मनुष्य के शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता बदलने में मिली कामयाबी


– किसी भी ब्लड ग्रुप की किडनी का हो सकेगा प्रत्यारोपण
नई दिल्ली । विज्ञानियों ने शरीर के इम्यून सिस्टम(रोग प्रतिरोधक क्षमता) में बदलाव लाने में कामयाबी हासिल की है। यह खबर किडनी रोगियों के लिए उत्साह जगाने वाली है। अब किसी भी रक्त ग्रुप के व्यक्ति की किडनी को रोगी को प्रत्यारोपित किया जा सकेगा। इसके लिए यूनिर्विसटी ऑफ पेंसिलवेनिया के पेरेलमैन स्वूâल ऑफ मेडिसिन के किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ जेप्रâी बन्र्स ने नई विधि को सेंसीटाइजेशन(संवदेनशीलता को न्यूनतम करना) कहा है। इससे लाखों लोगों का जीवन बचाना संभव हो सकेगा।
जानकारी के अनुसार शोध में बताया गया कि रोगी का इम्यून सिस्टम बदल कर उसे किसी भी व्यक्ति की किडनी प्रत्यारोपित की जा सकती है। अभी तक समान रक्त ग्रुप के व्यक्ति की किडनी का ही प्रत्यारोपण संभव है। जॉन हापिंकस यूनिर्विसटी स्वूâल ऑफ मेडिसिन के सर्जन और मुख्य शोधकर्ता डॉ डोरी सेगेव ने बताया कि शरीर में मौजूद एंटाबॉडीज बाहरी अंग को नकार देती हैं, उस पर हमला करती हैं। प्रत्यारोपण के बाद डिसेंसीटाइजेशन प्रक्रिया में पहले रोगी के रक्त को फिल्टर करके एंटीबॉडीज को बाहर निकाला जाता है। इसके बाद शरीर में दूसरी एंटाबॉडीज डाली जाती हैं ताकि कुछ बचाव हो सके । इसी बीच शरीर का इम्यून सिस्टम कुछ और एंटीबॉडीज का निर्माण कर लेता है लेकिन वे इतनी सशक्त नहीं होतीं कि नए अंग पर हमला कर सवेंâ। हालांकि विज्ञानी अभी यह बताने में सक्षम नहीं हो पाए कि ऐसा क्यों होता है।