नई धातु से ज्यादा मजबूत होगा प्रत्यारोपित घुटना


वािंशगटन। कृत्रिम घुटने और जोड़ों के प्रत्यारोपण की दिशा में शोर्धािथयों को बड़ी कामयाबी मिली है। उन्होंने टाइटेनियम और इसकी अन्य मिस्र धातुओं के मुकाबले चार गुना तक मजबूत मिस्र धातु का पता लगाया है। टाइटेनियम और सोने से बनी इस मिस्र धातु की मदद से ज्यादा मजबूत और जैविक रूप से टिकाऊ कृत्रिम अंग बनाना संभव होगा। शोधकर्ताओं के अनुसार घुटने और वूâल्हे के जोड़ों के प्रत्यारोपण में टाइटेनियम की अहम भूमिका रहती है। इसका मुख्य कारण टाइटेनियम की मजबूती और इसका गैर हानिकारक होना है।अमेरिका की राइस यूनिर्विसटी की शोधकर्ता एमिलिया मोरोसन ने बताया कि नई खोजी गई मिस्र धातु की परमाणु संरचना खास तरह की है। इसके परमाणु घन आकार की क्रिस्टलीय संरचना में बंधे होते हैं। इस संरचना का संबंध किसी पदार्थ की कठोरता से होता है। मोरोसन ने कहा, ’’आमतौर पर किसी भी धातु या मिस्र धातु की संरचना और मजबूती को समझने के लिए हम उसे पीसते हैं। टाइटेनियम-सोने की यह मिस्र धातु इतनी मजबूत है कि हम इसे पीस नहीं सके।’’