कैंसर इलाज हेतु ‘नैनो टेक्नालोजी’ मील का पत्थर


अलीगढ़ । अलीगढ़ मुाqस्लम विश्वविद्यालय के एप्लाइड फिजिक्स विभाग की ओर से ओहियो स्टेट यूनिर्विसटी व सीईईआरआइ पिलानी के सहयोग से ‘नैनो टेक्नालोजी एंड स्टेम ईआर’ पर चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांप्रेंâस में दूसरे दिन भी विशेषज्ञों ने नैनो टेक्नोलॉजी से रूबरू कराया। उनका कहना है कि किस तरह नैनो वैंâसर सेल को नष्ट करने में सार्थक साबित हुआ है। भविष्य में वैंâसर के इलाज में नैनो टेक्नलॉजी मील का पत्थर साबित होगी। इस पर काम चल रहा है। जेएन मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में चल रही कांप्रेंâस के शुरुआत में ओहियो स्टेट यूनिर्विसटी (ओएसयू) की प्रो. सुल्ताना एन. नाहर ने नैनो टेक्नोलॉजी की कुछ दिलचस्प बातें बताई। ओएसयू के ही प्रो. अनिल के. प्रधान ने ‘एक्सरे नैनो टेक्नोलॉजी फॉर वैंâसर ट्रीटमेंट’ पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि गोल्ड नैनो र्पािटकल्स को एक्स-रेज से एाqक्टवेट करके वैंâसर सेल को नष्ट किया जा सकता है। एएमयू में एक के बाद एक शोध कर नैनो को पहचान दिलाने वाले डॉ. ब्रजराज िंसह ने भी कुछ विशेष बातें बताई। देश-विदेश के नैनो विशेषज्ञ व छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बहुत से नैनो वंâपोजिट मैटेरियल ग्रेफिन के साथ तैयार किए हैं, जो वैंâसर पैदा करने वाले डाइज को नष्ट करते हैं। एएमयू के ही डॉ. इमरान उद्दीन ने नैनो र्पािटकल्स पर प्रजेंटेशन दिया। अलीगढ़ मुाqस्लम विश्वविद्यालय के फिल्म क्लब की ओर से नौवां अंतरराष्ट्रीय फिल्म पेâाqस्टवल (फिल्मसाज- २०१६) सोमवार से एएमयू पॉलीटोqक्नक में शुरू होगा। १६ मार्च तक चलने वाले इस समारोह का शुभारंभ अपरान्ह तीन बजे होगा। फिल्मसाज-२०१६ में मुख्य अतिथि के बतौर मशहूर फिल्म निदेशक निशिकांत ठाकुर को आमंत्रित किया गया है। फिल्म क्लब के सचिव साहिल कौसर खान ने इस पर कहा कि इस आयोजन में १०२ देशों से १७५० प्रविाqष्टयां आई हैं।