समय पर भोजन करने से नहीं होंगे मानसिक रोग


नई दिल्ली। हमारा शरीर एक एसी मशीन है, जो बेहद संतुलित ढंग से काम करती है। समय पर भोजन तथा समय पर सोने से न केवल जीवन बेहतर होता है, बाqल्क यह मानसिक विकार को भी दूर रखता है। एक नए शोध से पता चला है कि अगर समय पर खाना नहीं खाया गया तो धीरे धीरे इससे मानसिक रोग उत्पन्न होने की संभावना है। सरकाडियन रिद्म्स (शरीर के अंदर मौजूद जैविक घड़ी) २४ घंटे के चक्र का पालन करती है और हार्मोन तथा स्वभाव सहित शरीर की सभी गतिविधियों को नियंत्रित करती है। मोंट्रियल के डगलस मेंटल हेल्थ यूनिर्विसटी इंस्टीटयूट तथा मैकगिल यूनिर्विसटी की काई-फ्लोरियन स्टॉर्च ने कहा, इस बात के भी सबूत हैं कि रोजाना की गतिविधियां शरीर में २४ घंटे के अलावा, चार घंटे के एक चक्र से प्रभावित होती हैं, जिसे अल्ट्रेडियन रिद्म्स कहते हैं। चार घंटे का अल्ट्रेडियन रिद्म्स माqस्तष्क में मौजूद एक मुख्य रसायन ‘डोपामिन’ से प्रेरित होता है। शरीर में जब डोपामिन का स्तर अनियंत्रित हो जाता है, तो चार घंटे का रिद्म्स ४८ घंटे तक िंखच सकता है। अनुवांशिक रूप से संशोधित चूहों पर किए गए अध्ययन में स्टॉर्च के दल ने इस बात का खुलासा किया कि नींद आने में दिक्कत, अल्ट्रेडियन रिद्म्स जेनरेटर में असंतुलन का परिणाम है, जबकि यह पहले सर्काडियन रिद्म्स में गड़बड़ी का परिणाम माना जाता था।