता। साथ ही प्री स्कूल की इनकम बहुत लिमिटेड होती है। ये संस्थाएं अभी कोरोना के बाद आर्थिक रूप दे जूझ रही हैं। फिर भी पेरेंट्स के हित को देखते हुए एसोसिएशन ने अपने सदस्यों से अनुरोध किया है कि वो इस साल ये बेनिफिट पेरेंट्स को देवें। साथ ही पेरेंट्स से भी अनुरोध किया कि वो 31 ऑक्टोम्बर तक फीस भर कर इसका बेनेफिट लेवें।

सूरत में 300 से ज्यादा एवं पूरे देश मे लगभग 2 लाख प्री स्कूल हैं, जो लाखों लोगों को प्रत्यक्ष रुप से रोजगार दे रही हैं। NEP-2020 में पहली बार प्री स्कूल की इम्पोर्टेंस पर ध्यान दिया है। अर्ली चाइल्डहुड केअर एंड एजुकेशन (ECCE) पर प्री स्कूल लर्न विथ फन कांसेप्ट पर काम करती हैं। साइंटिफिक रिसर्च में बताया गया है कि बच्चों की पहले 6 वर्षो में सर्वाधिक ग्रोथ होती है। इस मीटिंग में प्री स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष जय लीलावाला, राजेश माहेश्वरी ,उदय राज जोशी ,राजू भाई बरड़िया, सीए सतीश राठी,धर्मेश भाई सहित काफी स्कूल संचालक उपस्थित रहे।

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गुजरात : आगामी विधानसभा उपचुनावों में स्कूल फिस मुद्दे पर सरकार को घेरने के मुड़ में अभिभावक https://www.loktej.com/gujarat-news/gujarat-parents-in-the-mood-to-surround-the-government-on-the-issue-of-school-fees-in-the-upcoming-assembly-by-elections-104152 https://www.loktej.com/gujarat-news/gujarat-parents-in-the-mood-to-surround-the-government-on-the-issue-of-school-fees-in-the-upcoming-assembly-by-elections-104152#respond Tue, 20 Oct 2020 13:28:01 +0000 https://www.loktej.com/?p=104152

आठों विधानसभा सीटों में जन-जागरण अभियान छेड़ने की योजना

राज्य में स्कूल फीस का मुद्दा खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा। लॉकडाउन के बाद से स्कूलें बंद हैं और ऑनलाईन शिक्षा दी जा रही है। इसी क्रम में अभिभावकों ने मांग की थी कि आर्थिक संकट के वर्तमान दौर में स्कूल बंद हैं तो फिस भी नहीं ली जानी चाहिये। बाद में मामला 50 प्रतिशत की छूट तक पहुंचा। लेकिन पिछले दिनों हाईकोर्ट में दायर याचिका और उसके बाद अदालती आदेश के पश्चात सरकार ने स्कूलों और ‌अभिभावकों के बीच में पड़ते हुए 25 प्रतिशत फीस में छूट पर मामले को निपटाया।

लेकिन अब लग रहा है कि अभिभावक 50 प्रतिशत से कम छूट के पक्ष में नहीं हैं। इतना ही नहीं सरकार पर इस संबंध में दबाव बनाने के लिये वे आगामी विधानसभा उपचुनाव के दौरान स्कूल फीस का मुद्दा उठाने की सोच रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार अहमदाबाद का अभिभावक एकता मंडल इस दौरान जिन आठ सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं वहां ‘खटिया बैठकें’ करने के जुगाड़ में हैं जिससे इस मुद्दे पर लोगों में राय कायम की जा सके।

अभिभावकों का कहना है कि सत्ता के नशे में चूर सरकार स्कूल फीस के मुद्दे पर अभिभावकों की मांगों का समाधान करने में निष्फल रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि नेताओं के पास चुनाव में जीतने के लिये पैसे खर्च करते समय कोई किल्लत नहीं होती, विधायकों की खरीद-फरोख्त में कहीं पैसे की कमी आड़े नहीं आती, लेकिन देश के भविष्य समान छात्रों के हित की बात आती है तो फंड की कमी हो जाती है। अभिभावक एकता मंडल के सदस्यों के अनुसार वे आगामी चुनाव में स्कूल फिस के मुद्दे पर सरकार की नाकामी से लोगों को अवगत करायेंगे।

