शाम के खाने से लेकर सुबह के नाश्ते तक रोजाना उपवास करना वजन नियंत्रण का सही तरीका


(PC : EMS)

नई दिल्ली (ईएमएस)। आप दिन के किस वक्त भोजन करते हैं, इससे यह मालूम चल सकता है कि आपका शरीर कितनी कैलोरी को खपा पाएगा। एक अध्ययन के मुताबिक शाम के खाने से लेकर सुबह के नाश्ते तक रोजाना उपवास करना वजन को नियंत्रण में रखने का सबसे अनुकूल तरीका है। अमेरिका की वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी के केविन कैली समेत अन्य शोधकर्ताओं का कहना है कि वजन घटने या बढ़ने के बीच का संतुलन मुख्य रूप से हार, भोजन की मात्रा और एक व्यक्ति कितनी कसरत करता है, इस बात पर निर्भर करता है। उनका कहना है कि दिन के जिस वक्त सबसे ज्यादा खाना खाया जाता है उससे भी यह निर्धारित होता है कि एक व्यक्ति कैलोरी को कितने बेहतर तरीके से खपा पाता है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि ‘बॉडी क्लॉक’ इस तरह से बना हुआ होता है जो सोते वक्त शरीर के वसा को खपाने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि इसका नतीजा यह होता है कि जब लोग नाश्ता नहीं करते और रात में हल्का-पुल्का खाते रहते हैं तो इससे वसा को खपाने में देरी होती है। यह अध्ययन ‘पीएलओएस बायोलॉजी’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। लगातार लंबे समय तक नाश्ता न करने से डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। रात को सोते वक्त आप 8 से 9 घंटे कुछ नहीं खाते हैं ऐसे में अगर नाश्ता स्किप किया जाए तो इससे मेटाबॉलिज्म को नुकसान पहुंचता है। ज्यादा लंबे समय तक भूखा रहने से कई लोगों को गुस्सा आने लगता है। नाश्ता न करने से ब्लड शुगर का स्तर भी कम होता है। कुछ मामलों में ब्रेकफास्ट स्किप करने से कमजोरी, सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। नाश्ता न करने से मुंह में सलाइवा कम मात्रा में बनता है, जिससे जीभ पर मौजूद बैक्टीरिया दूर नहीं हो पाते हैं। ये सलाइवा मुंह में बदबू और गंदगी का कारण बनते हैं।