लैब में तैयार तुलसी करेगी वैंâसर से मुकाबला


वाशिंगटन। भारत में तुलसी का पौधा केवल बगीचे की शान कभी नहीं रहा, यह जुड़ा है श्रद्धा से और सेहत से। सेहत का यह गुण महंगी एलोपैथिक दवाओं को भी पीछे छोड़ सकता है। संभव है कि तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल जानलेवा वैंâसर के सटीक इलाज में किया जाने लगे। इसके लिए अमेरिका में रिसर्च शुरू कर दी गई है। तुलसी से ब्रेस्ट वैंâसर के इलाज पर रिसर्च करने वाली टीम के एक भारतीय अमेरिकी वैज्ञानिक ने बताया कि तुलसी में पाया जाने वाला इयूजिनोल वंâपाउंड वैंâसर से लड़ने में मदद करता है। ब्रेस्ट वैंâसर के इलाज के लिए किए गए प्रयोगों से इसका पता चला है। इन प्रयोगों के दौरान वैंâसर कोशिकाओं को एक प्लेट में रखा गया था, उसी प्लेट में इयूजिनोल रखने पर कोशिकाओं की ग्रोथ रुक गई। उन्होंने
बताया कि तुलसी के पत्तों को पीसने पर इयूजिनोल मिलता है। उनकी टीम इसे पर्याप्त मात्रा में पैदा करने के लिए तुलसी के गुणों में जेनेटिक इंजीनियिंरग के जरिए कुछ बदलाव करने की कोशिश कर रही है। अगर टीम सफल रही तो तुलसी का पौधा इस वैंâसर रोधी तत्व के भंडार की तरह काम करेगा।