अभिभावक नेता ने आगे कहा कि चुनाव को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए। गुजरात के लोगों को स्कूल में पढ़े-लिखे युवाओं और छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए मतदान करना है। हम 8 विधानसभा सीटों पर अभिभावकों से मिलेंगे, बेड मीटिंग करेंगे, पोस्टर के माध्यम से अभियान चलायेंगे, और हर स्तर पर अभिभावकों से संवाद कायम करेंगे।

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10 रुपये में बिरयानी खिलाना रेस्टोरेंट मालिक को भारी पड़ा, जानें क्या हुआ https://www.loktej.com/regional/feeding-biryani-for-10-rupees-overwhelms-the-restaurant-owner-know-what-happened-104149 https://www.loktej.com/regional/feeding-biryani-for-10-rupees-overwhelms-the-restaurant-owner-know-what-happened-104149#respond Tue, 20 Oct 2020 13:30:32 +0000 https://www.loktej.com/?p=104149

हिन्दी में एक कहावत है “हवन करने में हाथ जला!” अर्थात कोई अच्छा काम करते हुए बड़ा नुकसान हो जाना। ये कहावत फिलहाल तो 29 साल के एक रेस्टोरेंट मालिक पर बिलकुल सही सिद्ध होती दिख रही हैं। दरअसल इस रेस्टोरेंट मालिक को रविवार को विरुधुनगर पुलिस ने इसलिए गिरफ्तार कर लिया क्योंकि वो बेहद कम दाम पर लोगों स्वादिष्ट बिरयानी खिला रहा था। दरअसल हुआ ऐसा कि कम दाम की बिरयानी के चक्कर में वहाँ बड़ी मात्रा में लोग जमा हो गए और फिर पुलिस ने कोविड़ के नियमों के उल्लघन के लिए रेस्टोरेंट मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया।

आपको बता दे कि ज़हीर हुसैन नाम के आदमी ने रविवार को अरुप्पुकोट्टई में एक नई बिरयानी की दुकान खोली और दुकान के उद्घाटन पर लोगों को एक विशेष ऑफर देते हुए बताया कि रविवार को बिरयानी की एक प्लेट सिर्फ 10 रुपये होगी। उन्होंने जो पोस्टर लगाया था। हालांकि इसके साथ एक शर्त ये भी थी कि ऐसा सिर्फ सुबह 11 से 1 बजे के बीच केवल दो घंटे के लिए उपलब्ध होगी। इस मौका का फायदा उठाने के लिए लोगों ने बिना मास्क और एक दूसरे के बीच शारीरिक दूरी के बिना उस दुकान के सामने इकट्ठा होना शुरू कर दिया था। ये भीड़ दुकान के आसपास से होते हुए सड़क पर जमा होने लगी।

(Photo Credit: googe.com)

इस मौके को भुनाने के लिए जमा हुए लोगों को देखकर दुकान मे लगभग 2500 पैकेट बिरयानी तैयार की थी। हालांकि, 500 पैकेट बिरयानी के बिकने के साथ ही वहाँ तक पुलिस पहुंच गई और भीड़ को वहाँ से भागने लगे। ऐसा करने पर लोग सड़कों पर भागने लगे जिससे यातायात अवरुद्ध हो गया। इसके बाद जहीर को हिरासत में ले लिया गया।

इसके बाद एक पुलिस अधिकारी ने कथित तौर पर बचे हुए पैकेट को जरूरतमंदों और गरीबों और विकलांग व्यक्तियों की तरह वितरित करने की व्यवस्था की। पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत एक एफआईआर भी दर्ज की, जिसमें 188 [लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश देने की अवज्ञा], 269 [लापरवाही से जीवन के लिए खतरनाक बीमारी के संक्रमण फैलने की संभावना], और 278 (वातावरण को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बना रही है] और महामारी रोग अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम शामिल हैं। पुलिस ने जहीर को चेतावनी देकर जमानत पर जाने दिया।

