काली मिर्च खाने से स्वाइन फ्लू नहीं करता है अटैक


भोपाल। स्वाइन फ्लू के वायरस से खुद को अगर सुरक्षित रखना है तो आयुर्वेद में इसके बहुत ही सरल और सस्ते उपाए हैं। प्रतिदिन नीम की पत्ती के साथ काली मिर्च का बीड़ा बनाकर खाने से स्वाइन फ्लू का वायरस अटैक नहीं करता। नीम की पत्ती के साथ काली मिर्च का सेवन करने से इम्यून पॉवर बढ़ती है। इम्यून पॉवर बढ़ने पर किसी भी तरह के संक्रमण के पैâलने की आशंका बहुत ही कम हो जाती है। स्वाइन फ्लू को आयुर्वेद की भाषा में वात्स्लेसमिक ज्वर कहा जाता है, जो वायु व कफ की वजह से होता है इसके मरीज को आयुर्वेद में सोंठ, काली मिर्च, तुलसी का काढ़ा बनाकर पिलाया जाता है स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा एच १-एन १ वायरस के कारण होता है यह वायरस श्वसन तंत्र पर सबसे पहले अटैक करता है। इससे यह रोग जानलेवा हो जाता है। एलोपैथी में स्वाइन फ्लू के मरीजों को टेमीफ्लू दवा दी जाती है
होम्योपैथी में स्वाइन फ्लू के उपचार के लिए सेंट्रल कौंसिल ऑफ होम्योपैथी दिल्ली में रिसर्च हुआ था। होम्योपैथी में लक्षणों के आधार पर दवा दी जाती है शुरुआत में लक्षण सामने आने पर आर्सेनिक एल्वम-३० दवा दी जाती है