मस्तिष्क आघात से उबरने में मददगार है संगीत


मुंबई। काफी समय से यह माना जाता रहा है कि संगीत सुनने से तनाव कम होता है, लेकिन अब एक नये अध्ययन में यह दावा किया गया है कि इसका माqस्तष्क पर शक्तिशाली प्रभाव पड़ता है तथा इससे माqस्तष्क आघात से पीड़ित रोगियों की गतिविधियों में सुधार लाने में मदद मिल सकती है। प्रति वर्ष दो करोड़ से अधिक लोग माqस्तष्काघात से प्रभावित होते हैं। कई माqस्तष्क की चोट से प्रभावित होते हैं, जिससे उनकी गतिविधियों और भाषा क्षमता पर असर पड़ता है। परिणामस्वरूप उनकी जीवन की गुणवत्ता में काफी कमी आ जाती है। संगीत उपचार में प्रयुक्त की जाने वाली आम तकनीक लयबद्ध श्रव्य प्रोत्साहन (आरएएस) है, जिसमें लय और गतिविधि के बीच संबंध होता है। एक विशिष्ट गति वाला संगीत रोगी की गतिविधियां बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
विशेषज्ञों ने संगीत उपचार के लिए सात छोटे अध्ययन किए। इनमें कुल मिलाकर १८४ लोगों को शामिल किया गया। चार अध्ययन विशेष तौर पर माqस्तष्काघात रोगियों पर कोqन्द्रत थे, जिनमें तीन में उपचार तकनीक के रूप में आरएएस का प्रयोग किया गया। पाया गया कि आरएएस उपचार से रोगियों के चलने की औसत गति १४ मीटर प्रति मिनट बढ़ गई और रोगियों ने लंबे डग भरे। शोधकर्ताओं के मुताबिक इस समीक्षा से माqस्तष्काघात रोगियों पर संगीत उपचार के प्रभावों के प्रोत्साहन भरे नतीजों के बारे में पता चलता है।