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यदि आपने नहीं देखा PM मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन, तो जान लें उन्होंने क्या कहा https://www.loktej.com/india/if-you-have-not-seen-pm-modis-address-in-the-name-of-the-nation-then-know-what-he-said-104146 https://www.loktej.com/india/if-you-have-not-seen-pm-modis-address-in-the-name-of-the-nation-then-know-what-he-said-104146#respond Tue, 20 Oct 2020 13:00:15 +0000 https://www.loktej.com/?p=104146

कोरोना के प्रति ढिलाई नहीं बरतनी है

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सोमवार को सायं 6 बजे राष्ट्र को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना काल में लॉकडाउन से लेकर अनलॉक के विविध चरणों तक देश की स्थिति का जिक्र किया।

PM मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस अभी खत्म नहीं हुआ है। अनलॉक में देखा जा रहा है कि लोग अपने काम-काज के लिये घरों से बाहर निकल रहे हैं और बाजार में रौनक भी बढ़ने लगी है। लेकिन हमें कोरोना के प्रति उतना ही जागरूक रहना है, जैसे पहले रहा करते थे। कोरोना के प्रति लापरवाही बरतने का ये समय नहीं है।

विकसित देशों में अचानक बढ़ रहे मामले

PM मोदी ने कहा कि भारत अपने ज्यादा से ज्यादा नागरिकों का जीवन बचाने में सफल हो रहा है। देश में अन्य विकसित देशों की तुलना में कोरोना संक्रमण आबादी की तुलना में कम है और इस महामारी के कारण मरने वालों का औसत भी बड़े देशों की तुलना में कम है। उन्होंने कहा कि देश में कोरोना से लड़ने के लिये जो व्यवस्थाएं की हैं, उनमें लगातार वृद्धि हो रही है और डॉक्टर, नर्स व स्वास्थ्यकर्मी निस्वार्थ भाव से काम कर रहे हैं।

PM मोदी ने कहा कि ये समय लापरवाह होने का नहीं है। यह नहीं माना लेना है कोरोना चला गया। मोदी ने कहा कि कई जगहों पर लोगों ने सावधानी बरतना बंद कर दिया है, या ढिलाई बरत रहे हैं। उन्होंने जनता का आह्वान किया कि कोरोना के प्रति लापरवाही बुजुर्गों, बच्चों को संकट में डालने जैसा है।

संत कबीरदास और रामचरित मानस के दृष्टांत दिये

PM मोदी ने अमेरिका, यूरोप आदि देशों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां अचानक मामले बढ़ने लगे हैं और स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने संत कबीरदास के दोहे का दृष्टांत देते हुए कहा कि जब तक पकी हुई फसल घर न आ जाए, तब तक अति उत्साह में काम को पूरा नहीं मान लेना है। जब तक फसल घर न आ जाए तब तक लापरवाही नहीं बरतनी है। उन्होंने कहा कि जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती तब तक हमें हमारी लड़ाई जारी रखनी है। दुनिया भर में मानवजाति को बचाने के लिये वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। भारत में भी कोरोना की कई वैक्सीन पर काम चल रहा है और स्थिति आशास्पद दिखती है। मोदी ने कहा कि जब भी कोरोना की वैक्सीन आयेगी, तब वो प्रत्येक भारतीय तक कैसे पहुंचे इसके लिये सरकार तेजी से काम कर रही है।

PM मोदी ने रामचरित मानस के दृष्टांत का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी भी शत्रु या बीमारी को छोटा न समझना चाहिये। जब तक पूरा इलाज न हो जाए तब तक ढिलाई नहीं बरतनी है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में त्यौहार का समय है और इस दौरान थोड़ी सी लापरवाही बड़ा नुकसान कर सकती है। उन्होंने कहा कि दो गज की दूरी, बार-बार साबुन से हाथ धोना और मास्क पहनना अनिवार्य है और इसका पालन करें। त्यौहार आपके जीवन में उत्साह और उमंग भरें ऐसा वातावरण चाहता हूं। मोदी ने नवरात्रि, दशहरा, ईद, दीपावली, छठ्ठ और गुरूनानक जयंति समेत सभी त्यौहारें देशवासियों को बधाइयां दीं।

