बैक्टीरिया को आक्रामक बनाता है धूम्रपान


न्यूयार्वâ। एक ताजा शोध में बताया गया है कि शरीर में उपस्थित एण्टी बायोटिक प्रतिरोधी एमआरएसए जीवाणु सिगरेट पीने से आवरण से बाहर निकलकर और अधिक आक्रामक हो जाते है तथा ड्रम्यून सिस्टम (रोगप्रतिरोधी प्रणाली) को नष्ट करके एण्टी बायोटिक के प्रति और अधिक प्रतिरोधी हो जाते है। मेथिलीन रेसिस्टेंट स्टेफिलो का कसआरस जीवाणु से त्वचा की बीमारी, घाव में संक्रमण तथा निमोनिया का खतरा उत्पन्न हो जाता है। वैâलीफोर्निया विश्वविधालय सेन डिएगो के शोधकर्ता एवं शोधके लेखक ई क्रोटो अलेक्जेण्डर ने बताया कि हमें पहले से पता है कि सिगरेट पीन से मनुष्य की श्वसन एवं प्रतिरोधी कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होती है। एवं अब हमने प्रदर्शित किया है। कि धूम्रपान आक्रमणकारी जीवाणु को संक्रिय होने में सहायक होता है तथा उन्हें और अधिक आक्रामक बना देता है।