गर्भावस्था में महिलाएँ न करें सौंदर्य प्रसाधन का इस्तेमाल


न्यूयॉर्वâ। गर्भावस्था के दौरान व्यक्तिगत देखभाल के उत्पादों जैसे साबुन या लोशन का प्रयोग करने से नवजात शिशुओं में प्रतिवूâल प्रजनन प्रभाव हो सकता है। एक शोध के निष्कर्षो से पता चला है कि जो महिलाएं अधिक कॉस्मेटिक्स का प्रयोग करती हैं, खासतौर से ऐसे कॉस्मेटिक्स, जिनमें बूटयूल पाराबेन का स्तर अधिक है, तो इसके कारण समय पूर्व प्रसव, नवजात का अधिक वजन, नवजात की लंबाई कम होना जैसी समस्याएं हो सकती है। बूटयूल पारबेन सामान्यत: कास्मेटिक को खराब होने से बचाने के लिए प्रयोग किया जाता है। अमेरिका के न्यूयॉर्वâ की सनी डाउनसाइड मेडिकल सेंटर की लौरा गीर का कहना है, एंटीमाइक्रोबियल वंâपाउंड ट्राइक्लोकार्बन जो ज्यादातर साबुनों में मिलाया जाता है, उसके कारण समयपूर्व प्रसव की समस्या हो सकती है। एक दूसरा रसायन जो सामान्य रूप से लोशन और क्रीम में मिलाया जाता है, वह है प्रोपेल पाराबेन। यह नवजात की लंबाई घटा सकता है। गीर आगे बताती हैं, हमारे शोध से पता चलता है कि एंडोक्राइन को बिगाड़ने वाले यौगिक से पशुओं और मनुष्यों में प्रजनन संबंधी समस्याएं विकसित हो सकती हैं। गीर कहती हैं, नए साक्ष्यों को देखते हुए उपभोक्ता उत्पादों में इन रसायनों के इस्तेमाल का पुर्नमूल्यांकन करना चाहिए।