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नवरात्रि में बना रहे है पावागढ़ जाने का प्लान; पहले यह खबर पढ़ लेे https://www.loktej.com/gujarat-news/planning-to-go-to-pavagadh-in-navratri-read-this-news-first-104143 https://www.loktej.com/gujarat-news/planning-to-go-to-pavagadh-in-navratri-read-this-news-first-104143#respond Tue, 20 Oct 2020 12:55:32 +0000 https://www.loktej.com/?p=104143

नवरात्रि में लोगों की भीड़ रोकने के लिए और कोरोना संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए सरकार ने राज्य भर में गरबा खेलने की मनाई की है। हालांकि लोग अभी भी मंदिरों में जाकर माता का आशीर्वाद और प्रसाद ले सकते हैं।

हर साल की तरह इस साल भी कई लोग माता के धाम पावागढ़ जाने की योजना बना रहे है। यदि आप भी पावागढ़ जाने की योजना बना रहे है तो यह खबर आपके लिए है। पंचमहाल जिला कलेक्टर ने यात्राधाम पावागढ़ को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

पावागढ़ जाने वाले सभी रस्ते निजी वाहनों के लिए होंगे बंद

हर साल नवरात्रि में लाखो लोग पावागढ़ जाते है। यदि इस बार लोग पावागढ़ पहोंचे तो कोरोना का संक्रमण बढ़ने का खतरा है। जिसके चलते जिला कलेक्टर ने फरमान जारी किया है की पावागढ़ जाने वाले रास्ते 31 अक्टूबर तक निजी वाहनों के लिए प्रतिबंधित कर दिए गए है।

पावागढ़ जाने वाले सभी रास्तों को निजी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। जिसमें हालोल तीन रास्ते से पावागढ़ तरफ जाने वाला रास्ता, वड़ा तालाब से होकर जाने वाला रास्ता तथा टपाल वाव से पावागढ़ की और जाने वाला रास्ता शामिल है। यदि इस नियम का उल्लघंन करता है तो उस पर धारा 188 के तहत कार्यवाही की जाएगी।

रास्तों में लगाए जाएंगे LED टीवी

हर साल माता के दर्शन करने के लिए आठ से दस लाख लोग नवरात्रि के समय में आते है। पर कोरोना के कारण मंदिर में दर्शन के समय में बदलाव किए गए है। पर भक्तो को हर समय माता के दर्शन होते रहे इसलिए एक खास व्यवस्था की गई है। जिसके तहत रास्तों पर कई जगह LED टीवी रखी जाएगी। जिसके उपयोग से लोग माता का दर्शन कर पाएंगे। बता दे की 16 अक्टूबर से पावागढ़ के मंदिर आम लोगों के लिए बंद कर दिए गए है।

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क्या अपने देखा PPE किट पहने डॉक्टर का यह डांस, ऋतिक भी कर चुके तारीफ https://www.loktej.com/entertainment/have-you-seen-this-dance-of-the-doctor-wearing-ppe-kit-104140 https://www.loktej.com/entertainment/have-you-seen-this-dance-of-the-doctor-wearing-ppe-kit-104140#respond Tue, 20 Oct 2020 12:37:10 +0000 https://www.loktej.com/?p=104140

इंटरनेट पर आए दिन कई वीडियो अपलोड होते रहते है। कॉमेडी, मोटिवेशनल कई तरह के वीडियो हम हर दिन देखते है। ऐसा ही एक मजेदार वीडियो आज कल सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है।

PPE किट पहनकर डॉक्टर ने किया डांस

सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में एक डॉक्टर संपूर्ण रूप से PPE किट पहनने के बाद फिल्मी गाने पर डांस करते हुए दिख रहा है। आसाम के एक डॉक्टर ने कोरोना से लड़ रहे मरीजों के चहरे पर स्माइल लेने के लिए मशहूर डांसर और अभिनेता ऋतिक रोशन के वॉर मूवी के घुंघरू गाने पर डांस किया था।

