सबसे बड़ा कारण तनाव है माइग्रेन का


माइग्रेन का सबसे बड़ा कारण तनाव है। जो व्यक्ति या महिलाएं ज्यादा तनाव लेते हैं, उनमें माइग्रेन की समस्या ज्यादा पाई जाती है।

नई दिल्ली। माइग्रेन का सबसे बड़ा कारण तनाव है। जो व्यक्ति या महिलाएं ज्यादा तनाव लेते हैं, उनमें माइग्रेन की समस्या ज्यादा पाई जाती है। तनाव, अवसाद या क्रोध की स्थिति में भी अत्यंत संवेदनशील स्वभाव वाले व्यक्ति माइग्रेन के शिकार हो सकते हैं। थोड़ी-थोड़ी देर में मूड बदलना भी माइग्रेन रोगी का लक्षण है। माइग्रेन के कारण सिर के आधे हिस्से में तेज दर्द होता है। समय से इलाज न करवाने और नजरअंदाज करने से ये बीमारी धीरे-धीरे बढ़ जाती है। आमतौर पर इसका दर्द सिर के एक या एक से ज्यादा हिस्सों के साथ गर्दन के पिछले भाग (मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के झिल्लीदार कवरिंग) में होता है। लेकिन कई बार यह दोनों तरफ भी हो जाता है।

जानकारों के मुताबिक कई रोगियों में देखा जाता है कि वह अचानक तनाव में आ जाते हैं और थोड़ी देर बाद ही बिना किसी कारण के नॉर्मल हो जाते हैं। बहुत चुस्त कपड़े व टाइट बेल्ट लगातार पेट पर दबाव डालते हैं, जिससे अकसर सिर दर्द होता है। ज्यादा देर तक पेट को अंदर दबाकर रखने से कभी-कभी लगता है कि सिर फट जाएगा। पर्याप्त पानी न पीने से भी माइग्रेन की समस्या हो सकती है। पानी हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी तत्व है। मगर कई बार जब आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं तो इससे कई तरह के रोगों का खतरा रहता है। विटामिन्स की कमी से भी बच्चों, किशोरों व वयस्कों में माइग्रेन की समस्या हो सकती है। इसलिए अगर आप में माइग्रेन के लक्षण दिखें, तो विटमिन की जांच करा लें। माइग्रेन से पीड़ित ज्यादातर किशोरों व वयस्कों में विटामिन डी, राइबोफ्लेबिन और कोइंजाम क्यू10 की कमी पाई गई। अक्सर कैफीन की अधिकता भी सिर दर्द का कारण बनती है। कुछ खाने वाली चीजों जैसे पुडिंग और केक में इतना कैफीन होता है कि उन्हें खाने से सिर में दर्द हो जाता है। कुछ पेय पदार्थों जैसे कोला, कॉफी, लिकर और चाय के सेवन से भी ऐसा ही होता है। दर्द से बचने के लिए आरामदायक कपड़े पहनें और खासतौर पर खाना खाते समय पेट को टाइट न रखें।अगर आपने अपनी आवश्यकता के अनुसार भरपेट भोजन नहीं किया है और आप काफी देर तक भूखे रह गए हैं तो भी माइग्रेन का दौरा पड़ सकता है। इसके अलावा माइग्रेन के लिए ऐल्कॉहॉल का सेवन, मौसम में बदलाव, आहार में परिवर्तन और कम नींद लेना भी जिम्मेदार है।

– ईएमएस