पेनकिलर से संवेदना घटने का खतरा


पेनकिलर से आपकी संवेदना घटने का खतरा हो सकता है। मामूली पीड़ा जैसे सिरदर्द, मांसपेशियों की अकडन, आर्थराइटिस, पीठ दर्द, ठंड और बुखार के दौरान सेवन करने वाली दवाओं का सेवन इसकी वजह है। यह बात एक शोध के बाद सामने आई है।
जानकारी के अनुसार शोध सोशल कॉाqग्नटिव एंड एपेâाqक्टव न्यूरोसाइंस में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं में से एक ओहियो स्टेट युनिर्विसटी के डोमिनिक मिसचोकोवस्की ने कहा, एसेटेमिनोपेâन एक दर्दनिवारक के रूप में काम करता है, साथ ही यह संवेदना को भी घटा देता है। इस शोध के निष्कर्षो से पता चलता है कि जिन प्रतिभागियों ने एसेटेमिनोपेâन युक्त दर्दनिवारक ताईनेलोन लिया था, उन्हें जब दूसरों के दुर्भाग्य के बारे में जानकारी दी गई तो उन्होंने, जिन्हें दर्दनिवारक दवा नहीं दी गई, के मुकाबले उनके दुख-दर्द के बारे में कम परवाह की और ऐसा सोचा कि इनसे उन्हें कम दर्द हुआ होगा। मिसचोकोवस्की आगे कहते हैं, हमारे निष्कर्षो से पता चला है कि जब आप दर्दनिवारक दवा लेते हैं तो आपको दूसरों के दुख दर्द की परवाह नहीं होती है। मिसचोकोवस्की बताते हैं, संवेदना बेहद महत्वपूर्ण है। अगर आपकी अपने जीवनसाथी के साथ किसी बात पर बहस होती है और आप ठीक उसके बाद एसेटेमिनोपेâन ले लेते हैं, तो हमारे शोध से पता चलता है कि आपने अपने जीवनसाथी भी भावनाओं को क्या चोट पहुंचाई है, इसकी आपको खबर होने की संभावना कम है। पिछले शोधों से यह जानकारी भी मिली है कि एसेटेमिनोपेâन हमारे सकारात्मक भावनाओं को भी बाधित करता है जैसे हर्ष या उल्लास आदि। इस शोध के दौरान कॉलेज के ८० विद्र्यािथयों के साथ प्रयोग किया गया। उनमें से आधे विद्र्यािथयों को पानी पीने को दिया गया, जिसमें १,००० मिलीग्राम एसेटेमिनोपेâन डाला गया था। जबकि विद्र्यािथयों के आधे समूह को प्लेसबो (झूठ-मूठ की दवा) दी गई, जिसमें किसी दवा की मिलावट नहीं थी। उन विद्र्यािथयों को यह पता नहीं था कि वे किस समूह में हैं। एक घंटे के इंतजार के बाद जब उन पर दवाइयों का असर होने लगा, तो उन्हें आठ छोटी कहानियां सुनाई गई, जिसमें कोई न कोई दुख-दर्द से बेहाल था। जिन प्रतिभागियों ने एसेटेमिनोपेâन लिया था, उन्होंने कहानी के पात्रों के दुख दर्द को काफी कम रेिंटग दी। जबकि जिन लोगों को प्लेसबो दी गई थी, उन्होंने दुख दर्द को ज्यादा रेिंटग दी।