(Photo: IANS)

इस वीडियो को अब तक 8.54 लाख से भी अधिक बार ज्यादा देखा जा चुका है। 51 हजार से ज्यादा लोगों ने इसे लाइक किया और 12 हजार से ज्यादा लोगों ने इसे रीट्वीट भी किया है। डॉ. अरूप नाम में इस डॉक्टर का यह वीडियो उन्हीं के मित्र डॉ. सैय्यद फेजान ने किया था।

ऋतिक ने कि डांस की जमकर तारीफ

डॉ. आरूप का यह वीडियो वायरल होते होते ऋतिक तक भी पहोंचा था। जिन्होंने वीडियो में आरुप के डांस को देखकर काफी खुशी व्यक्त की है। ऋतिक ने कहा कि वह एक दिन जरूर आसाम जाकर डॉ. अरूप से डांस सीखेगे।

यदि आप ने भी अभी तक यह वीडियो नहीं देखा तो अभी यहां देख लीजिए। जहां डॉ. अरूप ने एक प्रोफेशनल डांसर के टक्कर का डांस किया है और साथ ही ऋतिक का सिग्नेचर स्टेप भी किया है।

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सूरत : सामान्य कोच की एकल चार्टड ट्रेन से होगी पार्सल की ढुलाई https://www.loktej.com/surat-news/surat-parcel-will-be-carried-by-single-chartered-train-of-general-coach-104137 https://www.loktej.com/surat-news/surat-parcel-will-be-carried-by-single-chartered-train-of-general-coach-104137#respond Tue, 20 Oct 2020 09:49:24 +0000 https://www.loktej.com/?p=104137

इतिहास मे पहली बार त्योहारी सीजन में ग्राहकों क़ो लुभाने एकल चार्टर्ड ट्रेन द्वारा पार्सल की ढुलाई

सूरत । पश्चिम रेलवे जोन का मुंबई मंडल भारतीय रेल के इतिहास मे पहली बार इस त्योहारी सीजन में ग्राहकों क़ो लुभाने के लिये सामान्य कोच की एकल चार्टर्ड ट्रेन द्वारा पार्सल की ढुलाई के लिए आमंत्रित करती है। हार्ड पार्सल के मामले में 15 सामान्य कोच तथा 1 एसएलआर  जिसकी वहन क्षमता 158 टन होगी। नाशवान वस्तुओं (perishable Parcel) के मामलों में 10 सामान्य कोच तथा 1 एसएलआर होगी जिसकी वहन क्षमता 108 टन होगी।शुरुआत में यह सेवा सूरत से उत्तर भारत के लिए मुज़फ़्फ़रपुर तथा वाराणसी, पूर्व भारत के लिए शालीमार तथा भुवनेश्वर, तथा दक्षिण भारत के लिये चेन्नई तथा मदुरै के लिए होगी। पार्सल की बुकिंग न्यूनतम दर P- Scale पर की जायेगी. पार्सल की बुकिंग मूल स्टेशन से गंतव्य स्टेशन के लिए की जाएगी। पार्सलों की पैकिंग, लोडिंग/अनलोडिंग तथा दरवाज़े को सील पार्टी द्वारा ही की जाएगी। इस सेवा का लाभ लेने के लिए ग्राहक को Rs.5000 जो की भाड़े के साथ समायोज्य (adjustable) होगा की फीस के साथ आवेदन करना होग।

सूरत से पूर्ण रेक दर

मुजफ्फरपुर 8.23 लाख, बनारस 6.19 लाख, शालीमार 7.60 लाख, भुवनेश्वर 8.37 लाख, चेन्नई 7.11 लाख, मदुरै 7.32 लाखसूरत से बूकिंग कराने के लिए किसी भी तरह की पूछताछ के लिए पार्सल सुपरवाइज़र से मिलें या 0261-67641249 पर संपर्क करें। ग्राहकों को किसी भी तरह की परेशानी आने पर मुख्य वाणिज्य निरीक्षक – सूरत को 9724099957 पर सम्पर्क करें या मिलें।

