खून की सामान्य जांच से किडनी की बीमारियों का चल जाएगा पता


ब्रिटेन । खून की सामान्य जांच से २० साल पहले ही इस बात का पता किया जा सकेगा कि क्या कोई व्यक्ति किडनी की बीमारी की चपेट में है या नहीं। किडनी की बीमारी से अकेले ब्रिटेन में ही एक साल में ४५ हजार लोगों की मौत हो जाती है। ९,००० लोगों के अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों में माइटोकॉाqन्ड्रयल डीएनए का स्तर उच्च होता है, उन लोगों में किडनी बीमारी होने का जोखिम कम होता है। वहीं, जिन लोगों में माइटोकॉाqन्ड्रयल डीएनए का स्तर कम होता है, उनमें किडनी की बीमारी होने की आशंका अधिक होती है। यह जानकारी जर्नल ऑफ द अमेरिकन सोसाइटी ऑफ नेप्रâोलॉजी में प्रकाशित की गई है। इस जानकारी के सामने आने के बाद सीकेडी नाम की बीमारी का सामना करने में मदद मिल सकेगी। लंग और ब्रेस्ट वैंâसर से अधिक मौतें सीकेडी के कारण होती हैं। संभावित मरीज स्मोिंकग, पैâटी और अधिक शुगर वाले भोजन, अधिक शराब पीने, कई दर्द निवारक दवाओं का सेवन को कम करके इससे बच सकते हैं। साथ ही उन्हें पर्याप्त मात्रा में एक्सरसाइज करनी चाहिए। अकेले इंग्लैंड में ही करीब १८ लाख लोगों को इस बीमारी से ग्रसित पाया गया है। वहीं लाखों ऐसे मामले हो सकते हैं, जिनमें बीमारी का अभी पता नहीं चला हो। इस बीमारी में किडनी खून से बेकार पदार्थों को प्रभावी रूप से फिल्टर नहीं कर पाती हैं।