दिल और चयापचय चक्र के लिए खतरनाक होता है देर रात तक जागना


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लंदन (ईएमएस)। कुछ लोग मस्ती के लिए देर रात तक जागते रहते हैं, तो कुछ लोगों के लिए ऐसा करना मजबूरी होती है। एक अध्ययन में सामने आया है कि रात में देर तक जागना दिल और शरीर के चयापचय चक्र के लिए काफी खतरनाक होता है। शोधकर्ताओं के अनुसार देर तक जागने वालों को सेहत संबंधी समस्याओं से जूझना पड़ता है। देर से सोना और देर से जागना सेहत को नुकसान पहुंचाता है, यह तो हम सभी जानते हैं। मगर इस आदत के कारण आपको जान का खतरा भी हो सकता है।

नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी फीनबर्ग स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं का कहना है कि जल्दी सोने और जल्दी जागने वालों के मुकाबले देर से सोने वालों को सेहत संबंधी समस्याएं अधिक रहती हैं।

यह अध्ययन 50 हजार से अधिक लोगों पर किया गया। विशेषज्ञों का दावा है कि ऐसे लोगों की मृत्यु समय से साढ़े छह साल पहले हो सकती है। शोधकर्ताओं की मानें तो सुबह जल्दी जागने और रात को जल्दी सोने वाले प्रकृति के अधिक करीब रहते हैं। प्रमुख शोधकर्ता और न्यूरोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर क्रिस्टेन नटसन का कहना है कि देर से जागने का शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव होता है।

पूर्व में हुए अध्ययनों में भी कहा गया है कि देर तक जागने का बुरा प्रभाव हृदय की सेहत पर पड़ता है और शरीर का चयापचय तंत्र भी प्रभावित होता है। रात में जागने वालों को खराब सेहत के कारण मृत्यु का खतरा 10 फीसदी से भी अधिक रहता है। यूनिवर्सिटी ऑफ सर्रे में क्रोनोबायोलॉजी के प्रोफेसर मालकम वॉन शैन्ट्ज का कहना है कि यह सार्वजनिक सेहत का मामला है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। शैन्ट्ज का कहना है कि हमें यह देखना होगा कि ऑफिस और अन्य जगहों पर काम करने वालों को किस तरह राहत पहुंचाई जा सकती है। साथ ही यह भी देखना होगा कि कौन से ऐसे काम हैं जिन्हें जल्दी खत्म किया जा सकता है, ताकि लोग समय से अपने घर जा सकें।