तनाव से रहें दूर, हो सकता है डिमेंशिया


नई दिल्ली। व्यस्त दिनचर्या और भागदौड़ भरी जिंदगी में कुछ न कुछ ऐसा होता ही रहता है जिसकी वजह से तनाव या चिंता हो ही जाती है। फलस्वरूप इससे तरह-तरह की बीमारियों का शिकार हो जाना पड़ता है। तनावपूर्ण दिनचर्या के प्रभाव जितना आपके शरीर पर पड़ता है उतना ही उसका प्रभाव आपके मानसिक स्तर और स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। हाल के एक अनुसंधान से ये पता चला है कि िंचता और तनाव के अवस्था में रहते-रहते आप अवसादग्रस्त और डिमेंशिया के शिकार हो सकते हैं। अधिकतर लोग अपने जीवन से िंचता और तनाव को दूर करने के उपाय ढूंढ़ते रहते हैं लेकिन इसी िंचता को दूर करते-करते वह अवसाद और डिमेंशिया का शिकार हो जाते हैं। यूनिर्विसटी ऑफ टोरंटो के सहायक प्रोपेâसर िंलडा माह के अनुसार, `लंबे समय तक िंचता, भय, तनाव की ाqस्थति में माqस्तष्क की तंत्रिका गतिविधि प्रभावित होती है जिसकी वजह से मानसिक विकार, अवसाद और अल्जाइमर रोग होने की संभावना रहती है।’
शोर्धािथयों के मुताबिक ‘सामान्य ाqस्थतियों में िंचता और तनाव िंजदगी के आम हिस्से के रूप में जाना जाता है लेकिन अगर यह बार-बार और लंबे समय तक रहता है तो इससे दिनचर्या की सामान्य गतिविधियां प्रभावित होती हैं। लंबे समय तक यह समस्या रहने से व्यक्ति मानसिक रोग का शिकार हो सकता है। इसलिए सबसे ज्यादा ़जरूरी है कि आप खुद कोतनावमुक्त रखने के लिए ़जरूरी एहतियात बरतें, जैसे- अपने लिए थोड़ा समय निकालें, रो़ज नियमित रूप से योग और मेडिटेशन करें, सुबह वाक पर जायें, परिवार के साथ समय बितायें।