‘सालसा’ कर बुजुर्ग रहेंगे सेहतमंद


न्यूयॉर्वâ। आज के युवा फिट रहने के लिए और सारी सेहत से जुड़ी समस्याओं से निपटने के लिए डांस करते है और बात अगर सालसा डांस की हो तो हर कोई इस पर थिरकने लगता है लेकिन अब यह डांस बुजुर्गो के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। एक अध्ययन में पाया गया है कि लातिन अमेरिकी डांस चा-चा-चा या सालसा बुजुर्गों के लिए सेहतमंद साबित हो सकता है साथ ही इस प्रकार को डांस बुजुर्गों को तेजी से टहलने में मदद कर सकता है और वे शरीर से दुरुस्त रह सकते हैं, इससे दिल की बीमारी का खतरा भी कम हो सकता है। अध्ययन में देखा गया कि डांस कार्यक्रम में शामिल होने से पहले बुजुर्ग जितना शारीरिक रूप से सक्रिय और जितनी तेज चल सकते थे, उससे कहीं अधिक वे डांस शुरू करने के बाद खाली समय में सक्रिय दिखे। डांस कार्यक्रम शुरू करते समय बुजुर्ग पहले ४३० सेवेंâड में ४०० मीटर टहलते थे, लेकिन बाद में वे यह दूरी ३९२ सवेंâड में ही तय करने लगे। इतना ही नहीं अवकाश काल में उनकी शारीरिक सक्रियता की क्षमता ६३० मिनट से बढ़ कर ८१८ मिनट भी हो गई। लेकिन वहीं जो लोग स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रमों में शामिल थे, उनकी शारीरिक सक्रियता में मामूली सुधार देखा गया।
इस संबंध में अमेरिका के यूनिर्विसटी ऑफ इलिनोइस की लेखका प्रिसिला वेसक्वे ज का मानना है कि मनोरंजन के साथ सांस्कृतिक रूप से अभ्यस्त होने का शरीर पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि चार महीने तक सप्ताह में दो बार लातिन अमेरिकी डांस करने से प्रतिभागी शारीरिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक रूप से व्यस्त हो जाता है। इसके साथ जहां उनका तनाव दूर होता है, वहीं अन्य लोगों से मिलने जुलने से वे एक समुदाय भी बना लेते हैं। अध्ययन में यह भी पाया गया कि समुदाय आधारित लातिन अमेरिकी डांस से ५४ स्पेनिश बोलने वाली ६५ वर्षीय महिलाओं और करीब ८० प्रतिशत मौqक्सको की महिलाओं को सकारात्मक फायदा हुआ जो पहले शारीरिक रूप से बहुत सक्रिय नहीं थीं।