 

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युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत राहुल गंगवानी; सफलतापूर्वक करते हैं रियल एस्टेट व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का प्रबंधन https://www.loktej.com/business/rahul-gangwani-a-source-of-inspiration-for-the-youth-successfully-manage-real-estate-business-establishments-104131 https://www.loktej.com/business/rahul-gangwani-a-source-of-inspiration-for-the-youth-successfully-manage-real-estate-business-establishments-104131#respond Tue, 20 Oct 2020 09:02:04 +0000 https://www.loktej.com/?p=104131

दिल्ली : राहुल गंगवानी, एक 28 साल का युवा व्यवसाय उद्यमी, तूफान के कारण दुनिया को आगे ले जा रहा है, क्योंकि वह इस समय भी अपने व्यापार का विस्तार करना बंद कर रहा है। राहुल बिजनेस मैनेजमेंट और फाइनेंशियल कंसल्टेंसी के क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं।

राहुल ने अपना स्नातक किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से पूरा किया; उन्होंने यूके से बिजनेस मैनेजमेंट और फाइनेंशियल कंसल्टेंसी की ट्रेनिंग ली। जल्द ही उन्होंने अपने उद्यमशीलता के कारनामों की खोज शुरू कर दी और जल्द ही अपने पारिवारिक व्यवसाय को दूसरे स्तर पर ले गए और जीवन में वांछित सफलता प्राप्त करने के लिए अभी भी कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उनका जीवन मंत्र है – “बड़ा सपना देखो, कड़ी मेहनत करो और अवसर को जब्त करो।” इस कम उम्र में, वह सफलतापूर्वक विभिन्न रियल एस्टेट बिजनेस कंपनियों का प्रबंधन करता है। निश्चित रूप से राहुल उन युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं जो अपने जीवन में कुछ हासिल करना चाहते हैं।

इससे पहले, जीवन में, राहुल ने महसूस किया कि जीवन में सफल होने के लिए और अपने व्यवसाय को लाभदायक बनाने के लिए उनके पास क्या विकल्प होंगे। एक बिज़नेस फैमिली में पले-बढ़े होने के कारण, वह लगातार बिज़नेस प्रैक्टिस से घिरे रहे। यंग राहुल का लक्ष्य एक यंग बिज़नेस एंटरप्रेन्योर होना था और उनकी अपनी विरासत बनाने और सशक्त कॉर्पोरेट प्रतिष्ठान बनाने के बहुत सारे आकांक्षी विचार थे। वह आगे उन प्रतिष्ठानों पर काम करना चाहता है जो अपने विशिष्ट ग्राहकों को अद्वितीय और असाधारण उत्पादों और सेवाओं के साथ प्रदान करेगा, जो बदले में व्यापार को एक घातीय वृद्धि देता है।

इतनी कम उम्र में विभिन्न कॉर्पोरेट व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का सफलतापूर्वक प्रबंधन करने पर, राहुल ने कहा, “जब आप व्यवसाय शुरू करने के लिए अंतहीन काम करते हैं तो उस विशेष सफलता का स्वाद पाने के लिए कोई विशेष मैपिंग या गाइडबुक मौजूद नहीं है”। उन्होंने आगे कहा, “उद्यमियों को हमेशा जैविक और कच्चे व्यापार के विचारों को बनाने और लगातार विकसित करने के लिए एक नज़र रखना चाहिए। इसके अलावा, किसी भी प्रकार के व्यावसायिक संगठन को प्रभावी ढंग से संवाद करने, महत्वपूर्ण कनेक्शन स्थापित करने और अपने ग्राहकों और व्यापार भागीदारों के साथ भरोसेमंदता बनाने में सक्षम होना चाहिए।

वर्तमान में, राहुल 2019 से संयुक्त अरब अमीरात (संयुक्त अरब अमीरात) में अपना व्यवसाय देख रहे हैं। इस युवा उद्यमी ने खुद को साबित कर दिया है कि सफलता क्या दिखती है और युवाओं के लिए व्यवसाय उद्यमी बनने की प्रेरणा बन रही है।

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