किशोरों में ऐसे बढ़ती है धूम्रपान की आदत!


वाशिंगटन। अगर किशोर आपको नशे की ओर आर्किषत होते दिख रहे हैं तो उन्हें नशे से दूर रखने के लिए उन्हें दंडित करने के बजाय उनकी काउंसििंलग करना ज्यादा प्रभावकारी होगा। एक अध्ययन में पता चला है कि मरिजुआना के प्रयोग के कारण बच्चों को स्वूâल से निलंबित करने की सजा देने से उनके सहपाठियों में धूम्रपान की आदत घटने के बजाय बढ़ने की संभावना ज्यादा होती है। जबकि परामर्श का किशोरों पर सही प्रभाव पड़ता है। शोध के परिणामों के अनुसार अवैध मादक पदार्थो पर प्रतिबंध की नीति वाले स्वूâलों में पढ़ने वाले छात्रों में मादक पदार्थो के उपयोग की संभावना, ऐसी नीतियां न रखने वाले स्वूâलों की तुलना में १.६ फीसदी अधिक थी। एक अध्ययन के मुताबिक मरिजुआना के प्रयोग को रोकने में काउंसििंलग ज्यादा प्रभावी थी। युनिर्विसटी ऑफ वािंशगटन में एक ने बताया कि यह हमारे लिए आश्चर्य की बात थी। उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि निलंबन का निवारक प्रभाव नहीं पड़ रहा बाqल्क इसका उलटा असर है। शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन स्वूâलों में धूम्रपान करने वाले छात्रों को परामर्शदाता के पास भेजे जाने की नीति थी, उनके छात्रों में मरिजुआना का प्रयोग लगभग ५० फीसदी कम था।