स्टैमिना बढ़ाकर उम्रदराज वयस्क जी सकते है ज्यादा


न्यूयॉर्वâ। उम्रदराज व्यस्कों के लिए सप्ताह में दो बार शक्ति बढ़ाने का प्रशिक्षण काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। क्योंकि एक नए शोध से पता चला है कि शक्ति संवर्धन प्रशिक्षण (पॉवर डेवलेप्मेंट ट्रेिंनग) लेने से वृद्धों की स्टैमिना बढ़ाती है और वे लंबी उम्र जीते हैं। साथ ही इससे हृदय और वैंâसर जैसी समस्याओं को भी कम किया जा सकता है। निष्कर्षों से पता चला है कि अगर उम्रदराज वयस्क सप्ताह में कम से कम दो बार शक्ति संवर्धन प्रशिक्षण लेते हैं, तो उनमें जल्द मरने का जोखिम ४६ प्रतिशत तक घट जाता है। उन्हें वैंâसर और हृदय रोग की समस्याओं से होने वाली मृत्यु का जोखिम भी क्रमश: ४१ प्रतिशत और नौ प्रतिशत घट जाता है। शारीरिक गतिविधि और एरोबिक व्यायाम से होने वाले स्वास्थ्य सुधारों की पुख्ता जानकारी तो मौजूद है, लेकिन शक्ति संवर्धन प्रशिक्षण के प्रभावों की फिलहाल काफी कम जानकारी उपलब्ध है। अमेरिका के पेन स्टेट कॉलेज ऑफ मेडिसिन से जेनिफर एल का कहना है कि “ऐसा नहीं है कि शक्ति संवर्धन प्रशिक्षण अब तक लोगों द्वारा किए जा रहे व्यायाम का हिस्सा नहीं है। क्योंकि इसके प्रभावों की अधिक जानकारी नहीं थी, इसलिए अभी तक इसकी दृढ़तापूर्वक सलाह नहीं दी गई थी।” इस शोध के अध्ययनकर्ताओं ने नेशनल हेल्थ इंटरव्यू सर्वे (एनएचआईएस) के साल २०११ के सर्वेक्षण के ६५ और उससे अधिक आयु वर्ग के ३०,००० प्रतिभागियों के आंकड़ों का आकलन किया था।